नवग्रहों को शांत करने के 9 अचूक उपाय, बदल सकती है किस्मत

धर्म डेस्क। वैदिक ज्योतिष में नौ ग्रहों को जीवन की दिशा और दशा को प्रभावित करने वाला माना गया है। जब ये ग्रह अनुकूल होते हैं तो सफलता, स्वास्थ्य और समृद्धि मिलती है, लेकिन प्रतिकूल स्थिति में बाधाएं, तनाव और आर्थिक परेशानियां बढ़ सकती हैं। ज्योतिष शास्त्र में नवग्रहों को संतुलित रखने के लिए मंत्र, दान, सेवा और साधना जैसे सरल उपाय बताए गए हैं।

सूर्य देव को मजबूत करने के लिए

सूर्य आत्मविश्वास, नेतृत्व और ऊर्जा का कारक है। प्रतिदिन सुबह तांबे के पात्र से जल अर्पित करना शुभ माना जाता है। जल में लाल पुष्प या रोली मिलाकर अर्घ्य दें और “ॐ सूर्याय नमः” का जाप करें। इससे व्यक्तित्व में तेज और सरकारी कार्यों में सफलता मिलती है।

चंद्रमा को शांत रखने के उपाय

चंद्रमा मन और भावनाओं से जुड़ा ग्रह है। सोमवार को शिवलिंग पर दूध और जल अर्पित करना लाभकारी माना जाता है। माता की सेवा और चावल या दूध का दान भी मानसिक शांति दिलाता है।

मंगल के लिए उपाय

मंगल साहस, भूमि और शक्ति का प्रतिनिधित्व करता है। मंगलवार को हनुमान जी की आराधना और हनुमान चालीसा का पाठ शुभ फल देता है। बंदरों या गाय को गुड़-चना खिलाना भी मंगल दोष को कम करने में सहायक माना जाता है।

बुध को अनुकूल बनाने के लिए

बुध बुद्धि, वाणी और व्यापार से संबंधित है। बुधवार को गणेश जी की पूजा करें। हरी वस्तुएं जैसे मूंग की दाल या हरी घास गाय को खिलाना लाभदायक होता है।

बृहस्पति की कृपा पाने के लिए

गुरु ज्ञान, धर्म और विवाह का कारक है। गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा करें। पीले वस्त्र धारण करना और पीपल के वृक्ष में जल अर्पित करना शुभ माना गया है। जरूरतमंदों को पीली दाल का दान भी लाभ देता है।

शुक्र को प्रसन्न करने के उपाय

शुक्र भौतिक सुख-सुविधा और वैवाहिक जीवन से जुड़ा है। शुक्रवार को मां लक्ष्मी की पूजा करें और सफेद वस्तुओं जैसे दही, चीनी या चावल का दान करें। इससे आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है।

शनि की शांति के लिए

शनि कर्म और न्याय का प्रतीक है। शनिवार को सरसों के तेल का दीपक जलाना और जरूरतमंदों की सहायता करना शुभ फल देता है। श्रमजीवियों और बुजुर्गों की सेवा भी शनि को शांत करने का प्रभावी उपाय माना जाता है।

राहु के उपाय

राहु अचानक आने वाली बाधाओं और भ्रम का कारण बन सकता है। कुत्ते को रोटी खिलाना या नारियल को बहते जल में प्रवाहित करना शुभ माना जाता है। धैर्य और संयम भी राहु के प्रभाव को कम करते हैं।

केतु की शांति के लिए

केतु आध्यात्म और मोक्ष का कारक है। भैरव जी की उपासना करना लाभकारी होता है। काले-सफेद कुत्ते को भोजन कराना और जरूरतमंदों को कंबल दान करना भी शुभ फल देता है।

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