करीब 3700 करोड़ रुपये की लागत
इस एक्सप्रेसवे को एक्सेस कंट्रोल्ड कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जाएगा। परियोजना पर लगभग 3700 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसे PPP मॉडल के तहत बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड के माध्यम से विकसित करने की योजना है।
8 घंटे का सफर हो सकता है 4 घंटे का
वर्तमान में बक्सर से भागलपुर पहुंचने में लंबा समय लगता है। नया एक्सप्रेसवे तैयार होने के बाद दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय करीब 8 घंटे से घटकर 4 घंटे तक आने की उम्मीद है। छह लेन की सड़क और नियंत्रित प्रवेश व्यवस्था के कारण सफर अधिक सुगम और तेज हो सकता है।
इन जिलों को मिलेगा फायदा
इस परियोजना से बिहार के बक्सर, अरवल, जहानाबाद, पटना, नालंदा, जमुई, मुंगेर और भागलपुर समेत आसपास के क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है। मोकामा क्षेत्र को भी इस कॉरिडोर से फायदा मिलने की संभावना है।
दिल्ली-NCR तक आसान होगा रास्ता
प्रस्तावित एक्सप्रेसवे को आगे उत्तर प्रदेश के प्रमुख एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने की योजना है। इससे बिहार से पूर्वांचल, आगरा-लखनऊ और यमुना एक्सप्रेसवे के रास्ते दिल्ली-NCR तक सड़क संपर्क और बेहतर हो सकता है। भविष्य में गंगा एक्सप्रेसवे के लिंक से भी इसे जोड़ने की संभावना बताई गई है।

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