एरियर कैसे बनता है?
एरियर का गणित सीधा है। सबसे पहले नई बेसिक पे और पुरानी बेसिक पे का अंतर निकाला जाता है। इसके बाद इस अंतर को उन महीनों की संख्या से गुणा किया जाता है जिनके लिए भुगतान बकाया है। इसके साथ ही भत्तों जैसे DA, HRA और ट्रांसपोर्ट अलाउंस का अंतर भी जोड़ा जाता है।
8वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.86 से 3.0 के बीच रहने की संभावना है। इसका मतलब यह है कि मौजूदा बेसिक सैलरी लगभग 2.9 गुना तक बढ़ सकती है।
अनुमानित एरियर (जनवरी 2026 से दिसंबर 2026 तक)
ग्रुप A: 7वें वेतन आयोग बेसिक पे – ₹56,100 | अनुमानित नई बेसिक पे – ₹1,60,000 | मासिक अंतर – ₹1,03,900 | 12 महीने का एरियर (बेसिक + DA) – ₹12.46 लाख
ग्रुप B: 7वें वेतन आयोग बेसिक पे – ₹35,400 | अनुमानित नई बेसिक पे – ₹1,00,000 | मासिक अंतर – ₹64,600 | 12 महीने का एरियर (बेसिक + DA) – ₹7.75 लाख
ग्रुप C: 7वें वेतन आयोग बेसिक पे – ₹25,500 | अनुमानित नई बेसिक पे – ₹72,000 | मासिक अंतर – ₹46,500 | 12 महीने का एरियर (बेसिक + DA) – ₹5.58 लाख
ग्रुप D: 7वें वेतन आयोग बेसिक पे – ₹18,000 | अनुमानित नई बेसिक पे – ₹52,000 | मासिक अंतर – ₹34,000 | 12 महीने का एरियर (बेसिक + DA) – ₹4.08 लाख
यदि फिटमेंट फैक्टर 3.0 से ऊपर जाता है, तो बेसिक पे और बढ़ेगी, जिससे एरियर की रकम भी बढ़ जाएगी। साथ ही, DA हर छह महीने में रिवाइज होता है और नया DA नए बेसिक पर लागू होगा। HRA और ट्रांसपोर्ट अलाउंस भी नए बेसिक के अनुसार दोबारा कैलकुलेट होंगे।
हालांकि, अभी तक 8वें वेतन आयोग की औपचारिक घोषणा, लागू होने की तिथि और फिटमेंट फैक्टर को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए सभी आंकड़े अनुमान और संभावनाओं पर आधारित हैं। फिलहाल, केंद्रीय कर्मचारियों की नजर सरकार के अगले फैसले पर टिकी है। यदि सिफारिशें अपेक्षा के अनुरूप लागू होती हैं, तो 2027 की शुरुआत उनके लिए बड़ी वित्तीय खुशखबरी लेकर आ सकती है।
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