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केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी! सितंबर में हो सकता है 3% DA हाइक का ऐलान

नई दिल्ली। केंद्रीय कर्मचारियों के लिए सितंबर का महीना अच्छी खबर लेकर आ सकता है। जुलाई 2026 से लागू होने वाले महंगाई भत्ते (DA) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है। अगर सरकार इसे मंजूरी देती है तो कर्मचारियों का DA मौजूदा 60% से बढ़कर 63% हो सकता है। केंद्रीय पेंशनर्स को भी DR में बढ़ोतरी का लाभ मिलने की संभावना है।

सितंबर के ऐलान पर टिकी नजर

केंद्र सरकार आमतौर पर साल में दो बार DA में संशोधन करती है। पहला संशोधन जनवरी और दूसरा जुलाई से प्रभावी माना जाता है। जनवरी 2026 में DA को 58% से बढ़ाकर 60% किया गया था। अब जुलाई 2026 की अगली बढ़ोतरी के आधिकारिक ऐलान का इंतजार है। हालांकि 3% बढ़ोतरी की बात अभी अनुमान पर आधारित है और अंतिम फैसला सरकार की मंजूरी के बाद ही होगा।

पेंशनर्स को भी मिल सकता है लाभ

DA में बढ़ोतरी को मंजूरी मिलने पर केंद्रीय पेंशनर्स के Dearness Relief (DR) में भी उसी अनुपात में बढ़ोतरी हो सकती है।

DA की गणना महंगाई से जुड़े AICPI-IW आंकड़ों के आधार पर की जाती है। अब कर्मचारियों और पेंशनर्स की नजर सरकार के अगले फैसले पर टिकी हुई है। अगर 3% DA हाइक को मंजूरी मिलती है तो लाखों लोगों की मासिक आय में बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।

NIC में 376 पदों पर बंपर भर्ती, युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी, ऑनलाइन आवेदन शुरू

नई दिल्ली। सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। नेशनल इंफॉर्मेटिक्स सेंटर (NIC) ने Scientific/Technical Assistant-A के 376 पदों पर भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया है। ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से शुरू हो गई है। इच्छुक उम्मीदवार 30 सितंबर 2026 शाम 5:30 बजे तक आवेदन कर सकते हैं।

GATE स्कोर के आधार पर होगा चयन

इस भर्ती में उम्मीदवारों का चयन GATE 2024, 2025 या 2026 के वैध स्कोर के आधार पर किया जाएगा। चयनित उम्मीदवारों को 7वें वेतन आयोग के तहत Pay Level-6 का वेतन मिलेगा। वेतनमान 35,400 रुपये से 1,12,400 रुपये तक निर्धारित है।

देशभर में हो सकती है पोस्टिंग

चयनित उम्मीदवारों की नियुक्ति भारत में विभिन्न स्थानों पर की जा सकती है। जरूरत पड़ने पर विदेश में भी पोस्टिंग संभव है।

जरूरी जानकारी

संस्था: National Informatics Centre (NIC)

पद: Scientific/Technical Assistant-A

कुल पद: 376

आवेदन शुरू: 1 सितंबर 2026

अंतिम तारीख: 30 सितंबर 2026

चयन: GATE Score के आधार पर

आवेदन: ऑनलाइन

उम्मीदवार आवेदन करने से पहले पात्रता और अन्य शर्तों की जानकारी आधिकारिक भर्ती पोर्टल पर जरूर जांच लें।

बिहार कृषि मंत्री की बड़ी घोषणा, अब QR कोड से खाद खरीद सकेंगे किसान

पटना। बिहार में किसानों को समय पर और सही कीमत पर खाद उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग नई डिजिटल व्यवस्था लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने घोषणा की है कि किसानों को उर्वरक खरीदने के लिए QR कोड उपलब्ध कराया जाएगा, जिसके जरिए वे अधिकृत विक्रेता से निर्धारित प्रक्रिया के तहत खाद खरीद सकेंगे।

तीन दिनों तक मान्य रहेगा QR कोड

नई व्यवस्था के तहत किसानों को दिया जाने वाला QR कोड सीमित समय के लिए वैध होगा। कृषि मंत्री के अनुसार, यह QR कोड तीन दिनों तक मान्य रहेगा। इस अवधि के दौरान किसान QR कोड में दर्ज अधिकृत उर्वरक विक्रेता के पास जाकर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार भुगतान कर खाद खरीद सकेंगे। सरकार का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसानों को उर्वरक खरीदने में अनावश्यक परेशानी न हो और पूरी प्रक्रिया रिकॉर्ड के दायरे में रहे।

डिजिटल होगी उर्वरक बिक्री व्यवस्था

कृषि विभाग उर्वरक वितरण और बिक्री की प्रक्रिया को तकनीक से जोड़ने पर काम कर रहा है। इसके लिए उर्वरक बिक्री आवेदन प्रणाली के माध्यम से ऑनलाइन व्यवस्था विकसित की गई है। आईएफएमएस और एग्रीस्टैक जैसे डिजिटल सिस्टम के एकीकरण से खाद की खरीद और बिक्री पर बेहतर निगरानी रखने का प्रयास किया जा रहा है। इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि उर्वरक का वितरण किस स्तर पर और किस प्रक्रिया के तहत हो रहा है।

किसानों को समय पर मिले गुणवत्तायुक्त खाद

कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि किसानों तक गुणवत्तायुक्त उर्वरक सही समय पर पहुंचाना विभाग की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। खेती के मौसम में खाद की उपलब्धता किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। इसी कारण विभाग वितरण व्यवस्था को अधिक व्यवस्थित और जवाबदेह बनाने पर जोर दे रहा है। नई तकनीक के माध्यम से उर्वरक की उपलब्धता और बिक्री की निगरानी को मजबूत करने की योजना है।

अधिक कीमत और कालाबाजारी पर होगी कार्रवाई

सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि खाद की बिक्री में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत वसूलने, जमाखोरी करने या कालाबाजारी की शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने अधिकारियों से कहा कि किसी भी अनियमितता को गंभीरता से लिया जाए और किसानों की शिकायतों का समय पर समाधान किया जाए।

किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, सिंचाई उपकरण पर 55% तक सब्सिडी

भोपाल। मध्य प्रदेश के किसानों के लिए सरकार की ओर से सिंचाई को आसान बनाने वाली योजना चलाई जा रही है। प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के तहत 'पर ड्रॉप मोर क्रॉप' योजना का उद्देश्य कम पानी में अधिक उत्पादन को बढ़ावा देना है। इसके तहत पात्र किसानों को सिंचाई से जुड़े उपकरणों की खरीद पर सरकारी सहायता दी जाती है।

इस योजना का फायदा खासतौर पर उन किसानों के लिए उपयोगी हो सकता है, जो खेतों में आधुनिक सिंचाई तकनीक अपनाना चाहते हैं। सरकार द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार किसानों को उपकरण की लागत का एक हिस्सा अनुदान के रूप में दिया जाता है।

छोटे और सीमांत किसानों को 55% तक लाभ

योजना के तहत लघु एवं सीमांत किसानों को इकाई लागत का अधिकतम 55 प्रतिशत तक अनुदान मिल सकता है। वहीं अन्य किसानों के लिए अधिकतम 45 प्रतिशत तक सब्सिडी का प्रावधान है। हालांकि, किसानों को यह समझना जरूरी है कि सब्सिडी की गणना बाजार में उपकरण की वास्तविक कीमत के आधार पर नहीं, बल्कि सरकार द्वारा निर्धारित इकाई लागत के अनुसार की जाती है। इसलिए अंतिम सहायता राशि अलग-अलग हो सकती है।

DBT के जरिए खाते में पहुंचेगी राशि

योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि को सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजने की व्यवस्था है। यानी पात्र किसान को DBT यानी डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर के माध्यम से अनुदान मिल सकता है। इससे भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने और बिचौलियों की भूमिका कम करने में मदद मिलती है।

किन किसानों को मिल सकता है फायदा?

इस योजना का मुख्य फोकस पानी के कुशल इस्तेमाल और आधुनिक सिंचाई व्यवस्था को बढ़ावा देना है। इसके तहत माइक्रो इरीगेशन समेत सिंचाई से जुड़ी तकनीकों को प्रोत्साहित किया जाता है। किसानों का चयन निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ऑनलाइन किया जाता है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक पात्र आवेदकों का चयन ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से किया जा सकता है। आवेदन के लिए किसी तरह का शुल्क नहीं बताया गया है।

बिहार में 3 दिन मौसम रहेगा खराब! आंधी-बारिश को लेकर 20 से ज्यादा जिलों में अलर्ट

पटना। बिहार में सितंबर की शुरुआत मौसम के लिहाज से थोड़ी चुनौतीपूर्ण रहने वाली है। राज्य के कई हिस्सों में अगले तीन दिनों तक बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने अलग-अलग तारीखों के लिए कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। 

मौसम विभाग ने लोगों को मौसम को लेकर सतर्क रहने की भी सलाह दी है। 2 से 4 सितंबर के बीच प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में मौसम का मिजाज बदलता रहेगा। कहीं बारिश के साथ तेज हवा चल सकती है तो कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की संभावना है।

2 सितंबर को इन जिलों में बारिश का अलर्ट

2 सितंबर को बिहार के बड़े हिस्से में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है। पश्चिमी और पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सीतामढ़ी, शिवहर, मधुबनी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, सारण, वैशाली और समस्तीपुर में बारिश के साथ गरज-चमक हो सकती है।

इसके अलावा बक्सर, भोजपुर, पटना, बेगूसराय, खगड़िया, भागलपुर, मुंगेर, लखीसराय, शेखपुरा, नालंदा, जहानाबाद, अरवल, कैमूर, रोहतास, औरंगाबाद, गया, नवादा, जमुई और बांका में भी येलो अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में कुछ स्थानों पर तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना है।

3 सितंबर को इन इलाकों में मौसम बदलेगा

3 सितंबर को मौसम का प्रभाव मुख्य रूप से उत्तर बिहार और कैमूर के आसपास देखने को मिल सकता है। पश्चिमी चंपारण, सीतामढ़ी, शिवहर, मुजफ्फरपुर, वैशाली, समस्तीपुर, मधुबनी और दरभंगा में येलो अलर्ट है। इसके साथ ही सुपौल, अररिया, सहरसा, पूर्णिया, कटिहार और कैमूर में भी बारिश तथा गरज-चमक की संभावना जताई गई है। हालांकि, राज्य के बाकी हिस्सों में किसी बड़े अलर्ट की स्थिति नहीं बताई गई है।

4 सितंबर को इन जिलों में बारिश के आसार

4 सितंबर को मौसम का असर बिहार के कुछ सीमित जिलों में रहने की संभावना है। पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान और सारण में येलो अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा सुपौल, अररिया, सहरसा, पूर्णिया और कटिहार में भी बारिश, बिजली चमकने और तेज हवा की स्थिति बन सकती है। इन जिलों में रहने वाले लोगों को मौसम विभाग के अपडेट पर नजर रखने की जरूरत है।

किसानों के लिए भी जरूरी है मौसम का अपडेट

अगले कुछ दिनों में होने वाली बारिश खेती के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, तेज हवा और आंधी के दौरान खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान का खतरा भी रहता है। किसानों को मौसम की स्थिति देखकर ही कृषि संबंधी जरूरी काम करने की सलाह दी जाती है।

यूपी सरकार का बड़ा तोहफा, रसोइयों के लिए आई खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाले रसोइयों के लिए बड़ी राहत की खबर है। प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत काम करने वाले रसोइयों के मानदेय में बढ़ोतरी को मंजूरी मिल चुकी है। सरकार के इस फैसले का लाभ सितंबर के मानदेय से मिलने की उम्मीद है।

2000 से बढ़कर 3000 रुपये हुआ मानदेय

सरकार ने रसोइयों के मासिक मानदेय में 1000 रुपये की बढ़ोतरी की है। पहले उन्हें 2000 रुपये प्रतिमाह मिलते थे, जो अब बढ़कर 3000 रुपये हो गए हैं। यह मानदेय साल में 10 महीने दिया जाएगा। इस हिसाब से अब रसोइयों को सालाना 30 हजार रुपये मानदेय मिलेगा। बढ़ा हुआ मानदेय सितंबर से लागू करने के निर्देश जारी किए गए हैं, जिसका भुगतान अक्टूबर में किया जाएगा।

मुख्यमंत्री की घोषणा के बाद मिली मंजूरी

रसोइयों के मानदेय में वृद्धि की घोषणा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने की थी। इसके बाद कैबिनेट से भी प्रस्ताव को मंजूरी मिल गई। अब शासन की ओर से मध्याह्न भोजन प्राधिकरण को आवश्यक निर्देश जारी कर दिए गए हैं। निर्देशों में बढ़े हुए मानदेय का भुगतान समय पर करने और नई व्यवस्था का तत्काल पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है।

हजारों रसोइयों को मिलेगा फायदा

प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने में रसोइयों की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। ऐसे में मानदेय बढ़ने से उनके लिए आर्थिक राहत की उम्मीद है। सरकार के इस फैसले को लंबे समय से काम कर रहे रसोइयों के लिए एक अहम कदम माना जा रहा है।

यूपी में बारिश का नया दौर शुरू, 25 जिलों में तीन दिन भारी बारिश के आसार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सितंबर की शुरुआत मौसम के बदलाव के साथ होने वाली है। राजधानी लखनऊ समेत पूर्वी और दक्षिणी यूपी के कई हिस्सों में 1 से 3 सितंबर तक बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग ने कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश के साथ गरज-चमक और वज्रपात को लेकर भी चेतावनी जारी की है।

इन जिलों में तेज बारिश के आसार

मौसम विभाग के अनुसार लखनऊ, सुल्तानपुर, बांदा, प्रयागराज, प्रतापगढ़, सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी, जौनपुर, रायबरेली, अमेठी, गाजीपुर, आजमगढ़, कानपुर, उन्नाव, बाराबंकी, अयोध्या, अंबेडकरनगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली और पीलीभीत समेत आसपास के इलाकों में बारिश हो सकती है।

इन क्षेत्रों में बारिश के साथ बिजली चमकने और वज्रपात की संभावना को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। गुरुवार तक कई इलाकों में अच्छी बारिश होने के संकेत हैं।

लखनऊ में शाम को बदला मौसम

राजधानी लखनऊ में पिछले कुछ दिनों से मानसून अपेक्षाकृत कमजोर रहा, लेकिन सोमवार शाम अचानक मौसम बदला। शहर के कई हिस्सों में तेज बारिश हुई, जिससे उमस भरी गर्मी से लोगों को राहत मिली। लखनऊ में सोमवार को अधिकतम तापमान 31.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मंगलवार को भी तापमान में ज्यादा बढ़ोतरी नहीं होने की संभावना है और दिन का पारा करीब 30 डिग्री सेल्सियस रह सकता है।

अगस्त में सामान्य से ज्यादा बारिश

अगस्त में यूपी में मानसून ने अच्छी सक्रियता दिखाई। 1 से 31 अगस्त के बीच प्रदेश में सामान्य 235.5 मिमी के मुकाबले करीब 291.3 मिमी बारिश दर्ज हुई, जो सामान्य से लगभग 24 प्रतिशत अधिक है। पूर्वी यूपी में करीब 20 प्रतिशत और पश्चिमी यूपी में 29 प्रतिशत अधिक बारिश हुई।

हालांकि, जून से अगस्त तक पूरे मानसून सीजन की बारिश सामान्य से करीब 0.7 प्रतिशत कम रही। अब सितंबर की शुरुआत में होने वाली बारिश से कई इलाकों में मौसम का रुख और बदलने की उम्मीद है। शुक्रवार रात या शनिवार से मानसून की सक्रियता दोबारा कमजोर पड़ सकती है। ऐसे में अगले कुछ दिनों की बारिश किसानों और आम लोगों के लिए काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

CM योगी का फैसला! आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए आई खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है। प्रदेश सरकार जल्द ही उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम का पोर्टल और लोगो लॉन्च करने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बुधवार को लखनऊ के लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम के दौरान इसका शुभारंभ करेंगे। इस दौरान आउटसोर्स कर्मियों के लिए बढ़े हुए मानदेय की घोषणा होने की भी उम्मीद है।

2.70 लाख से ज्यादा कर्मचारियों को फायदा

सरकारी विभागों से मिली जानकारी के अनुसार, उत्तर प्रदेश में फिलहाल करीब 2.70 लाख आउटसोर्स कर्मचारी काम कर रहे हैं। निगम के दायरे में सरकारी निगमों के कर्मचारियों को भी शामिल किया जाएगा, जिससे यह संख्या और बढ़ सकती है। नए पोर्टल के शुरू होने के बाद विभागों के लिए आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती की प्रक्रिया ऑनलाइन हो जाएगी। साथ ही मैनपावर उपलब्ध कराने वाली एजेंसियों का रजिस्ट्रेशन भी शुरू किया जाएगा।

हर महीने समय पर मानदेय देने की तैयारी

आउटसोर्स सेवा निगम का मुख्य उद्देश्य कर्मचारियों के हितों की रक्षा करना है। इसके तहत कर्मचारियों के शोषण पर रोक लगाने और हर महीने की 5 तारीख तक मानदेय का भुगतान सुनिश्चित करने का प्रावधान किया गया है। आउटसोर्स कर्मियों को ईएसआईसी, ईपीएफ और चिकित्सा जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं भी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

अलग-अलग श्रेणी में तय होगा मानदेय

आउटसोर्स पदों को चार श्रेणियों में बांटा गया है। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार श्रेणी-1 में 40 हजार रुपये, श्रेणी-2 में 25 हजार रुपये, श्रेणी-3 में 22 हजार रुपये और श्रेणी-4 में 20 हजार रुपये मासिक मानदेय तय किया गया है। ऐसे में नए निगम और पोर्टल की शुरुआत को प्रदेश के लाखों आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ने और कर्मचारियों को समय पर भुगतान व सामाजिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद है।

बिहार के किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी! सरकार ने उठाया बड़ा कदम

पटना। बिहार में किसानों को सिंचाई की बेहतर सुविधा देने और बाढ़ की समस्या से राहत दिलाने के लिए सरकार ने बड़ा प्रयास शुरू किया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल से मुलाकात कर राज्य की कई लंबित सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण परियोजनाओं को जल्द मंजूरी और पर्याप्त राशि देने की मांग की।

कोसी-मेची लिंक परियोजना पर जोर

बैठक में कोसी-मेची लिंक परियोजना को आगे बढ़ाने पर विशेष चर्चा हुई। करीब 3,652 करोड़ रुपये की इस योजना का उद्देश्य कोसी के अतिरिक्त पानी का इस्तेमाल कर उत्तर बिहार में सिंचाई की सुविधा बढ़ाना है। मुख्यमंत्री ने परियोजना के लिए बाकी राशि जल्द जारी करने और दूसरे चरण की डीपीआर को मंजूरी देने का आग्रह किया।

कोसी नहर परियोजना को रफ्तार

पश्चिमी कोसी नहर के विस्तार और आधुनिकीकरण को लेकर भी केंद्र से सहयोग मांगा गया। इस परियोजना की डीपीआर करीब 8,338 करोड़ रुपये की है। राज्य सरकार ने अपने स्तर पर इसके शुरुआती काम को आगे बढ़ाया है और अब केंद्र से पूरी परियोजना को मंजूरी देने की मांग की गई है।

बाढ़ नियंत्रण पर भी बड़ा फोकस

बिहार में हर साल गंगा, कोसी, गंडक और बागमती जैसी नदियों के कारण कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति बनती है। ऐसे में सरकार ने बाढ़ प्रबंधन के लिए मिलने वाली केंद्रीय सहायता बढ़ाने की मांग की है। इसके अलावा नदियों में बढ़ती गाद की समस्या के स्थायी समाधान के लिए राष्ट्रीय स्तर पर नीति और अलग फंड बनाने का सुझाव भी दिया गया।

बजट में तीन परियोजनाएं की मांग

मुख्यमंत्री ने अगले केंद्रीय बजट में इंद्रपुरी जलाशय योजना, सोन-फल्गु रिवर लिंक और सारण बाढ़ नियंत्रण एवं जल निकासी परियोजना को शामिल करने का आग्रह किया है। इन योजनाओं से कई क्षेत्रों में सिंचाई व्यवस्था मजबूत होने की उम्मीद है।

अगर इन परियोजनाओं को मंजूरी और पर्याप्त फंड मिलता है, तो बिहार में खेतों तक पानी पहुंचाने के साथ बाढ़ से होने वाले नुकसान को कम करने में मदद मिल सकती है। इसका सीधा लाभ राज्य के किसानों और ग्रामीण आबादी को मिलने की उम्मीद है।

केंद्र सरकार के दिया तोहफा, बिहारवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार के कला और संस्कृति के क्षेत्र के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। राज्य में राष्ट्रीय नाट्य विद्यालय (NSD) का नया कैंपस स्थापित किया जाएगा। केंद्र सरकार की ओर से इसकी स्थापना को सहमति मिलने के बाद बिहार में नाट्य और प्रदर्शन कला से जुड़े लोगों के लिए नए अवसर खुलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय संस्कृति मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि NSD कैंपस बनने से बिहार की समृद्ध नाट्य परंपरा को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान मिलेगी।

युवा कलाकारों को मिलेगा प्रशिक्षण

नए कैंपस से बिहार के युवाओं को नाट्य कला के क्षेत्र में बेहतर संस्थागत प्रशिक्षण मिलने की संभावना है। यहां अभिनय, स्टेजक्राफ्ट, प्रदर्शन कला और शोध जैसे क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। इससे उन युवाओं को भी फायदा होगा, जो नाटक और रंगमंच के क्षेत्र में अपना करियर बनाना चाहते हैं और प्रशिक्षण के लिए दूसरे राज्यों का रुख करते हैं।

बिहार की सांस्कृतिक को नई पहचान

बिहार की लोक कला और नाट्य परंपरा काफी पुरानी और समृद्ध रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह कालिदास, रामवृक्ष बेनीपुरी और भिखारी ठाकुर जैसी महान विभूतियों की धरती है। ऐसे में NSD कैंपस की स्थापना राज्य की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। दरअसल, बिहार में NSD का नया कैंपस खुलना कलाकारों, रंगकर्मियों और युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर माना जा रहा है। इससे राज्य में नाट्य शिक्षा और प्रदर्शन कला के क्षेत्र को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

2 से 7 सितंबर तक भाग्य देगा साथ, 5 राशियों के लिए खुलेंगे तरक्की और धन के रास्ते

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार सितंबर के शुरुआती दिनों में ग्रहों की स्थिति में कई बदलाव देखने को मिलेंगे। 2 से 7 सितंबर के बीच बनने वाले शुभ योगों का सकारात्मक प्रभाव कुछ राशियों पर पड़ सकता है। इस दौरान नौकरी, कारोबार, धन और पारिवारिक जीवन से जुड़े मामलों में अच्छे परिणाम मिलने की संभावना है। आइए जानते हैं वे 5 राशियां कौन-सी हैं, जिन्हें इस अवधि में लाभ मिल सकता है।

मेष राशि: इस अवधि में मेष राशि के जातकों को करियर में आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या बेहतर अवसर मिलने की संभावना है। कारोबार में भी लाभ के योग बन सकते हैं। रुके हुए काम पूरे होने से आत्मविश्वास बढ़ेगा।

मिथुन राशि: मिथुन राशि वालों के लिए यह समय आर्थिक रूप से अच्छा रह सकता है। आय के नए स्रोत बन सकते हैं और पुराने निवेश से फायदा मिलने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की तारीफ होगी। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात भविष्य में लाभ दे सकती है।

सिंह राशि: सिंह राशि के जातकों को भाग्य का साथ मिल सकता है। नौकरी और व्यापार में तरक्की के अवसर सामने आएंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होने के साथ धन संबंधी परेशानियां कम हो सकती हैं। परिवार में भी सुख-शांति का माहौल बना रहेगा।

तुला राशि: तुला राशि वालों के लिए 2 से 7 सितंबर का समय कई मामलों में सकारात्मक रह सकता है। कामकाज में सफलता मिलेगी और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। व्यापार करने वालों को अच्छा सौदा या लाभ का अवसर मिल सकता है। धन बचाने में भी सफलता मिलेगी।

मकर राशि: मकर राशि के जातकों के लिए यह अवधि करियर और आर्थिक मामलों में लाभदायक हो सकती है। लंबे समय से अटके काम पूरे होने के संकेत हैं। नौकरी में पद या जिम्मेदारी बढ़ सकती है। कारोबार में भी नए संपर्क भविष्य में फायदा पहुंचा सकते हैं।

बिहार में बिछेगी डबल रेल लाइन, 6 जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार में रेल कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है। दिल्ली-गुवाहाटी मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना के तहत राज्य के 6 जिलों में रेल लाइन डबलिंग का काम प्रस्तावित है। इससे यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने के साथ ट्रेनों की आवाजाही भी आसान होने की उम्मीद है।

इन 6 जिलों में होगा रेल लाइन का विस्तार

प्रस्तावित डबलिंग परियोजना के तहत पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण (रक्सौल), सीतामढ़ी, दरभंगा, सुपौल (सरायगढ़) और अररिया को फायदा मिलेगा। इन रूटों पर अतिरिक्त रेल लाइन बनने से ट्रेनों के संचालन की क्षमता बढ़ेगी और व्यस्त रेल मार्गों पर दबाव कम करने में मदद मिलेगी।

दिल्ली से गुवाहाटी तक कनेक्टिविटी मजबूत

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने दिल्ली-गुवाहाटी मल्टी-ट्रैकिंग परियोजना की जानकारी देते हुए बताया कि इस पूरे कॉरिडोर पर कई हिस्सों में अतिरिक्त ट्रैक विकसित किए जा रहे हैं। इसका उद्देश्य दिल्ली से पूर्वोत्तर राज्यों तक रेल संपर्क को मजबूत करना है। बिहार के इन जिलों के लिए भी यह परियोजना काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रेल लाइन बढ़ने से यात्रियों के साथ-साथ माल परिवहन को भी फायदा मिल सकता है।

व्यापार और रोजगार को मिल सकता है बढ़ावा

रेल कनेक्टिविटी बेहतर होने का सीधा असर स्थानीय कारोबार पर भी पड़ सकता है। बेहतर रेल सुविधा से सामान की आवाजाही आसान होगी और अलग-अलग जिलों के बीच संपर्क बढ़ेगा। इससे व्यापारिक गतिविधियों और रोजगार के अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

बिहार में शिक्षकों के लिए नया सिस्टम लागू, जानें क्या बदलेगा

पटना। बिहार के शिक्षकों के लिए शिक्षा विभाग से जुड़ी समस्याओं के समाधान को लेकर नई व्यवस्था शुरू होने जा रही है। शिक्षक सहयोग पोर्टल को शिक्षक दिवस यानी 5 सितंबर के आसपास लॉन्च करने की तैयारी है। इस डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य शिक्षकों को कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना है।

ऑनलाइन दर्ज होगी समस्या

अब शिक्षकों को विभाग से जुड़ी किसी समस्या के लिए संबंधित कार्यालय में जाकर आवेदन देने की जरूरत नहीं होगी। शिक्षक अपनी आईडी से पोर्टल पर समस्या दर्ज कर सकेंगे। इसके बाद आवेदन संबंधित अधिकारियों तक ऑनलाइन पहुंचेगा और उसकी स्थिति की निगरानी भी की जा सकेगी। आवेदन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी से लेकर जिला और क्षेत्रीय शिक्षा पदाधिकारी के स्तर से होते हुए जरूरत के अनुसार निदेशालय तक जाएगा।

30 दिनों में समाधान का लक्ष्य

विभाग के अनुसार, शिक्षकों की समस्याओं का निपटारा आवेदन मिलने के 30 दिनों के भीतर करने का लक्ष्य रखा गया है। अगर निर्धारित अवधि में मामला लंबित रहता है तो संबंधित अधिकारी की जवाबदेही तय की जा सकती है। मुख्यालय स्तर पर पोर्टल पर आने वाले आवेदनों की नियमित निगरानी होगी। इससे यह भी देखा जाएगा कि आवेदन किस अधिकारी के पास कितने समय से लंबित है।

छुट्टी और एरियर का आवेदन भी ऑनलाइन

पोर्टल के जरिए शिक्षक छुट्टी से संबंधित आवेदन भी कर सकेंगे। ऐसे आवेदनों पर संबंधित अधिकारी को दो दिनों के भीतर निर्णय लेने का प्रावधान बताया गया है। इसके अलावा एरियर भुगतान समेत अन्य वित्तीय मामलों से जुड़ी समस्याएं भी ऑनलाइन दर्ज की जा सकेंगी।

बिहार में 250+ पदों पर भर्ती शुरू, युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी!

पटना। बिहार में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। बिहार स्टेट फूड एंड सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन (BSFC) में 259 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस भर्ती का आयोजन बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद (BCECEB) की ओर से किया जा रहा है।

259 पदों पर होगी भर्ती

इस भर्ती के तहत अकाउंटेंट, लोअर ग्रेड क्लर्क, असिस्टेंट मैनेजर, क्वालिटी कंट्रोलर समेत कुल 5 अलग-अलग पदों को शामिल किया गया है। उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा के आधार पर तैयार होने वाले पैनल से किया जाएगा। तैयार पैनल की वैधता एक साल की होगी।

24 सितंबर तक आवेदन

भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 25 अगस्त 2026 से शुरू हो चुके हैं। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 24 सितंबर 2026 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन शुल्क जमा करने की अंतिम तारीख 25 सितंबर निर्धारित की गई है। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से करना होगा। उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले संबंधित पद की शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और अन्य पात्रता शर्तों को आधिकारिक नोटिफिकेशन में जरूर जांच लेना चाहिए।

ऐसे करें आवेदन

उम्मीदवार BCECEB की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर BSFC भर्ती से संबंधित लिंक पर क्लिक कर आवेदन प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। फॉर्म भरते समय व्यक्तिगत जानकारी, शैक्षणिक दस्तावेज और अन्य जरूरी विवरण सावधानी से दर्ज करना जरूरी है।

यूपी में महिलाओं के लिए 2 बड़ी खुशखबरी, आई सीधी भर्ती!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में आंगनवाड़ी भर्ती का इंतजार कर रही महिलाओं के लिए अच्छी खबर है। मथुरा और हमीरपुर जिलों में आंगनवाड़ी पदों पर भर्ती की प्रक्रिया शुरू की गई है। योग्य उम्मीदवार निर्धारित तारीख के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकती हैं।

मथुरा में 544 आंगनवाड़ी सहायिका पद

मथुरा जिले में आंगनवाड़ी सहायिका के 544 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन मांगे गए हैं। ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 29 जनवरी 2026 से शुरू हो चुकी है और 13 सितंबर 2026 तक आवेदन करने का मौका है। इच्छुक एवं पात्र अभ्यर्थी निर्धारित पोर्टल के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं।

हमीरपुर में 80 आंगनवाड़ी कार्यकर्ता पद

हमीरपुर जिले में आंगनवाड़ी कार्यकर्ता के 80 पदों पर भर्ती निकाली गई है। इस भर्ती के लिए 12वीं पास महिला उम्मीदवार आवेदन कर सकती हैं। आवेदन की प्रक्रिया ऑनलाइन रखी गई है और उम्मीदवारों को आवेदन से पहले आधिकारिक अधिसूचना में दी गई योग्यता एवं तारीखों को जरूर जांचना चाहिए।

महिलाओं के लिए रोजगार का अच्छा अवसर

इन भर्तियों से स्थानीय स्तर पर महिलाओं को रोजगार का अवसर मिल सकता है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका के पदों पर चयन के लिए संबंधित जिले की पात्रता और अन्य निर्धारित शर्तें लागू होंगी। आवेदन करने से पहले अभ्यर्थियों को आधिकारिक नोटिफिकेशन में पद, शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा, आरक्षण और आवेदन की अंतिम तारीख की जानकारी जरूर देख लेनी चाहिए।

रिटायरमेंट पर 80% पैसा निकालने की मिली है छूट, कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी!

नई दिल्ली। नेशनल पेंशन सिस्टम (NPS) में निवेश करने वाले कर्मचारियों के लिए रिटायरमेंट से जुड़ी बड़ी राहत है। नए नियमों के तहत पात्र NPS सब्सक्राइबर रिटायरमेंट के समय अपने जमा कॉर्पस का 80 प्रतिशत तक एकमुश्त निकालने का विकल्प चुन सकते हैं, जबकि बाकी राशि से एन्युटी खरीदनी होगी।

उदाहरण के तौर पर, अगर रिटायरमेंट तक NPS खाते में 1 करोड़ रुपये जमा हैं, तो नियमों के अनुसार 80 लाख रुपये तक एक साथ निकालने का विकल्प मिल सकता है।

लेकिन टैक्स का पेंच समझना जरूरी

80 प्रतिशत निकासी की सुविधा मिलने के बावजूद टैक्स नियमों को लेकर सावधानी जरूरी है। मौजूदा कर प्रावधानों में सामान्य तौर पर 60 प्रतिशत तक की एकमुश्त निकासी को टैक्स छूट से जोड़ा जाता है। ऐसे में यदि कोई व्यक्ति 80 प्रतिशत तक रकम निकालता है, तो अतिरिक्त 20 प्रतिशत राशि के टैक्स ट्रीटमेंट को लेकर स्थिति महत्वपूर्ण हो सकती है। इसलिए पूरी रकम निकालने से पहले टैक्स नियमों को समझना और जरूरत पड़ने पर वित्तीय विशेषज्ञ की सलाह लेना बेहतर रहेगा।

पहले क्या था नियम?

NPS में पहले रिटायरमेंट के समय कम राशि एकमुश्त निकालने और ज्यादा हिस्सा एन्युटी में लगाने का प्रावधान था। बाद में नियमों में बदलाव हुआ और 60:40 का मॉडल लोकप्रिय रहा, जिसमें 60 प्रतिशत राशि एकमुश्त और 40 प्रतिशत एन्युटी के लिए रखी जाती थी।

अब 80 प्रतिशत तक निकासी का विकल्प निवेशकों को अधिक लचीलापन देता है, लेकिन टैक्स नियमों के कारण फैसला सोच-समझकर लेना जरूरी है। दरअसल, 80 प्रतिशत तक निकासी की सुविधा कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत है, लेकिन जब तक टैक्स नियम पूरी तरह स्पष्ट और अनुकूल नहीं होते, तब तक 60:40 विकल्प कई निवेशकों के लिए टैक्स के लिहाज से बेहतर हो सकता है।

पुराने पेंशनर्स के लिए बड़ी खबर, 8वें वेतन आयोग में मिलेगी खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के पुराने पेंशनर्स से जुड़ा एक महत्वपूर्ण मामला अब आगे की प्रक्रिया के लिए भेज दिया गया है। मांग की गई है कि 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन के संशोधन को भी 8वें वेतन आयोग के दायरे में शामिल किया जाए।

DoPT ने आगे भेजा मामला

जानकारी के अनुसार, डिपार्टमेंट ऑफ पर्सनल एंड ट्रेनिंग (DoPT) को पेंशनर्स संगठनों और कर्मचारी संगठनों की ओर से इस संबंध में अनुरोध प्राप्त हुए थे। इन मांगों को आगे विचार के लिए वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग को भेज दिया गया है। मांग करने वालों में ऑल इंडिया आरएमएस, एमएमएस और पोस्टल पेंशनर्स एसोसिएशन तथा ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉईज फेडरेशन शामिल हैं।

क्या है पेंशनर्स की मांग?

संगठनों का कहना है कि 8वें वेतन आयोग के नियमों या कार्यक्षेत्र में बदलाव कर पुराने पेंशनर्स की पेंशन की समीक्षा और संशोधन का प्रावधान किया जाए। उनका विशेष जोर उन कर्मचारियों पर है जो 1 जनवरी 2026 से पहले सेवानिवृत्त हो चुके हैं।

क्या पेंशन बढ़ाने की मंजूरी मिल गई?

यहां एक बात साफ समझना जरूरी है कि अभी पेंशन बढ़ाने या संशोधन को मंजूरी नहीं मिली है। DoPT की ओर से मामला केवल आगे विचार और आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा गया है। अभी तक न तो 8वें वेतन आयोग के कार्यक्षेत्र में बदलाव की घोषणा हुई है और न ही कोई नया फिटमेंट फैक्टर या पेंशन गणना का फॉर्मूला तय किया गया है।

दरअसल, पुराने पेंशनर्स के लिए यह जरूर एक महत्वपूर्ण अपडेट है। अब सबकी नजर सरकार और व्यय विभाग के अगले फैसले पर रहेगी। यदि भविष्य में नियमों में बदलाव होता है, तो 2026 से पहले रिटायर हुए लाखों पेंशनर्स को इसका लाभ मिल सकता है।

बुध के गोचर से बनेगा भद्र राजयोग, 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा लाभ

राशिफल। ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार 7 सितंबर 2026 को दोपहर 1 बजकर 13 मिनट पर बुध कन्या राशि में प्रवेश करेंगे। कन्या बुध की स्वराशि होने के साथ-साथ उच्च राशि भी मानी जाती है। बुध के इस गोचर से भद्र महापुरुष राजयोग बनने की संभावना है, जिसका प्रभाव कई राशियों के करियर, व्यापार और आर्थिक जीवन पर पड़ सकता है। बुध 26 सितंबर तक कन्या राशि में रहेंगे।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए बुध का गोचर सकारात्मक साबित हो सकता है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी या तरक्की का अवसर मिल सकता है। व्यापार से जुड़े लोगों को नए संपर्कों से फायदा होने की संभावना है। परिवार और संपत्ति से जुड़े मामलों में भी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

कन्या राशि

बुध का गोचर इसी राशि में होने से कन्या राशि के जातकों पर इसका विशेष प्रभाव पड़ सकता है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और कार्यक्षेत्र में आपकी प्रतिभा की सराहना हो सकती है। कारोबार में नए अवसर मिल सकते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत होने के संकेत हैं।

तुला राशि

तुला राशि के लोगों के लिए यह समय योजनाबद्ध तरीके से आगे बढ़ने का हो सकता है। पुराने अटके हुए काम पूरे होने की संभावना है। विदेश या दूर स्थान से जुड़े कामों में लाभ मिल सकता है। खर्चों पर नियंत्रण रखने से आर्थिक स्थिति बेहतर हो सकती है।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए भद्र राजयोग करियर में प्रगति के अवसर ला सकता है। नौकरी में पद और प्रतिष्ठा बढ़ने की संभावना है। वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिल सकता है और व्यापार में विस्तार की योजना सफल हो सकती है।

मकर राशि

मकर राशि वालों के लिए बुध का गोचर भाग्य का साथ दिला सकता है। शिक्षा, प्रतियोगी परीक्षा और करियर से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने के योग हैं। नई यात्रा या काम के नए अवसर सामने आ सकते हैं। आर्थिक लाभ के भी संकेत हैं।

केंद्र सरकार की अच्छी योजना, बुढ़ापे में मिलेगी बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। बुढ़ापे में आर्थिक सुरक्षा के लिए समय रहते पेंशन की तैयारी करना जरूरी है। केंद्र सरकार की अटल पेंशन योजना (APY) ऐसे लोगों के लिए एक उपयोगी विकल्प है, जो रिटायरमेंट के बाद हर महीने एक निश्चित आमदनी चाहते हैं।

इस योजना में व्यक्ति अपनी उम्र और भविष्य में चाही जाने वाली पेंशन के अनुसार नियमित योगदान करता है। कम उम्र में योजना से जुड़ने पर योगदान की राशि अपेक्षाकृत कम हो सकती है।

1,000 से 5,000 रुपये तक पेंशन का विकल्प

अटल पेंशन योजना में लाभार्थी अपनी जरूरत के अनुसार 1,000, 2,000, 3,000, 4,000 या 5,000 रुपये मासिक पेंशन का विकल्प चुन सकता है। निर्धारित शर्तों के अनुसार 60 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद पेंशन मिलनी शुरू होती है।

30 साल की उम्र में कितना योगदान?

अगर कोई व्यक्ति 30 साल की उम्र में योजना से जुड़कर 5,000 रुपये मासिक पेंशन का विकल्प चुनता है, तो उसे तय नियमों के अनुसार नियमित योगदान करना होगा। दिए गए उदाहरण के अनुसार मासिक भुगतान करीब 577 रुपये, तिमाही करीब 1,720 रुपये और छमाही लगभग 3,405 रुपये हो सकता है।

कौन ले सकता है योजना का लाभ?

अटल पेंशन योजना के लिए आमतौर पर आवेदक की उम्र 18 से 40 वर्ष के बीच होनी चाहिए और उसके पास बैंक या पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट होना जरूरी है। योजना से जुड़ने से पहले पात्रता और लागू नियमों की जानकारी जरूर जांच लेनी चाहिए।

केंद्र सरकार की तैयारी? देशभर के किसानों को जल्द मिलेगी खुशखबरी

नई दिल्ली। देशभर के करोड़ों किसानों को अब प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त का इंतजार है। पिछली यानी 23वीं किस्त 20 जून 2026 को जारी की गई थी। योजना के तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना 6,000 रुपये तीन बराबर किस्तों में दिए जाते हैं, यानी हर किस्त में 2,000 रुपये मिलते हैं।

अक्टूबर में आ सकती है अगली किस्त?

किस्तों के सामान्य चक्र को देखते हुए अक्टूबर 2026 में अगली किस्त जारी होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, 24वीं किस्त की तारीख को लेकर सरकार ने अभी आधिकारिक घोषणा नहीं की है, इसलिए किसानों को केवल आधिकारिक अपडेट पर ही भरोसा करना चाहिए।

इन किसानों की अटक सकती है किस्त

PM Kisan की वेबसाइट के अनुसार योजना के लाभार्थियों के लिए e-KYC अनिवार्य है। कुछ मामलों में पात्रता और रिकॉर्ड के भौतिक सत्यापन के कारण भुगतान अस्थायी रूप से रोका भी जा सकता है। इसलिए किसानों को अपनी e-KYC, आधार और अन्य जरूरी जानकारी समय पर जांच लेनी चाहिए।

घर बैठे ऐसे चेक करें स्टेटस

किसान PM Kisan पोर्टल के Know Your Status विकल्प में अपना रजिस्ट्रेशन नंबर और OTP के जरिए भुगतान से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं। लेकिन किसानों को तारीख और भुगतान से जुड़ी जानकारी के लिए सरकार की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना चाहिए।

योगी सरकार ने दी बड़ी राहत, यूपी के 48 लाख गन्ना किसानों के लिए खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के करीब 48 लाख गन्ना किसान परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। योगी सरकार गन्ने की ढुलाई व्यवस्था को डिजिटल बनाने की तैयारी कर रही है। नई व्यवस्था के तहत गन्ना क्रय केंद्रों से चीनी मिलों तक गन्ना ले जाने वाले वाहनों की GPS के जरिए लाइव ट्रैकिंग की जाएगी।

24 घंटे होगी वाहनों की निगरानी

गन्ना आयुक्त के अनुसार, इसके लिए एक केंद्रीय कंट्रोल रूम स्थापित करने की योजना है। यहां से अधिकारियों द्वारा गन्ने से लदे वाहनों की गतिविधियों पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा सकेगी। इससे रास्ते में अनावश्यक रुकावट, लंबे समय तक वाहन खड़े रहने और किसी भी तरह की गड़बड़ी पर रोक लगाने में मदद मिलेगी।

24 घंटे के भीतर मिल तक पहुंचेगा गन्ना

नई व्हीकल ट्रैकिंग प्रणाली का मुख्य उद्देश्य कटाई के बाद गन्ने को जल्द से जल्द चीनी मिलों तक पहुंचाना है। योजना के अनुसार, गन्ने की आपूर्ति कटाई के 24 घंटे के भीतर सुनिश्चित करने पर जोर दिया जाएगा। इससे गन्ने की ताजगी और वजन बनाए रखने में मदद मिल सकती है। किसानों को वजन घटने से होने वाले आर्थिक नुकसान से भी राहत मिलने की उम्मीद है।

किसानों को मिल रहा समय पर भुगतान

प्रदेश सरकार का कहना है कि गन्ना किसानों को नियमित और समयबद्ध भुगतान कराने पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पेराई सत्र 2025-26 में अब तक 30,831.81 करोड़ रुपये का गन्ना मूल्य भुगतान किया जा चुका है। GPS आधारित ट्रैकिंग व्यवस्था लागू होने के बाद गन्ना आपूर्ति श्रृंखला में पारदर्शिता बढ़ने और लाखों किसानों को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है।

8th Pay Commission: इन केंद्रीय कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, पूरे HRA का मामला आयोग तक पहुंचा

नई दिल्ली। केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के कर्मचारियों के लिए HRA को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। जिन कर्मचारियों को सरकारी आवास नहीं मिला है और उनके हाउस रेंट अलाउंस में 5 प्रतिशत की कटौती हो रही है, उनका मामला अब 8वें वेतन आयोग के पास पहुंच गया है।

पूरा HRA देने की मांग

कर्मचारियों की मांग है कि जिन्हें सरकारी मकान आवंटित नहीं किया गया है, उन्हें नियमों के अनुसार पूरा HRA दिया जाए। साथ ही पहले काटे गए 5 प्रतिशत HRA के बकाया भुगतान की भी मांग की गई है। इस संबंध में CISF ने गृह मंत्रालय को पूरा HRA देने का प्रस्ताव भेजा था। गृह मंत्रालय की सलाह के बाद बैरक में रहने वाले CISF कर्मियों को पूरा HRA देने का मुद्दा 8वें वेतन आयोग के समक्ष भेज दिया गया।

अभी मंजूरी नहीं मिली

CISF की ओर से यह मामला 8वें वेतन आयोग को भेजा जा चुका है। हालांकि, शिकायत पोर्टल पर मामला “Case Closed” दिखने का मतलब यह नहीं है कि कर्मचारियों को 5 प्रतिशत HRA या उसका बकाया देने की मंजूरी मिल गई है। अब इस मामले पर आगे की तस्वीर 8वें वेतन आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार के अंतिम फैसले के बाद ही साफ होगी। अगर मांग स्वीकार होती है, तो संबंधित CISF कर्मचारियों को बड़ा आर्थिक लाभ मिल सकता है।

जन्माष्टमी पर बनेंगे कई शुभ योग, इन 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा बड़ा लाभ

राशिफल। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व इस बार ज्योतिषीय दृष्टि से भी खास माना जा रहा है। जन्माष्टमी के आसपास बनने वाले शुभ योगों का प्रभाव कुछ राशियों के लिए सकारात्मक रहने की संभावना है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन जातकों को धन, करियर, सफलता और पारिवारिक जीवन में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं।

वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक मामलों में लाभकारी हो सकता है। रुका हुआ धन मिलने की संभावना है और नौकरी या कारोबार में नए अवसर प्राप्त हो सकते हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए शुभ योग करियर में प्रगति के संकेत दे सकते हैं। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और मेहनत का अच्छा परिणाम प्राप्त होने की संभावना है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों के लिए यह समय मान-सम्मान और सफलता लेकर आ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को पदोन्नति या नई जिम्मेदारी मिलने के योग बन सकते हैं।

तुला राशि

तुला राशि वालों को धन से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिल सकते हैं। व्यापार में लाभ के नए अवसर बन सकते हैं और परिवार का पूरा सहयोग प्राप्त होने की संभावना है।

मीन राशि

मीन राशि के जातकों के लिए भाग्य का साथ मिलने के संकेत हैं। लंबे समय से रुके हुए काम पूरे हो सकते हैं और किसी महत्वपूर्ण योजना में सफलता मिलने की संभावना रहेगी।

बिहार के शिक्षकों की हुंकार! 7वें वेतनमान की मांग को लेकर खोला मोर्चा

पटना। बिहार में शिक्षकों ने 7वें वेतनमान और बेहतर पे-लेवल की मांग को लेकर डिजिटल मोर्चा खोल दिया है। बिहार शिक्षक मंच के आह्वान पर शिक्षकों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर #BiharTeachersNeed7thPay अभियान चलाकर सरकार तक अपनी मांग पहुंचाई।

शिक्षक संगठनों का दावा है कि अभियान को बड़ी संख्या में शिक्षकों का समर्थन मिला। उन्होंने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से सभी श्रेणी के शिक्षकों को 7वें वेतनमान के अनुरूप लाभ देने की मांग की है।

लेवल 6 से 8 तक वेतनमान की मांग

शिक्षक नेताओं का कहना है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार प्राथमिक से उच्च माध्यमिक स्तर तक के शिक्षकों को उनकी जिम्मेदारियों के अनुरूप पे-लेवल 6 से 8 तक का लाभ मिलना चाहिए। उनका तर्क है कि केंद्रीय विद्यालय संगठन और कुछ अन्य राज्यों में शिक्षकों को बेहतर वेतन स्तर का लाभ दिया जा रहा है। मंच ने प्रधान शिक्षक, प्रधानाध्यापक और पुस्तकालयाध्यक्ष समेत सभी संवर्गों को 7वें वेतनमान के दायरे में लाने की मांग की है।

नई पेंशन व्यवस्था पर भी नाराजगी

शिक्षक संगठनों ने नई पेंशन व्यवस्था को लेकर भी विरोध जताया है। उनका कहना है कि सरकारी कर्मचारी का दर्जा मिलने के बावजूद वेतनमान और अन्य सुविधाओं के मामले में शिक्षकों के साथ समान व्यवहार नहीं हो रहा है। शिक्षकों की प्रमुख मांग है कि बढ़ती महंगाई को देखते हुए उनके वेतन में सुधार किया जाए और बिहार में भी अन्य राज्यों के समान उचित पे-लेवल का लाभ दिया जाए। अब इस डिजिटल आंदोलन के बाद सरकार के रुख पर शिक्षकों की नजर टिकी हुई है।

नवपंचम राजयोग से बदलेगी इन 4 राशियों की किस्मत, करियर और धन में मिलेगी सफलता

राशिफल। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार 1 सितंबर को बनने वाला नवपंचम राजयोग कुछ राशि के जातकों के लिए शुभ परिणाम लेकर आ सकता है। इस योग के प्रभाव से करियर में आगे बढ़ने के अवसर, आर्थिक लाभ और भाग्य का साथ मिलने की संभावना है। आइए जानते हैं किन 4 राशियों को इसका लाभ मिल सकता है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए यह राजयोग सकारात्मक परिणाम दे सकता है। नौकरी और व्यापार में नई संभावनाएं बन सकती हैं। रुके हुए काम पूरे होने के योग हैं और आर्थिक स्थिति में सुधार देखने को मिल सकता है।

कर्क राशि

कर्क राशि वालों को करियर में सफलता मिलने की संभावना है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत की सराहना हो सकती है और नई जिम्मेदारियां मिल सकती हैं। धन से जुड़े मामलों में भी अच्छे परिणाम मिलने के संकेत हैं।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए नवपंचम राजयोग लाभकारी साबित हो सकता है। व्यापार में लाभ के अवसर बन सकते हैं और आय के नए स्रोत प्राप्त हो सकते हैं। परिवार में सुख-शांति का माहौल बना रह सकता है।

मीन राशि

मीन राशि वालों के लिए यह समय भाग्य का साथ दिलाने वाला हो सकता है। करियर में प्रगति और धन लाभ के अवसर मिल सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण योजना में सफलता मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा।

बिहार के गांवों के लिए खुशखबरी, पंचायतों के नए परिसीमन का काम शुरू

पटना। बिहार में पंचायत चुनाव की तैयारियों के बीच ग्राम पंचायतों के नए सिरे से परिसीमन की प्रक्रिया तेज हो गई है। राज्य निर्वाचन आयोग ने 2011 की जनगणना के आंकड़ों के आधार पर पंचायतों और पंचायत प्रादेशिक निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाएं तय करने की दिशा में काम शुरू कर दिया है।

10 सितंबर तक पूरा करना होगा जरूरी काम

परिसीमन के लिए इन्यूमरेशन ब्लॉक (EB) की सीमाओं का विवरण विशेष मोबाइल एप पर दर्ज किया जा रहा है। संबंधित अधिकारियों और कर्मियों को यह प्रक्रिया 10 सितंबर तक पूरी करने का निर्देश दिया गया है।

मोबाइल एप पर दर्ज होंगी सीमाएं

विशेष एप के जरिए प्रत्येक क्षेत्र की नौ दिशाओं से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाएगी। इसमें उत्तर, दक्षिण, पूर्व, पश्चिम के साथ उत्तर-पूर्व, उत्तर-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम और केंद्र की स्थिति शामिल होगी।

जनसंख्या और क्षेत्रफल का ध्यान

नए परिसीमन के दौरान कोशिश की जाएगी कि ग्राम पंचायतों और पंचायत निर्वाचन क्षेत्रों में जनसंख्या तथा भौगोलिक क्षेत्र का संतुलित वितरण हो। इसके लिए 2011 की जनगणना के आंकड़ों और उपलब्ध नक्शों का उपयोग किया जाएगा।

राज्य निर्वाचन आयोग पहले ही अधिकारियों को प्रशिक्षण दे चुका है और अब जिलों में इस काम को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की तैयारी चल रही है। परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद बिहार की कई ग्राम पंचायतों और पंचायत निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं में बदलाव देखने को मिल सकता है, जो आगामी पंचायत चुनाव की तैयारियों में अहम कदम होगा।

बिहार में दाखिल-खारिज को लेकर बड़ा अपडेट, फ्लैट खरीदारों के लिए खुशखबरी!

पटना। बिहार में अपार्टमेंट और फ्लैट खरीदने वाले लोगों के लिए राहत भरी खबर है। लंबे समय से बंद पड़ी फ्लैटों की जमीन के दाखिल-खारिज की प्रक्रिया दोबारा शुरू होने की संभावना है। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग इस संबंध में नया सॉफ्टवेयर तैयार करने में जुटा है और इसके सितंबर 2026 से लागू होने की उम्मीद जताई जा रही है।

अप्रैल 2025 से लगी थी रोक

राज्य में अप्रैल 2025 से फ्लैटधारियों के नाम अपार्टमेंट की जमीन का दाखिल-खारिज, नामांतरण और जमाबंदी सृजन रोक दिया गया था। इसकी वजह से फ्लैट खरीद चुके लोगों को अपने नाम जमीन का रिकॉर्ड दर्ज कराने में काफी परेशानी हो रही थी।

नई व्यवस्था से क्या होगा फायदा?

विभाग अब एक विशेष डिजिटल व्यवस्था तैयार कर रहा है, जिससे पूरे राज्य में दाखिल-खारिज की प्रक्रिया एक समान और पारदर्शी बनाई जा सके। अभी अलग-अलग अंचलों में अलग-अलग तरीके अपनाए जाने से भ्रम और विवाद की स्थिति बनती थी।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद फ्लैट खरीदारों को जमीन के रिकॉर्ड अपने नाम कराने में आसानी होने की उम्मीद है। साथ ही भविष्य में मिल्कियत और जमीन के रिकॉर्ड से जुड़े विवादों को कम करने में भी मदद मिल सकती है। हालांकि, नई व्यवस्था की अंतिम शुरुआत विभाग की आधिकारिक अधिसूचना के बाद ही स्पष्ट होगी, लेकिन सॉफ्टवेयर का काम अंतिम चरण में होने से लाखों फ्लैट खरीदारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।