बिहार सरकार का फैसला, किसानों के लिए 3 बड़ी खुशखबरी, टेंशन दूर

पटना। बिहार के किसानों के लिए सरकार ने खरीफ फसलों की सिंचाई को लेकर राहत भरा कदम उठाया है। डीजल पंपसेट से खेतों की सिंचाई करने वाले किसानों को डीजल पर अनुदान दिया जाएगा। इससे महंगे डीजल के कारण बढ़ने वाला खेती का खर्च कुछ कम करने में मदद मिलेगी।

पहली खुशखबरी: हर सिंचाई पर मिलेगा अनुदान

सरकार की योजना के तहत किसानों को प्रति एकड़, प्रति सिंचाई 750 रुपये की दर से डीजल अनुदान दिया जाएगा। धान के बिचड़े और जूट की फसल के लिए अधिकतम दो सिंचाई पर कुल 1,500 रुपये प्रति एकड़ तक सहायता मिल सकती है। वहीं धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों जैसे दलहन, तिलहन, मौसमी सब्जियों, औषधीय एवं सुगंधित पौधों के लिए अधिकतम तीन सिंचाई पर 2,250 रुपये प्रति एकड़ तक अनुदान का प्रावधान है।

दूसरी खुशखबरी: 8 एकड़ तक मिलेगा लाभ

एक किसान को अधिकतम 8 एकड़ भूमि के लिए डीजल अनुदान दिया जाएगा। योजना का लाभ परिवार के केवल एक सदस्य को मिलेगा। खास बात यह है कि रैयत के साथ-साथ दूसरे की जमीन पर खेती करने वाले गैर-रैयत किसान भी निर्धारित प्रक्रिया पूरी करके इसका लाभ ले सकते हैं। रैयत किसानों को आवेदन के दौरान लगान रसीद देनी होगी। वहीं गैर-रैयत किसानों की खेती की पुष्टि संबंधित पंचायत प्रतिनिधि और कृषि समन्वयक के माध्यम से की जाएगी।

तीसरी खुशखबरी: आवेदन के लिए डिजिटल व्यवस्था

अनुदान पाने के लिए किसानों को डीजल खरीदने की डिजिटल पावती सुरक्षित रखनी होगी। डीजल अधिकृत पेट्रोल पंप से ही खरीदा जाना चाहिए। पावती पर किसान की पहचान से जुड़ी जानकारी के साथ अंगूठे का निशान भी जरूरी होगा। इसके अलावा सिंचाई की जियो-टैगिंग वाली तस्वीर अपलोड करनी होगी। कृषि समन्वयक की ओर से यह जांच भी की जाएगी कि डीजल का इस्तेमाल वास्तव में खेत की सिंचाई में हुआ है।

इस योजना के तहत 30 अक्टूबर तक की खरीद मान्य

योजना के तहत 30 अक्टूबर 2026 तक सिंचाई के लिए खरीदे गए डीजल पर ही अनुदान का लाभ मिलेगा। किसान एक बार में एक ही पटवन के लिए आवेदन कर सकेंगे। राज्य के बाहर स्थित पेट्रोल पंप से खरीदे गए डीजल पर अनुदान नहीं मिलेगा।

इस योजना से खासकर उन किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो बारिश की कमी या समय पर पानी नहीं मिलने की स्थिति में डीजल पंपसेट से फसलों की सिंचाई करते हैं। इससे खरीफ सीजन में सिंचाई का खर्च घटाने और फसल बचाने में किसानों को मदद मिल सकती है।

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