बिहार में इन अफसरों की खैर नहीं, सरकार ने दिए FIR के आदेश

पटना। बिहार सरकार ने राज्य में हड़ताली अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने स्पष्ट किया है कि काम पर लौटने वाले अधिकारियों को धमकाने या उनके काम में बाधा डालने वाले किसी भी संघ नेता या पदाधिकारी के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई और प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाएगी।

विभाग की चेतावनी

प्रधान सचिव सीके अनिल ने सभी जिलाधिकारियों को निर्देश दिया है कि ऐसे मामलों में तुरंत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। सरकार ने इसे सेवा नियमों का उल्लंघन और गंभीर आपराधिक कृत्य दोनों माना है।

किन धाराओं के तहत कार्रवाई

जिन अधिकारियों ने हड़ताल के दौरान अपने सहकर्मियों को व्हाट्सएप या सोशल मीडिया के माध्यम से धमकाया, उन पर भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 126, 127, 132, 195, 349, 350, 351, 352 के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इसके साथ ही आईटी एक्ट, 2000 की धारा 67 के तहत भी कार्रवाई की जाएगी।

हड़ताली अधिकारियों पर दबाव

सरकारी सख्ती के बाद अब तक 24 अधिकारी काम पर लौट चुके हैं। गैर-हड़ताली अधिकारियों को अतिरिक्त जिम्मेदारी देकर प्रशासनिक कामकाज जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं। विभाग ने सभी डीएम को कहा है कि ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई करें और रिपोर्ट विभाग को भेजें।

उपमुख्यमंत्री का बयान, होगी कार्रवाई

उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक अनुशासन से समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि काम पर लौटे ईमानदार अधिकारियों को धमकाना सिर्फ कायरता नहीं, बल्कि गंभीर आपराधिक कृत्य है। ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

0 comments:

Post a Comment