मोदी सरकार का बड़ा फैसला, इन 3 राज्यों के लिए खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने बुनियादी ढांचे को मजबूती देने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए महाराष्ट्र, गुजरात और तेलंगाना में 11 हजार करोड़ रुपये से अधिक की सड़क परियोजनाओं को स्वीकृति दी है। यह निर्णय प्रधानमंत्री की पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत लिया गया है। इन परियोजनाओं को आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने मंजूरी दी, जिससे तीनों राज्यों में कनेक्टिविटी और औद्योगिक गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है।

महाराष्ट्र: औद्योगिक क्षेत्रों को मिलेगा सीधा लाभ

महाराष्ट्र में राष्ट्रीय राजमार्ग-160ए के घोटी-त्र्यंबक (मोखाडा)-जवाहर-मनोर-पालघर खंड के उन्नयन और पुनर्विकास को हरी झंडी दी गई है। करीब 3,320 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह लगभग 155 किलोमीटर लंबा मार्ग अभियांत्रिकी, खरीद और निर्माण पद्धति के तहत तैयार होगा।

यह सड़क नासिक के पश्चिमी हिस्से को बेहतर संपर्क देगी, जहां अंबड और सतपुर जैसे बड़े औद्योगिक क्षेत्र स्थित हैं। यहां से भारी मात्रा में माल की ढुलाई होती है। परियोजना पूरी होने पर औद्योगिक इकाइयों को तेज और सुगम परिवहन सुविधा मिलेगी। साथ ही कई आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक केंद्रों तक पहुंच आसान होगी।

गुजरात: यात्रा समय में बड़ी कटौती

गुजरात में लगभग 4,584 करोड़ रुपये की लागत से राष्ट्रीय राजमार्ग-56 के कुछ हिस्सों को चार लेन में विकसित किया जाएगा। यह मार्ग राजस्थान से शुरू होकर मध्य प्रदेश और गुजरात से गुजरता है तथा वापी के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-48 से जुड़ता है।

करीब 108 किलोमीटर लंबे इस खंड के उन्नयन से वाहन तेज गति से चल सकेंगे। अनुमान है कि यात्रा समय में लगभग 40 प्रतिशत तक कमी आएगी। जहां अभी सफर में ढाई घंटे लगते हैं, वहीं परियोजना पूरी होने के बाद यह समय घटकर करीब डेढ़ घंटे रह जाएगा। इससे व्यापार, पर्यटन और स्थानीय आवागमन को सीधा लाभ मिलेगा।

तेलंगाना: आर्थिक गलियारे को मजबूती

तेलंगाना में हैदराबाद-पणजी आर्थिक गलियारे के अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-167 के गुडेबेलूर-महबूबनगर खंड को चौड़ा करने की मंजूरी दी गई है। लगभग 3,175 करोड़ रुपये के निवेश से 80 किलोमीटर लंबे इस मार्ग को चार लेन मानक तक विकसित किया जाएगा।

यह परियोजना संकर वार्षिकी पद्धति के तहत बनाई जाएगी। इसके पूरा होने से नारायणपेट और महबूबनगर जिलों में यातायात दबाव कम होगा और क्षेत्रीय संपर्क बेहतर होगा। औद्योगिक और कृषि उत्पादों की ढुलाई अधिक सुगम बनेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

विकास की रफ्तार होगी तेज

इन तीनों राज्यों में स्वीकृत परियोजनाएं केवल सड़क निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि व्यापक आर्थिक विकास की आधारशिला मानी जा रही हैं। बेहतर सड़कों से निवेश आकर्षित होगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और परिवहन लागत घटेगी। सरकार का मानना है कि समन्वित योजना और तेज क्रियान्वयन से देश की लॉजिस्टिक क्षमता मजबूत होगी।

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