410 किलोमीटर बढ़ेगी रेल क्षमता
इन चारों परियोजनाओं के पूरा होने के बाद रेलवे नेटवर्क में करीब 410 किलोमीटर अतिरिक्त क्षमता जुड़ने की उम्मीद है। सरकार का लक्ष्य इन योजनाओं को वर्ष 2030-31 तक पूरा करने का है। अधिक ट्रैक उपलब्ध होने से व्यस्त रूट पर ट्रेनों को चलाने में आसानी होगी और ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सकेगा।
किन रेल परियोजनाओं को मिली मंजूरी?
केंद्रीय कैबिनेट की मंजूरी के तहत खड़गपुर-भद्रक-रानीताल चौथी लाइन परियोजना पर करीब 3,352 करोड़ रुपये खर्च होंगे। वहीं भद्रक-हरिदासपुर चौथी लाइन के लिए लगभग 1,583 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। इसके अलावा गुम्मिडिपुंडी-गुडूर तीसरी और चौथी लाइन परियोजना पर करीब 2,229 करोड़ रुपये और कटक-पारादीप तीसरी और चौथी लाइन के लिए लगभग 2,286 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
यात्रियों के साथ माल ढुलाई को भी फायदा
नए ट्रैक बनने से सिर्फ यात्री ट्रेनों की आवाजाही ही बेहतर नहीं होगी, बल्कि मालगाड़ियों के संचालन के लिए भी अतिरिक्त क्षमता उपलब्ध होगी। इससे उद्योगों और व्यापारिक क्षेत्रों तक सामान पहुंचाने में तेजी आ सकती है। व्यस्त रेल मार्गों पर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने और परिचालन को अधिक सुचारु बनाने में भी इन परियोजनाओं की अहम भूमिका रहेगी।

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