कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, अब पेंशन के साथ मिलेगा हेल्थ कवर?

नई दिल्ली। कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। अब रिटायरमेंट के बाद केवल मासिक पेंशन ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सुरक्षा की सुविधा भी साथ मिलने की तैयारी है। बढ़ती उम्र में इलाज का खर्च अक्सर सबसे बड़ी चिंता बन जाता है। इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए पेंशन नियामक पेंशन फंड नियामक एवं विकास प्राधिकरण ने नई पहल शुरू की है।

पेंशन के साथ स्वास्थ्य सुरक्षा

प्राधिकरण के अध्यक्ष एस. रमन के अनुसार, ऐसी पेंशन योजनाओं पर काम हो रहा है जिनमें नियमित आय के साथ स्वास्थ्य बीमा की सुविधा भी जुड़ी होगी। मकसद यह है कि बुजुर्ग अवस्था में इलाज के लिए अलग से परेशान न होना पड़े और चिकित्सा खर्च के लिए पहले से सुरक्षित व्यवस्था रहे।

तीन बड़े पेंशन कोष जुटे तैयारी में

इस नई व्यवस्था को लागू करने के लिए देश के प्रमुख पेंशन कोष आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल पेंशन फंड, एक्सिस पेंशन फंड और टाटा पेंशन मैनेजमेंट तेजी से योजना तैयार कर रहे हैं। ये संस्थाएं या तो सीधे अस्पतालों से समझौता करेंगी या फिर बीमा कंपनियों के साथ मिलकर ऐसा उत्पाद लाएंगी, जिसमें बचत और स्वास्थ्य सुरक्षा दोनों का लाभ एक साथ मिल सके। संभावना है कि सबसे पहले आईसीआईसीआई समूह अपनी योजना पेश करे।

‘स्वास्थ्य’ मंच की खास व्यवस्था

नियामक ने हाल ही में ‘स्वास्थ्य’ नाम से एक विशेष व्यवस्था शुरू की है। इसके तहत पेंशनधारक अपनी कुल राशि का एक हिस्सा विशेष रूप से इलाज के लिए सुरक्षित रख सकेंगे। यह राशि केवल चिकित्सा जरूरतों पर ही खर्च की जा सकेगी। उद्देश्य यह है कि बीमारी की स्थिति में आर्थिक बोझ कम हो और किसी पर निर्भर न रहना पड़े।

आम लोगों को कैसे मिलेगा लाभ?

चूंकि राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली से बड़ी संख्या में लोग जुड़े हैं, इसलिए सामूहिक शक्ति का लाभ उठाकर सस्ता अतिरिक्त बीमा कवर उपलब्ध कराने की योजना है। अस्पतालों के साथ समझौते कर उपचार दरें भी नियंत्रित की जा सकती हैं। एक और अहम पहल यह है कि मरीज के अस्पताल से छुट्टी मिलते ही भुगतान की प्रक्रिया तुरंत पूरी हो, जिससे इलाज में कोई बाधा न आए।

बेहतर लाभ के लिए निवेश का विस्तार

पेंशन कोष के निवेश के दायरे को भी बढ़ाया जा रहा है। अब धनराशि केवल परंपरागत साधनों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि सोना, चांदी, अचल संपत्ति और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में भी निवेश की योजना है। इससे दीर्घकाल में बेहतर प्रतिफल मिलने की संभावना बढ़ेगी।

डिजिटल सुविधा से पेंशन का आसान जुड़ाव

नियामक संस्था भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम के साथ भी बातचीत कर रही है, ताकि लोग मोबाइल और डिजिटल माध्यम से आसानी से पेंशन योजनाओं से जुड़ सकें। इसके अलावा कुछ बैंक और बैंक समूह भी पेंशन कोष के क्षेत्र में उतरने की इच्छा जता चुके हैं, जिनमें एक्सिस बैंक, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन बैंक और स्टार यूनियन दाइ-इची लाइफ इंश्योरेंस शामिल हैं। यदि यह योजना सफल रहती है तो आने वाले समय में पेंशन केवल आय का साधन नहीं, बल्कि संपूर्ण सामाजिक सुरक्षा का आधार बन सकती है।

0 comments:

Post a Comment