44 गांवों से होकर गुजरेगा फोरलेन
प्रस्तावित सड़क सुलतानगंज से शुरू होकर सफियाबाद, बरियारपुर और घोरघट होते हुए मुंगेर तक जाएगी। यह मार्ग करीब 44 गांवों और विभिन्न इलाकों से होकर गुजरने की योजना है। परियोजना को हाइब्रिड एन्यूटी मॉडल पर विकसित किया जाएगा और निर्माण की जिम्मेदारी बिहार राज्य सड़क विकास निगम लिमिटेड को दी गई है।
पर्यावरण मंजूरी की प्रक्रिया शुरू
निर्माण शुरू करने से पहले पर्यावरण और वन संबंधी मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है। परियोजना के रास्ते में आने वाले 726 पेड़ों पर असर पड़ने का अनुमान है। इनमें 517 पेड़ों को हटाने और 209 पेड़ों को सुरक्षित तरीके से दूसरी जगह स्थानांतरित करने की योजना बताई गई है। इसके लिए वृक्ष संरक्षण योजना भी तैयार की गई है।
स्थानीय कारोबार को फायदा
बेहतर कनेक्टिविटी का असर आसपास के गांवों और बाजारों पर भी पड़ सकता है। परिवहन सुविधाएं बढ़ने से स्थानीय व्यापार, पर्यटन और रोजगार से जुड़ी गतिविधियों को गति मिलने की उम्मीद है। फिलहाल परियोजना पर्यावरण मंजूरी के चरण में है और मंजूरी मिलने के बाद निर्माण से जुड़ी अगली प्रक्रिया तेज होने की संभावना है।
मुंगेर को मिलेगा बाइपास
इस मरीन ड्राइव का एक बड़ा फायदा मुंगेर शहर को मिल सकता है। प्रस्तावित सड़क को श्रीकृष्ण सेतु से इंटरचेंज के जरिए जोड़ने की योजना है। इससे शहर के अंदर वाहनों का दबाव कम करने और उत्तरी बिहार की ओर जाने वाले यात्रियों को वैकल्पिक मार्ग देने में मदद मिलेगी।
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