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सूर्य देव होंगे मेहरबान! 5 राशियों के खुलेंगे भाग्य के दरवाजे, अटके काम होंगे पूरे

राशिफल। ज्योतिष के अनुसार सूर्य को आत्मविश्वास, पद-प्रतिष्ठा, नेतृत्व और सफलता का कारक माना जाता है। इस समय सूर्य सिंह राशि में गोचर कर रहे हैं, जो उनकी अपनी राशि है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इसका असर कई राशियों पर देखने को मिल सकता है।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए सूर्य का प्रभाव आत्मविश्वास बढ़ाने वाला माना जा रहा है। कामकाज में नई ऊर्जा आएगी और कारोबार से जुड़े लोगों को लाभ के अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से अटके काम आगे बढ़ने की संभावना है।

मिथुन राशि

मिथुन जातकों के लिए यह समय आर्थिक मामलों में राहत देने वाला हो सकता है। करियर में सुधार के साथ रुका हुआ पैसा मिलने के योग बन सकते हैं। विद्यार्थियों के लिए भी समय सकारात्मक रह सकता है।

सिंह राशि

सूर्य अपनी ही राशि सिंह में हैं, इसलिए इस राशि के जातकों पर इसका प्रभाव विशेष माना जा रहा है। सामाजिक प्रतिष्ठा बढ़ सकती है और कामकाज में नए अवसर मिल सकते हैं। हालांकि अनावश्यक खर्च पर नियंत्रण रखना बेहतर रहेगा।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए सूर्य का यह प्रभाव करियर और आर्थिक स्थिति में सुधार ला सकता है। नौकरी में बदलाव या नई जिम्मेदारी मिलने के अवसर बन सकते हैं। पुराने काम पूरे होने से मानसिक राहत भी मिल सकती है।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों के लिए यह समय भाग्य का साथ देने वाला माना जा रहा है। कारोबार में साझेदारी से फायदा हो सकता है और विद्यार्थियों को शिक्षा के क्षेत्र में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। करियर में नए अवसर मिलने की संभावना भी है।

यूपी के सरकारी स्कूल होंगे स्मार्ट, सरकार ने दी बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने की तैयारी तेज हो गई है। समग्र शिक्षा अभियान के तहत स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं बढ़ाने, डिजिटल पढ़ाई को मजबूत करने और नए विद्यालयों के विकास पर 1871 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इस बजट में केंद्र और राज्य दोनों की हिस्सेदारी होगी।

972 स्कूलों में बनेंगी स्मार्ट क्लास

योजना के तहत करीब 972 राजकीय और सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में आईसीटी लैब और स्मार्ट क्लास तैयार की जाएंगी। इससे विद्यार्थियों को पारंपरिक पढ़ाई के साथ तकनीक आधारित शिक्षा का अवसर मिलेगा।

स्कूलों का होगा विस्तार

प्रदेश के 31 जूनियर हाईस्कूल और कंपोजिट विद्यालयों को हाईस्कूल स्तर तक विकसित किया जाएगा। वहीं चार राजकीय हाईस्कूलों को इंटरमीडिएट स्तर तक बढ़ाने की योजना है। इससे विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई के लिए दूसरे स्कूलों पर निर्भरता कम होगी। चित्रकूट, गाजियाबाद, ललितपुर समेत कई जिलों के विद्यालयों को इस विस्तार योजना में शामिल किया गया है। सीतापुर, संभल, मीरजापुर, हरदोई, श्रावस्ती और गोंडा जैसे जिलों में भी स्कूलों के विकास पर जोर रहेगा।

एआई और कौशल प्रशिक्षण पर जोर

सरकार स्कूलों में सिर्फ स्मार्ट क्लास तक सीमित नहीं रहना चाहती। प्रोजेक्ट प्रवीण के तहत राजकीय और सहायता प्राप्त विद्यालयों में विद्यार्थियों को कौशल के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई से जुड़ी जानकारी और प्रशिक्षण देने की योजना है। शिक्षकों को भी आधुनिक तकनीक और नए तरीके से पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा, ताकि डिजिटल संसाधनों का बेहतर इस्तेमाल हो सके।

प्राइमरी स्कूलों में भी बढ़ेंगी सुविधाएं

प्राथमिक विद्यालयों में अतिरिक्त कक्षों के निर्माण के साथ दूसरी जरूरी सुविधाओं को विकसित करने पर भी ध्यान दिया जाएगा। डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों में तकनीकी संसाधन मजबूत किए जाएंगे। एससीईआरटी की ओर से शिक्षकों को नवाचार आधारित शिक्षण पद्धति का प्रशिक्षण दिया जाएगा। सरकार की इस पहल का उद्देश्य सरकारी स्कूलों में पढ़ाई का माहौल बेहतर करने के साथ विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा व्यवस्था से जोड़ना है।

बिहार के अफसरों के लिए नया नियम लागू! सम्राट सरकार ने तय की नई व्यवस्था, जानें पूरी बात

पटना। बिहार में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बेहतर तालमेल के लिए सरकार ने नई व्यवस्था लागू की है। सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से जारी निर्देश में सांसदों और विधायकों के साथ अधिकारियों के व्यवहार और संवाद को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

फोन आया तो करना होगा जवाब

नए निर्देश के मुताबिक, किसी सांसद या विधायक का फोन आने पर अधिकारी को उसे रिसीव करने की कोशिश करनी होगी। यदि किसी जरूरी कार्य में व्यस्त होने के कारण कॉल नहीं उठ पाता है, तो अधिकारी को काम पूरा होते ही खुद वापस फोन करना होगा। इसका उद्देश्य जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच संवाद को बेहतर और तेज बनाना है।

पत्र मिलने पर देनी होगी जानकारी

सांसद या विधायक की ओर से किसी मामले को लेकर पत्र भेजे जाने पर भी अधिकारियों को सक्रियता दिखानी होगी। पत्र प्राप्त होने की जानकारी संबंधित जनप्रतिनिधि को दी जाएगी। इसके बाद मामले में क्या कार्रवाई हुई और उसकी वर्तमान स्थिति क्या है, इसकी जानकारी निर्धारित समय के भीतर लिखित रूप में देनी होगी।

दफ्तर पहुंचने पर प्रोटोकॉल का ध्यान

यदि कोई सांसद या विधायक किसी काम से अधिकारी के कार्यालय पहुंचता है तो उसके पद के अनुरूप सम्मान और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करना होगा। सरकार का मानना है कि जनप्रतिनिधि जनता की समस्याओं को प्रशासन तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

इन अधिकारियों को करना होगा पालन

ये निर्देश पुलिस अधिकारियों के साथ-साथ प्रमंडलीय आयुक्त, जिलाधिकारी और विभिन्न विभागों के अधिकारियों पर भी लागू होंगे। सरकार ने सभी संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था का पालन सुनिश्चित करने को कहा है। इस कदम का उद्देश्य जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय कायम करना है, ताकि जनता से जुड़े मामलों पर समय पर सुनवाई और कार्रवाई हो सके।

बिहार के बिजली उपभोक्ताओं को राहत, सरकार ने दी बड़ी खुशखबरी

पटना। बिहार के उन बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है, जो पोस्टपेड कनेक्शन से प्रीपेड मीटर की ओर जा रहे हैं। पुराने बिजली बिल का बकाया अब एक साथ चुकाने की मजबूरी नहीं होगी। उपभोक्ताओं को उनकी बकाया राशि के हिसाब से किस्तों में भुगतान करने का विकल्प दिया गया है। बिहार विद्युत नियामक आयोग ने बकाया वसूली को लेकर नई समयसीमा तय की है।

बकाये के हिसाब से मिलेगा समय

नई व्यवस्था में 10 हजार रुपये तक के पुराने बकाये को चुकाने के लिए 12 महीने का समय मिलेगा। वहीं 10 हजार से ज्यादा और 15 हजार रुपये से कम बकाया होने पर 18 महीने में भुगतान किया जा सकेगा। 15 हजार रुपये से अधिक की राशि के लिए उपभोक्ताओं को 24 महीने तक का समय दिया जाएगा।

बिजली कंपनियों से जुड़ेगी व्यवस्था

आयोग ने बिजली वितरण कंपनियों को किस्तों की व्यवस्था को बिलिंग सिस्टम और स्मार्ट प्रीपेड मीटर से जोड़ने का निर्देश दिया है। इससे उपभोक्ता अपने पुराने बकाये और जमा की गई रकम का रिकॉर्ड देख सकेंगे।

एकमुश्त भुगतान का दबाव होगा कम

पहले पुराने बकाये को लेकर उपभोक्ताओं के बीच काफी असमंजस रहता था। बड़ी राशि जमा होने पर एक साथ भुगतान करना मुश्किल हो जाता था। अब किस्तों की सुविधा मिलने से उपभोक्ता अपनी आर्थिक क्षमता के अनुसार धीरे-धीरे बकाया चुका सकेंगे।

इस फैसले से खास तौर पर उन परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है, जिनके ऊपर लंबे समय से बिजली बिल की राशि जमा है। नई व्यवस्था से बकाया भुगतान की प्रक्रिया भी स्पष्ट होगी और उपभोक्ताओं पर अचानक पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी कम होगा।

बिहार में फिर बदला मौसम का मिजाज! 10 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

पटना। बिहार में मानसून एक बार फिर सक्रिय होता नजर आ रहा है। मौसम विज्ञान केंद्र ने राज्य के कई हिस्सों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। शनिवार को 28 जिलों में बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि इनमें 10 जिलों में भारी बारिश को लेकर ऑरेंज अलर्ट बताया गया है। बारिश के साथ कुछ इलाकों में तेज हवा और आकाशीय बिजली का खतरा भी बना रहेगा।

इन 10 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी

जिन जिलों में भारी बारिश का खतरा बताया गया है, उनमें पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, बक्सर, भोजपुर, कैमूर और रोहतास समेत 10 जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में कुछ स्थानों पर तेज बारिश के साथ हवा की रफ्तार भी बढ़ सकती है। इसके अलावा 18 जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया गया है। यहां हल्की से मध्यम बारिश के साथ करीब 30 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है।

अगले सात दिन कैसा रहेगा मौसम?

मौसम विभाग के अनुसार बिहार में अगले सात दिनों तक बारिश का दौर बना रह सकता है। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। पटना समेत दक्षिण-मध्य बिहार के कुछ क्षेत्रों में भी बारिश हो सकती है। हालांकि, सभी जगह बारिश की तीव्रता एक जैसी नहीं रहेगी। कहीं थोड़े समय में तेज बारिश हो सकती है, तो कुछ इलाकों में रुक-रुककर हल्की बारिश होने की संभावना है।

तापमान में आएगी गिरावट

बारिश और बादलों के कारण प्रदेश के तापमान में भी कमी आने की उम्मीद है। आने वाले दिनों में अधिकतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। इससे लोगों को उमस और गर्मी से कुछ राहत मिल सकती है। पटना में भी मौसम करवट लेता रहेगा और हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं। राजधानी में पिछले 24 घंटे के दौरान अधिकतम तापमान 35.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

आकाशीय बिजली से रहें सावधान

बारिश के साथ कुछ जिलों में आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बताया गया है। ऐसे मौसम में लोगों को खुले मैदान, पेड़ या बिजली के खंभों के पास जाने से बचना चाहिए। किसानों और आम लोगों को मौसम विभाग के अलर्ट पर नजर रखने की सलाह दी गई है।

यूपी सरकार का बड़ा फैसला, छात्राओं के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने और पढ़ाई बीच में छोड़ने वाली छात्राओं की संख्या कम करने के लिए सरकार ने रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना शुरू करने की तैयारी की है। योजना के तहत शैक्षिक सत्र 2025-26 में स्नातक पूरा करने वाली मेधावी छात्राओं को स्कूटी दी जाएगी। इससे छात्राओं को कॉलेज आने-जाने में सुविधा मिलने के साथ उनकी उच्च शिक्षा जारी रखने में भी मदद मिलने की उम्मीद है।

टॉप 5 प्रतिशत छात्राओं को मिलेगा लाभ

योजना के तहत स्नातक उत्तीर्ण छात्राओं में से शीर्ष 5 प्रतिशत छात्राओं का चयन किया जाएगा। इसके अलावा शहीद परिवारों की मेधावी, दिव्यांग और निराश्रित छात्राओं को सामान्य मेरिट से 10 प्रतिशत तक कम अंक होने पर भी पात्रता दी जाएगी। योजना का लाभ लेने के लिए छात्रा का उत्तर प्रदेश का मूल निवासी होना जरूरी है। इसमें राज्य और निजी विश्वविद्यालयों के साथ-साथ संबंधित राजकीय, सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित महाविद्यालयों की छात्राएं भी शामिल होंगी।

विशेष श्रेणी की छात्राओं को भी मौका

शहीद परिवारों से जुड़ी छात्राओं के लिए अलग प्रावधान रखा गया है। वहीं, निर्धारित मानकों को पूरा करने वाली दिव्यांग छात्राओं को स्कूटी के साथ आवश्यक रेट्रोफिटेड स्टेबलाइजर किट भी उपलब्ध कराई जाएगी। निराश्रित श्रेणी में ऐसी छात्राओं को शामिल किया जाएगा, जिनके माता-पिता में से किसी एक की मृत्यु हो चुकी हो और परिवार में उनके भरण-पोषण का कोई अन्य साधन न हो। इसके लिए परिवार की सालाना आय 12 लाख रुपये तक निर्धारित की गई है।

कैसे होगा छात्राओं का चयन?

पोर्टल शुरू होने के बाद विश्वविद्यालयों को पात्र छात्राओं की सूची तैयार कर संबंधित जिलाधिकारी और उच्च शिक्षा विभाग को भेजनी होगी। इसके बाद जिला स्तर पर दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा। चयनित छात्राओं को अधिकृत वेंडर के माध्यम से स्कूटी उपलब्ध कराई जाएगी।

स्कूटी के साथ मिलेंगी ये सुविधाएं

सरकार ने स्कूटी के पैकेज में केवल वाहन ही नहीं, बल्कि कई अन्य सुविधाओं को भी शामिल किया है। इसमें पंजीकरण शुल्क, व्यापक वाहन बीमा, आईएसआई मार्क वाला हेलमेट, चार लीटर पेट्रोल और जरूरी एसेसरीज शामिल होंगी। हर जिले में कार्यक्रम आयोजित कर चयनित छात्राओं को स्कूटी वितरित की जाएगी।

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, यूपी समेत 7 राज्यों में लागू

राशिफल। राशन व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाने और फर्जीवाड़े पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने की तैयारी में है। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के तहत सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) आधारित डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) व्यवस्था को अब और राज्यों तक पहुंचाने की तैयारी है।

पायलट प्रोजेक्ट के सफल परीक्षण के बाद उत्तर प्रदेश, दिल्ली, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश में इसे लागू करने की दिशा में काम किया जा रहा है।

डिजिटल रुपये से मिलेगी खाद्य सब्सिडी

नई व्यवस्था में खाद्य सब्सिडी पारंपरिक बैंक खाते में भेजने के बजाय पात्र लाभार्थी के डिजिटल रुपये वॉलेट में ट्रांसफर की जा सकती है। यह राशि खास तौर पर खाद्यान्न खरीदने के लिए निर्धारित होगी। इससे सरकार को यह पता लगाने में आसानी होगी कि सब्सिडी का इस्तेमाल कहां और किस उद्देश्य से किया गया। साथ ही राशन वितरण में होने वाली गड़बड़ियों और लीकेज को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

स्मार्टफोन और मोबाइल वालों को सुविधा

स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले लाभार्थी राशन दुकान पर उपलब्ध क्यूआर कोड को स्कैन कर डिजिटल भुगतान कर सकेंगे। वहीं, सामान्य मोबाइल फोन इस्तेमाल करने वालों के लिए ओटीपी आधारित वाउचर की व्यवस्था की जा सकती है। दुकानदार के सिस्टम में ओटीपी दर्ज होते ही निर्धारित भुगतान प्रक्रिया पूरी हो जाएगी।

इस नई व्यवस्था से फर्जी एंट्री पर लगेगी रोक

इस व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत लेनदेन की डिजिटल ट्रैकिंग होगी। सब्सिडी और खाद्यान्न खरीद की प्रक्रिया रिकॉर्ड होने से फर्जी राशन वितरण या पिछली तारीख में गलत एंट्री करने जैसी गड़बड़ियों को रोकने में मदद मिल सकती है। अगर किसी लाभार्थी का डिजिटल वाउचर तय समय में इस्तेमाल नहीं होता है, तो राशि वापस सरकारी खाते में लौटने की व्यवस्था भी रखी जा सकती है।

8th Pay Commission: रिटायर हुए कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी?

नई दिल्ली। 8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों के साथ पेंशनभोगियों की नजर भी अब सरकार के अगले कदम पर है। दरअसल, कर्मचारी और पेंशनर संगठनों की ओर से मांग की जा रही है कि वेतन आयोग के दायरे में पुराने पेंशनरों को भी शामिल किया जाए। अगर सरकार इस मांग पर सहमति देती है, तो 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन के पुनर्निर्धारण का रास्ता खुल सकता है।

पेंशनर संगठनों ने उठाई मांग

पेंशनर और कर्मचारी संगठनों का कहना है कि नए वेतन आयोग का लाभ केवल वर्तमान कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। रिटायर कर्मचारियों और उनके परिवारों की आर्थिक सुरक्षा को भी ध्यान में रखा जाना जरूरी है। संगठनों की प्रमुख मांगों में 1 जनवरी 2026 से पहले रिटायर हुए कर्मचारियों की पेंशन को नए सिरे से तय करना शामिल है। इसके अलावा 8वें वेतन आयोग के Terms of Reference (ToR) में इस्तेमाल कुछ शब्दों को बदलने की मांग भी की जा रही है।

क्या पुराने पेंशनरों की पेंशन बढ़ सकती है?

अगर सरकार 8वें वेतन आयोग के ToR में बदलाव करती है और पुराने पेंशनरों को इसके दायरे में शामिल करती है, तो उनकी पेंशन के पुनरीक्षण का रास्ता बन सकता है। इससे रिटायर कर्मचारियों को संभावित रूप से राहत मिल सकती है। लेकिन अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी या सभी पुराने पेंशनरों को इसका लाभ मिलेगा।

पहले भी बदले जा चुके हैं नियम

पिछले वेतन आयोगों के उदाहरण बताते हैं कि सरकार जरूरत के अनुसार उनके दायरे और नियमों में बदलाव कर चुकी है। ऐसे में 8वें वेतन आयोग के ToR में भी भविष्य में संशोधन की संभावना पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। फिलहाल पेंशनभोगियों की नजर सरकार और वेतन आयोग के साथ होने वाली आगामी चर्चाओं पर है। अगर पुराने पेंशनरों को आयोग के दायरे में शामिल करने का फैसला होता है, तो यह लाखों रिटायर कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है।

सूर्य का शुक्र के नक्षत्र में गोचर, इन 4 राशियों के खुलेंगे किस्मत के दरवाजे

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य को आत्मविश्वास, पद-प्रतिष्ठा और नेतृत्व क्षमता का कारक माना जाता है, जबकि शुक्र सुख-सुविधा, धन, प्रेम और भौतिक सुखों से जुड़े ग्रह हैं। 31 अगस्त 2026, सोमवार को सुबह 4:04 बजे सूर्य मघा नक्षत्र से निकलकर शुक्र के पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में प्रवेश करेंगे। सूर्य यहां 13 सितंबर 2026 तक रहेंगे। इस दौरान कुछ राशियों के जातकों को करियर, धन और रिश्तों से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम मिलने की संभावना मानी जा रही है।

1. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए यह नक्षत्र परिवर्तन आर्थिक मामलों में लाभकारी रह सकता है। आय बढ़ाने के नए रास्ते मिल सकते हैं और लंबे समय से अटके किसी काम में गति आने की संभावना है। नौकरीपेशा लोगों को कार्यक्षेत्र में अपनी क्षमता दिखाने का अवसर मिल सकता है। कारोबार से जुड़े लोगों को भी नए संपर्कों से फायदा हो सकता है।

2. सिंह राशि

सूर्य सिंह राशि के स्वामी हैं, इसलिए यह गोचर इस राशि के लिए खास माना जा सकता है। आत्मविश्वास में वृद्धि होगी और कार्यक्षेत्र में आपकी पहचान मजबूत हो सकती है। नौकरी में जिम्मेदारी बढ़ने या किसी महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी मिलने के योग बन सकते हैं। आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयास भी सफल हो सकते हैं।

3. तुला राशि

तुला राशि के स्वामी शुक्र हैं और सूर्य का शुक्र के नक्षत्र में प्रवेश इस राशि के जातकों के लिए सुख-सुविधाओं से जुड़े मामलों में सकारात्मक परिणाम ला सकता है। करियर में नई संभावनाएं मिल सकती हैं। कारोबारियों को नए सौदे या साझेदारी से लाभ मिल सकता है। परिवार में भी माहौल बेहतर रहने की उम्मीद है।

4. धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए सूर्य का यह नक्षत्र परिवर्तन भाग्य का साथ बढ़ाने वाला माना जा सकता है। शिक्षा, नौकरी और करियर से जुड़े मामलों में अच्छे अवसर मिल सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण काम में सफलता मिलने से आत्मविश्वास बढ़ेगा। विदेश या दूर स्थान से जुड़े कामों में भी सकारात्मक समाचार मिल सकता है।

यूपी में EV खरीदने वालों की बल्ले-बल्ले! योगी सरकार देगी पैसा, जानें किसे मिलेगा लाभ

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वाले लोगों के लिए राहत की खबर है। लंबे समय से सब्सिडी का इंतजार कर रहे पात्र वाहन मालिकों को अब भुगतान मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। प्रदेश सरकार ने वित्तीय वर्ष 2026-27 में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए 50 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है।

रुकी हुई सब्सिडी का मिलेगा लाभ

सरकार की ओर से स्वीकृत यह रकम परिवहन विभाग के बजट में इलेक्ट्रिक वाहनों की सब्सिडी के लिए रखे गए प्रावधान से खर्च की जाएगी। इसका सबसे बड़ा फायदा उन लोगों को मिल सकता है, जिनकी सब्सिडी पिछले वर्ष से कुछ जिलों में लंबित थी।

दरअसल, निर्धारित लक्ष्य पूरा हो जाने के कारण कुछ स्थानों पर पिछले साल दिसंबर से सब्सिडी की प्रक्रिया अस्थायी रूप से प्रभावित हो गई थी। अब नई राशि स्वीकृत होने के बाद लंबित मामलों को आगे बढ़ाने का रास्ता साफ होने की उम्मीद है।

किन लोगों को मिल सकता है फायदा?

सब्सिडी का लाभ सरकार की निर्धारित पात्रता और नियमों के तहत आने वाले इलेक्ट्रिक वाहन खरीदारों को मिलेगा। जिन लोगों ने पात्र अवधि में ईवी खरीदी है और जिनका सब्सिडी दावा लंबित है, उन्हें स्वीकृत बजट से राहत मिलने की संभावना है।

ईवी को बढ़ावा देने पर जोर

उत्तर प्रदेश सरकार प्रदूषण कम करने और पेट्रोल-डीजल पर निर्भरता घटाने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहित कर रही है। सब्सिडी जैसी आर्थिक सहायता से लोगों के लिए ईवी खरीदना आसान बनाने की कोशिश की जा रही है। यानी जिन ईवी खरीदारों की सब्सिडी अटकी हुई थी, उनके लिए 50 करोड़ रुपये की मंजूरी बड़ी राहत साबित हो सकती है। हालांकि वास्तविक भुगतान संबंधित पात्रता, दस्तावेज और विभागीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही किया जाएगा।

भीगी किशमिश है सेहत का खजाना! रोज सुबह खाने से मिल सकते हैं ये 6 बड़े फायदे

हेल्थ डेस्क। किशमिश सिर्फ स्वाद बढ़ाने वाला ड्राई फ्रूट नहीं है, बल्कि इसमें फाइबर, पोटैशियम, मैग्नीशियम और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। कुछ लोग किशमिश को रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाते हैं। हालांकि, भीगी किशमिश के फायदे अलग से साबित करने वाले पर्याप्त अध्ययन नहीं हैं, लेकिन किशमिश को संतुलित डाइट का हिस्सा बनाया जा सकता है। इससे शरीर को कई फायदे मिलते हैं।

1. पाचन के लिए फायदेमंद

किशमिश में मौजूद फाइबर आंतों की सामान्य गतिविधि को बेहतर रखने में मदद करता है। पर्याप्त फाइबर कब्ज की समस्या से बचाव में उपयोगी होता है।

2. शरीर को देती है ऊर्जा

किशमिश में प्राकृतिक शुगर और कार्बोहाइड्रेट होते हैं, जो शरीर को ऊर्जा देने में मदद करते हैं। सुबह सीमित मात्रा में इसका सेवन दिन की शुरुआत के लिए अच्छा स्नैक हो सकता है।

3. पोटैशियम का अच्छा स्रोत

किशमिश में पोटैशियम पाया जाता है। यह मिनरल शरीर में मांसपेशियों के सामान्य कामकाज, नर्व सिग्नल और फ्लूइड बैलेंस में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

4. एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर

किशमिश में पॉलीफेनॉल और दूसरे पौधों से मिलने वाले यौगिक पाए जाते हैं, जिनमें एंटीऑक्सीडेंट गुण होते हैं। ये शरीर में ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से निपटने में भूमिका निभा सकते हैं।

5. डाइट में फाइबर बढ़ाने का तरीका

अगर रोजाना के भोजन में पर्याप्त फल और फाइबर शामिल नहीं हो पा रहा है तो थोड़ी मात्रा में किशमिश एक आसान विकल्प हो सकती है। एक सामान्य सर्विंग में भी फाइबर और कई जरूरी मिनरल्स मिलते हैं।

6. आयरन समेत कई पोषक तत्व मिलते हैं

किशमिश में आयरन, पोटैशियम और मैग्नीशियम जैसे मिनरल्स पाए जाते हैं। इसलिए इसे सीमित मात्रा में संतुलित आहार का हिस्सा बनाना पोषक तत्वों की विविधता बढ़ाने में मदद कर सकता है।

यूपी में बनेगी 1000 बंदियों वाली हाईटेक जेल, जानें पूरी डिटेल्स

न्यूज डेस्क। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में जेल व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। यहां अब 1000 बंदियों की क्षमता वाला नया जेल भवन बनाया जाएगा। इसके निर्माण से जुड़ी जमीन और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं में आ रही अड़चनें काफी हद तक दूर हो चुकी हैं। अधिकारियों के मुताबिक जल्द ही निर्माण कार्य शुरू कराया जा सकता है।

62 एकड़ जमीन पर बनेगा नया जेल परिसर

प्रस्तावित जेल भवन का निर्माण बलिया-गड़वार मार्ग के किनारे ग्राम नरायनपाली, खड़ीचा और घोसवटी में कराया जाएगा। परियोजना के लिए कुल 62 एकड़ भूमि की जरूरत है, जिसमें से 57 एकड़ जमीन की खरीद पूरी हो चुकी है। बाकी प्रक्रिया भी जल्द पूरी किए जाने की तैयारी है।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा परिसर

नया जेल भवन सामान्य जेलों से अलग आधुनिक सुविधाओं से तैयार किया जाएगा। निर्माण में भूकंपरोधी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। बंदियों की सुरक्षा, निगरानी और जेल प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए आधुनिक तकनीकी व्यवस्थाएं भी परिसर में शामिल की जाएंगी।

पीडब्ल्यूडी को मिली निर्माण की जिम्मेदारी

नए जेल भवन के निर्माण की जिम्मेदारी लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) को दी गई है। जमीन से जुड़ी प्रमुख बाधाएं दूर होने के बाद अब निर्माण प्रक्रिया को आगे बढ़ाने की तैयारी है।

नए जेल के तैयार होने के बाद जिले में बंदियों को रखने की क्षमता बढ़ेगी और जेल प्रशासन को आधुनिक सुविधाओं के साथ काम करने का बेहतर ढांचा मिलेगा। अधिकारियों को उम्मीद है कि निर्माण कार्य जल्द शुरू हो जाएगा।

यूपी सरकार का फैसला, किसानों और मजदूरों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में किसानों और खेतिहर मजदूरों के परिवारों के बच्चों की पढ़ाई को आसान बनाने के लिए राज्य सरकार छात्रवृत्ति योजना चला रही है। मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के तहत पात्र और मेधावी छात्रों को आर्थिक सहायता दी जाती है, ताकि पैसों की कमी उनकी पढ़ाई में रुकावट न बने। अब इस योजना के तहत मिलने वाली राशि बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रति माह कर दी गई है।

किन छात्रों को मिलेगा लाभ?

इस योजना का फायदा उत्तर प्रदेश के स्थायी निवासी उन विद्यार्थियों को मिल सकता है, जिनके माता-पिता पंजीकृत किसान या खेतिहर मजदूर हैं। छात्र का नियमित रूप से पढ़ाई करना और मेधावी होना जरूरी है। उत्तर प्रदेश बोर्ड के विद्यार्थियों के लिए 12वीं में कम से कम 70 प्रतिशत अंक और दूसरे बोर्ड के छात्रों के लिए 85 प्रतिशत अंक की शर्त बताई गई है। वहीं, पोस्ट ग्रेजुएशन के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों के लिए स्नातक में निर्धारित अंक होना जरूरी है।

आवेदन के लिए दस्तावेज?

योजना का लाभ लेने के लिए छात्र के पास उत्तर प्रदेश का निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, किसान या खेतिहर होने का प्रमाण, आय प्रमाण पत्र, पिछली कक्षा की मार्कशीट और बैंक खाते से जुड़ी जानकारी होनी चाहिए।

कैसे करना होगा आवेदन?

इस छात्रवृत्ति के लिए फिलहाल ऑनलाइन आवेदन की सुविधा नहीं है। पात्र विद्यार्थी अपने स्कूल, कॉलेज या संबंधित संस्थान से आवेदन फॉर्म प्राप्त कर सकते हैं। फॉर्म भरने के बाद संस्थान के प्राचार्य और नोडल अधिकारी से इसका सत्यापन कराया जाता है।

इस योजना का उद्देश्य किसान और मजदूर परिवारों के होनहार बच्चों को आर्थिक सहारा देना है, ताकि वे आगे की पढ़ाई जारी रख सकें और आर्थिक परेशानियों के कारण अपनी शिक्षा बीच में न छोड़ें।

बिहार के शिक्षकों के लिए बड़ा अपडेट! ट्रांसफर को लेकर नया नियम हुआ लागू

पटना। बिहार में शिक्षकों के अंतर-जिला तबादले को लेकर नया प्रावधान चर्चा में है। इसके तहत एक जिले से दूसरे जिले में जाने वाले शिक्षक को नए जिला कैडर में पुरानी वरिष्ठता का लाभ नहीं मिलेगा। यानी नए जिले में उनकी सेवा की गणना नई नियुक्ति के आधार पर की जाएगी।

पुरानी वरिष्ठता पर पड़ेगा असर

इस नियम का सबसे बड़ा असर उन शिक्षकों पर पड़ सकता है, जिन्होंने कई वर्षों तक एक ही जिले में सेवा की है। जिला बदलने के बाद उनकी पिछली सेवा अवधि नई वरिष्ठता सूची में उसी तरह प्रभावी नहीं होगी। ऐसे में लंबे अनुभव वाले शिक्षक भी नए जिले के अपेक्षाकृत कम अनुभवी शिक्षकों से नीचे आ सकते हैं।

प्रमोशन में हो सकती है देरी

नई वरिष्ठता व्यवस्था का सीधा असर पदोन्नति पर भी पड़ सकता है। नए जिले में ज्वाइनिंग की तारीख को आधार मानने पर शिक्षक को प्रधानाध्यापक या अन्य उच्च पदों के लिए वरिष्ठता हासिल करने में अधिक समय लग सकता है। सर्विस बुक और विभागीय रिकॉर्ड में भी नई पोस्टिंग से जुड़ी जानकारी महत्वपूर्ण हो जाएगी।

वरिष्ठ शिक्षक बन सकते हैं जूनियर

मान लीजिए किसी शिक्षक ने पुराने जिले में 12-15 साल की नौकरी पूरी की है। अगर वह दूसरे जिले में ट्रांसफर लेता है, तो वहां उसकी वरिष्ठता स्थानीय कैडर की सेवा के आधार पर तय हो सकती है। ऐसी स्थिति में कम अनुभव वाले शिक्षक भी उससे ऊपर हो सकते हैं।

पांच साल तक दोबारा ट्रांसफर की पाबंदी

अंतर-जिला ट्रांसफर लेने वाले शिक्षकों के लिए पांच साल की लॉक-इन अवधि भी अहम है। यानी एक बार नए जिले में स्थानांतरण के बाद लंबे समय तक दोबारा जिला बदलने का विकल्प नहीं मिलेगा। इसलिए ट्रांसफर का फैसला लेने से पहले शिक्षकों को वरिष्ठता और भविष्य की पदोन्नति पर पड़ने वाले असर को समझना जरूरी होगा।

इस सन्दर्भ के पीछे विभाग का क्या है तर्क?

शिक्षा विभाग की व्यवस्था के पीछे मुख्य उद्देश्य जिला कैडर में पहले से काम कर रहे शिक्षकों की वरिष्ठता और प्रमोशन के अधिकार को सुरक्षित रखना बताया जा रहा है। यदि बाहर से आने वाले शिक्षकों को तुरंत पुरानी वरिष्ठता दे दी जाए, तो स्थानीय शिक्षकों की पदोन्नति प्रभावित हो सकती है। ऐसे में बिहार के शिक्षकों के लिए अंतर-जिला ट्रांसफर अब सिर्फ घर के करीब पहुंचने का विकल्प नहीं रह गया है। तबादले से पहले वरिष्ठता, प्रमोशन और लॉक-इन अवधि जैसे पहलुओं को ध्यान में रखना बेहद महत्वपूर्ण होगा।

यूपी सरकार का फैसला, 3.16 लाख विद्यार्थियों के लिए बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के लाखों विद्यार्थियों के लिए राहत भरी खबर है। पिछले सत्र में तकनीकी या प्रक्रियागत दिक्कतों के कारण छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति से वंचित रह गए 3,16,057 पात्र विद्यार्थियों को सरकार ने एक और अवसर देने का फैसला किया है। इसके लिए छात्रवृत्ति पोर्टल 1 सितंबर 2026 से दोबारा खोला जाएगा।

1 सितंबर से कर सकेंगे आवेदन

जिन विद्यार्थियों की पात्रता पूरी थी, लेकिन किसी तकनीकी समस्या या प्रक्रिया में कमी के कारण उन्हें छात्रवृत्ति नहीं मिल सकी, वे दोबारा आवेदन कर सकेंगे। सरकार का उद्देश्य ऐसे पात्र छात्रों को योजना के लाभ से बाहर नहीं रहने देना है। वंचित विद्यार्थियों में 31,836 सरकारी संस्थानों, 37,795 सहायता प्राप्त संस्थानों और 2,46,426 निजी संस्थानों के छात्र शामिल हैं। आंकड़ों के मुताबिक सबसे ज्यादा विद्यार्थी निजी संस्थानों से हैं।

इस तारीख के बीच आएगी रकम

सरकार के अनुसार पात्र विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति और शुल्क प्रतिपूर्ति की राशि 29 सितंबर से 2 अक्टूबर 2026 के बीच भेजी जाएगी। भुगतान PFMS के माध्यम से सीधे विद्यार्थियों के बैंक खातों में किया जाएगा।

कई वर्गों के छात्रों को मिलेगा लाभ

इस फैसले का फायदा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, सामान्य वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के पात्र विद्यार्थियों को मिल सकता है। पोर्टल दोबारा खुलने से उन छात्रों को अपनी गलती सुधारने और आवेदन पूरा करने का मौका मिलेगा, जो पिछले सत्र में लाभ लेने से रह गए थे।

प्रदेश सरकार का क्या है मकसद?

समाज कल्याण विभाग का कहना है कि किसी भी पात्र विद्यार्थी की पढ़ाई आर्थिक परेशानी या तकनीकी खामी के कारण नहीं रुकनी चाहिए। सीधे बैंक खाते में भुगतान की व्यवस्था से पारदर्शिता बनाए रखने पर भी जोर दिया जा रहा है। इस फैसले से उन 3.16 लाख विद्यार्थियों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें पात्र होने के बावजूद पिछले सत्र में छात्रवृत्ति का लाभ नहीं मिल पाया था।

शनि देव रहेंगे मेहरबान, इन 5 राशियों को धन और करियर में मिलेगा फायदा

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्म, न्याय, अनुशासन और मेहनत का कारक माना जाता है। शनिवार का दिन शनि देव को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन शनि की अनुकूल स्थिति कुछ राशियों के जातकों के लिए करियर, आर्थिक स्थिति और कामकाज में सकारात्मक बदलाव लेकर आ सकती है। इस बार मेष, वृषभ, तुला, मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए शनिवार का दिन खास माना जा रहा है।

1. मेष राशि

मेष राशि के लोगों को कार्यक्षेत्र में अपनी मेहनत का परिणाम मिल सकता है। नौकरी में जिम्मेदारी बढ़ने या किसी महत्वपूर्ण काम में सफलता मिलने के योग बन सकते हैं। कारोबार करने वालों को भी रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना है। आर्थिक मामलों में सोच-समझकर लिया गया फैसला फायदा दे सकता है।

2. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए शनिवार धन से जुड़े मामलों में राहत लेकर आ सकता है। आय के नए रास्ते खुल सकते हैं और पुराने निवेश से लाभ मिलने की संभावना बन सकती है। नौकरी में वरिष्ठ अधिकारियों का सहयोग मिलेगा। मेहनत से किए गए काम की तारीफ भी हो सकती है।

3. तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए करियर के लिहाज से दिन अनुकूल रह सकता है। नौकरी बदलने की योजना बना रहे लोगों को कोई अच्छा अवसर मिल सकता है। कारोबार में नए संपर्क भविष्य में लाभ दे सकते हैं। आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए किए गए प्रयास सफल हो सकते हैं।

4. मकर राशि

मकर राशि शनि देव से जुड़ी राशि मानी जाती है, इसलिए शनिवार का दिन इनके लिए विशेष रह सकता है। कार्यक्षेत्र में लंबे समय से अटका कोई काम आगे बढ़ सकता है। नौकरीपेशा लोगों को प्रमोशन या नई जिम्मेदारी मिलने के संकेत मिल सकते हैं। धन के मामले में भी स्थिति बेहतर होने की उम्मीद है।

5. कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों को शनिवार को मेहनत का अच्छा परिणाम मिल सकता है। करियर में प्रगति के नए रास्ते खुल सकते हैं। कारोबारियों को किसी पुराने संपर्क से फायदा मिल सकता है। आर्थिक स्थिति में सुधार के साथ बचत पर भी ध्यान देने का मौका मिलेगा।

बिहार सरकार का बड़ा कदम, छात्रों के लिए 1 बड़ी खुशखबरी!

पटना। बिहार में उच्च शिक्षा का सपना देख रहे विद्यार्थियों के लिए सरकार ने शिक्षा ऋण को लेकर स्थिति साफ कर दी है। सरकार के मुताबिक बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में कटौती नहीं की गई है, बल्कि छात्रों के लिए आर्थिक मदद के विकल्प बढ़ाए गए हैं। नई व्यवस्था में शिक्षा ऋण के लिए राज्य वित्त निगम के साथ बैंकिंग व्यवस्था और पीएम विद्यालक्ष्मी योजना को भी जोड़ा गया है।

स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड से 2 लाख तक मदद

नई व्यवस्था के तहत बिहार राज्य शिक्षा वित्त निगम से विद्यार्थियों को 2 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण मिल सकेगा। इसके बाद 2 लाख से 4 लाख रुपये तक की जरूरत होने पर अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों के माध्यम से वित्तीय सहायता लेने का विकल्प रहेगा।

पीएम विद्यालक्ष्मी से 10 लाख तक ऋण

उच्च शिक्षा के लिए बड़ी रकम की जरूरत वाले विद्यार्थियों के लिए पीएम विद्यालक्ष्मी पोर्टल भी महत्वपूर्ण विकल्प होगा। पात्र छात्र इस व्यवस्था के जरिए 10 लाख रुपये तक का शिक्षा ऋण प्राप्त कर सकते हैं। इससे महंगी उच्च शिक्षा की फीस और अन्य खर्चों को पूरा करने में मदद मिल सकती है।

शिक्षा ऋण का बजट भी बढ़ा

सरकार ने बताया कि शिक्षा ऋण के लिए इस साल बजट में कमी नहीं की गई है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 886 करोड़ रुपये के व्यय की स्वीकृति थी, जबकि 2026-27 के लिए 950 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। यानी पिछले साल की तुलना में 64 करोड़ रुपये अधिक राशि स्वीकृत हुई है।

छात्रों को मिलेगा ज्यादा विकल्प

सरकार का कहना है कि स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड को बैंकों और पीएम विद्यालक्ष्मी पोर्टल से जोड़ने का मकसद विद्यार्थियों के सामने वित्तीय सहायता के ज्यादा रास्ते उपलब्ध कराना है। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के छात्रों को उच्च शिक्षा जारी रखने में मदद मिलने की उम्मीद है।

बिहार में इस सड़क का होगा चौड़ीकरण, लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी!

न्यूज डेस्क। बिहार के मुजफ्फरपुर में लंबे समय से संकरी और खराब सड़क से परेशान लोगों के लिए राहत की खबर है। दामोदरपुर-फरदो रोड को एनएच-22 बाइपास से जोड़ने वाली सड़क के निर्माण और चौड़ीकरण की तैयारी शुरू हो गई है। पथ निर्माण विभाग ने इसकी प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।

पहले होगा सड़क का सर्वे

पथ निर्माण विभाग के मंत्री ई. कुमार शैलेन्द्र ने विभागीय सचिव को सड़क का सर्वे कराने और उसके आधार पर डीपीआर तैयार करने को कहा है। सर्वे में सड़क की मौजूदा स्थिति, यातायात का दबाव और भविष्य में आवश्यक चौड़ाई का आकलन किया जाएगा।

10 फीट सड़क पर बढ़ा ट्रैफिक

फिलहाल इस मार्ग की चौड़ाई करीब 10 फीट है। बाइपास से जुड़ने के बाद यहां वाहनों की आवाजाही बढ़ गई है। सड़क संकरी होने के कारण बड़े वाहनों के आमने-सामने आने पर जाम की स्थिति बन जाती है। बारिश के दिनों में समस्या और गंभीर हो जाती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक दामोदरपुर-फरदो पुल से एनएच-22 तक करीब 2 से 3 किलोमीटर सड़क को चौड़ा करने की जरूरत है। डीपीआर तैयार होने के बाद आगे की निर्माण प्रक्रिया तय होगी।

कई इलाकों को होगा फायदा

सड़क बेहतर होने के बाद ब्रह्मपुरा, बैरिया और लक्ष्मी चौक की तरफ से आने वाले वाहन आसानी से बाइपास के रास्ते एनएच-22 तक पहुंच सकेंगे। इससे भगवानपुर, गोबरसही और डुमरी चौक जैसे प्रमुख इलाकों पर वाहनों का दबाव कम होने की उम्मीद है। सड़क के चौड़ीकरण से आवागमन आसान होने के साथ जाम की समस्या में भी कमी आ सकती है। फिलहाल लोगों की नजर सर्वे और डीपीआर तैयार होने के बाद शुरू होने वाली अगली प्रक्रिया पर है। 

लखनऊ में घर खरीदने का मौका, यूपीवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ। यूपी के लखनऊ में रहने के लिए घर या जमीन खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए बड़ी खबर है। राजधानी में वरुण विहार आवासीय योजना को अर्बन चैलेंज फंड से आर्थिक सहायता मिलने का रास्ता साफ हो गया है। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे और मोहान रोड के पास विकसित होने वाली यह योजना लखनऊ की सबसे बड़ी आवासीय परियोजनाओं में शामिल होगी।

6580 एकड़ में विकसित होगी वरुण विहार योजना

एलडीए की वरुण विहार योजना करीब 6580 एकड़ में विकसित की जाएगी। इसमें 25 सेक्टर बनाए जाएंगे और 15 हजार से अधिक आवासीय भूखंड विकसित करने की योजना है। परियोजना में 800 एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में पार्क, ग्रीन बेल्ट और वाटर बॉडी तैयार की जाएंगी। यहां सेंट्रल पार्क और गोल्फ कोर्स भी विकसित करने की योजना है।

इन आकार के होंगे आवासीय प्लॉट

वरुण विहार के पहले चरण में कैलाश खंड और काशी खंड में कुल 1926 आवासीय भूखंड प्रस्तावित हैं। इनमें 112.5, 162, 200, 288, 300 और 450 वर्ग मीटर के प्लॉट शामिल होंगे। प्रस्तावित भूमि दर करीब 2800 रुपये प्रति वर्ग फीट बताई गई है। मुख्यमंत्री के शुभारंभ के साथ योजना में पंजीकरण शुरू होने की उम्मीद है।

वशिष्ठ नगर योजना भी बनेगी नई टाउनशिप

आगरा एक्सप्रेसवे के आसपास एलडीए की वशिष्ठ नगर योजना भी करीब 1035 एकड़ में विकसित की जाएगी। इसमें स्टार्टअप और उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एमएसएमई विभाग को 50 एकड़ जमीन देने की योजना है।

लखनऊ को मिलेंगी कई नई सुविधाएं

अर्बन चैलेंज फंड के तहत शहर के दूसरे बड़े प्रोजेक्ट भी आगे बढ़ेंगे। 1090 चौराहे से बैकुंठ धाम तक करीब 2.3 किलोमीटर लंबा फ्लाईओवर प्रस्तावित है। हनुमान सेतु के पास बहुमंजिला लाइब्रेरी, कैलाशकुंज कॉम्प्लेक्स के पुनर्विकास और सीजी सिटी में ड्रेनेज व्यवस्था को भी गति मिलेगी। 

45 के बाद मर्द जरूर खाएं ये 5 चीजें, स्टैमिना और एनर्जी के लिए मानी जाती हैं जबरदस्त

हेल्थ डेस्क। उम्र बढ़ने के साथ शरीर में मेटाबॉलिज्म और मांसपेशियों की ताकत में बदलाव आना सामान्य है। 45 साल की उम्र के बाद पुरुषों के लिए ऐसी डाइट जरूरी हो जाती है, जिसमें पर्याप्त प्रोटीन, फाइबर, हेल्दी फैट, विटामिन और मिनरल्स मिलें। सही खान-पान नियमित व्यायाम और अच्छी नींद के साथ ऊर्जा और फिटनेस बनाए रखने में मदद कर सकता है।

1. अंडे

अंडे प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं और इनमें कई जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। नियमित मात्रा में अंडे खाना मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने और शरीर की रोजाना प्रोटीन जरूरत पूरी करने में मदद कर सकता है। उबला अंडा या कम तेल में बना अंडा बेहतर विकल्प हो सकता है।

2. बादाम और अखरोट

बादाम और अखरोट जैसे मेवों में प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट पाए जाते हैं। ये लंबे समय तक पेट भरा रखने के साथ डाइट को पौष्टिक बनाने में मदद करते हैं। रोजाना सीमित मात्रा में इनका सेवन किया जा सकता है। यह स्टैमिना और एनर्जी के लिए जबरदस्त है।

3. केला

केला कार्बोहाइड्रेट और पोटैशियम का अच्छा स्रोत है। यह शरीर को ऊर्जा देने वाला आसान और सस्ता फल है। व्यायाम या शारीरिक गतिविधि करने वाले पुरुष इसे अपने भोजन में शामिल कर सकते हैं।

4. दाल और चना

दाल, चना और दूसरी फलियां प्रोटीन, फाइबर, आयरन और कई अन्य पोषक तत्व प्रदान करती हैं। 45 के बाद मांसपेशियों की सेहत बनाए रखने के लिए पर्याप्त प्रोटीन जरूरी है। इसलिए रोजाना के भोजन में दाल या चने को शामिल करना फायदेमंद विकल्प हो सकता है।

5. पालक और हरी सब्जियां

हरी पत्तेदार सब्जियों में फोलेट, विटामिन, मिनरल्स और एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं। पालक, मेथी और दूसरी हरी सब्जियां संतुलित डाइट का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इन्हें नियमित भोजन में शामिल करने से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं।

यूपी में 'जूनियर इंजीनियर' की बंपर भर्ती, युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी!

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UPSSSC) ने जूनियर इंजीनियर (कृषि) के 134 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया सितंबर में शुरू होगी। इच्छुक अभ्यर्थियों को निर्धारित तारीख के भीतर ऑनलाइन आवेदन करना होगा।

134 पदों पर होगी नियुक्ति

यह भर्ती कृषि निदेशालय, उत्तर प्रदेश के तहत अवर अभियंता (कृषि)/Junior Engineer (Agriculture) के पदों के लिए है। भर्ती से संबंधित विज्ञापन संख्या 19-परीक्षा/2026 है। नियुक्ति उत्तर प्रदेश में ही की जाएगी।

PET-2025 वाले अभ्यर्थी को मौका

इस भर्ती में सभी उम्मीदवार सीधे आवेदन नहीं कर सकेंगे। केवल UPSSSC PET-2025 में शामिल होकर शॉर्टलिस्ट किए गए अभ्यर्थी ही मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन करने के पात्र होंगे। इसलिए आवेदन से पहले अभ्यर्थियों को अपनी पात्रता और PET शॉर्टलिस्टिंग की स्थिति जरूर जांच लेनी चाहिए।

इस तारीख से शुरू होगा आवेदन

UPSSSC के अनुसार ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 17 सितंबर 2026 से शुरू होगी। आवेदन करने की अंतिम तारीख 7 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। उम्मीदवारों को आवेदन आयोग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन करना होगा।

भर्ती से जुड़ी मुख्य जानकारी

पद: अवर अभियंता (कृषि)/जूनियर इंजीनियर (कृषि)

कुल पद: 134

विभाग: कृषि निदेशालय, उत्तर प्रदेश

आवेदन शुरू: 17 सितंबर 2026

अंतिम तारीख: 7 अक्टूबर 2026

आवेदन माध्यम: ऑनलाइन

नौकरी का स्थान: उत्तर प्रदेश

शनि के तेज प्रभाव से इन 4 राशियों का पलटेगा भाग्य, अटके काम होंगे पूरे

राशिफल। ज्योतिष शास्त्र में शनि देव को कर्म और न्याय का ग्रह माना जाता है। शनि का प्रभाव व्यक्ति को मेहनत, अनुशासन और धैर्य का महत्व समझाता है। जब शनि की स्थिति अनुकूल होती है तो लंबे समय से अटके काम गति पकड़ सकते हैं और करियर व आर्थिक मामलों में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल सकते हैं। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार वृषभ, तुला, मकर और कुंभ राशि के जातकों के लिए शनि का प्रभाव लाभकारी रह सकता है।

1. वृषभ राशि

वृषभ राशि के जातकों के लिए शनि का प्रभाव आर्थिक मामलों में राहत लेकर आ सकता है। लंबे समय से रुका हुआ पैसा मिलने की संभावना बन सकती है। नौकरीपेशा लोगों को काम के क्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। कारोबारियों के लिए भी पुराने संपर्क लाभ का कारण बन सकते हैं।

2. तुला राशि

तुला राशि वालों को करियर में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। लंबे समय से अटके किसी महत्वपूर्ण काम को पूरा करने में सफलता मिल सकती है। नौकरी में प्रमोशन या बेहतर अवसर मिलने की संभावना बन सकती है। आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए किए गए प्रयास भी रंग ला सकते हैं।

3. मकर राशि

मकर राशि पर शनि का विशेष प्रभाव माना जाता है। इस राशि के जातकों को मेहनत का अच्छा परिणाम मिलने के योग बन सकते हैं। कार्यक्षेत्र में आपकी जिम्मेदारी और प्रभाव बढ़ सकता है। रुका हुआ काम दोबारा शुरू हो सकता है और धन से जुड़े मामलों में भी धीरे-धीरे सुधार देखने को मिल सकता है।

4. कुंभ राशि

कुंभ राशि के जातकों के लिए शनि का प्रभाव नई संभावनाएं लेकर आ सकता है। नौकरी या कारोबार में कोई महत्वपूर्ण अवसर मिल सकता है। लंबे समय से चली आ रही आर्थिक परेशानी कम होने के संकेत मिल सकते हैं। मेहनत और सही रणनीति से भविष्य में अच्छे परिणाम हासिल किए जा सकते हैं।

ब्रेन में होने वाली 3 बड़ी बीमारियां, इन लक्षणों को नजरअंदाज करना पड़ सकता है भारी

हेल्थ डेस्क। दिमाग शरीर के सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है। ब्रेन से जुड़ी कई बीमारियां ऐसी हैं, जिनके शुरुआती संकेत सामान्य समस्या जैसे लग सकते हैं। लगातार या अचानक दिखाई देने वाले लक्षणों को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। यहां ब्रेन से जुड़ी तीन गंभीर बीमारियों और उनके प्रमुख संकेतों के बारे में जानिए।

1. ब्रेन स्ट्रोक

ब्रेन स्ट्रोक तब होता है जब दिमाग के किसी हिस्से में रक्त की आपूर्ति बाधित हो जाती है या रक्तस्राव होने लगता है। इसके संकेत अचानक दिखाई दे सकते हैं। चेहरे या शरीर के एक हिस्से में कमजोरी या सुन्नपन, बोलने या समझने में परेशानी, देखने में दिक्कत, चलने में असंतुलन और तेज सिरदर्द इसके प्रमुख संकेत हो सकते हैं।

2. ब्रेन ट्यूमर

ब्रेन ट्यूमर के लक्षण उसके आकार और दिमाग में मौजूद स्थान के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं। लगातार या बढ़ता हुआ सिरदर्द, मतली-उल्टी, धुंधला या दोहरा दिखाई देना, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी, संतुलन बिगड़ना, बोलने में परेशानी, याददाश्त या व्यवहार में बदलाव और दौरे इसके संभावित संकेत हो सकते हैं। हर सिरदर्द ब्रेन ट्यूमर का संकेत नहीं होता, लेकिन सिरदर्द का पैटर्न लगातार बदल रहा हो या उसके साथ दूसरे न्यूरोलॉजिकल लक्षण दिखाई दें तो जांच कराना जरूरी है।

3. मेनिन्जाइटिस

मेनिन्जाइटिस में दिमाग और रीढ़ की हड्डी को ढकने वाली झिल्लियों में सूजन हो जाती है। इसके सामान्य लक्षणों में तेज बुखार, सिरदर्द, गर्दन में अकड़न, उल्टी, रोशनी से परेशानी और भ्रम जैसी स्थिति शामिल हो सकती है। गंभीर मामलों में दौरे या शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी भी हो सकती है। खासकर तेज बुखार के साथ गर्दन अकड़ने, बेहोशी, भ्रम या दौरे जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए।

कब रहें ज्यादा सतर्क?

अचानक बोलने में दिक्कत, चेहरे या हाथ-पैर में कमजोरी, बेहोशी, दौरा, लगातार तेज सिरदर्द, देखने में अचानक बदलाव या तेज बुखार के साथ गर्दन अकड़ने जैसे लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। समय पर जांच और उपचार से गंभीर स्थिति का जोखिम कम करने में मदद मिल सकती है।

लिवर की 3 खतरनाक बीमारियां, आंखें-त्वचा और पेट में दिख सकते हैं ये बड़े संकेत

हेल्थ डेस्क। लिवर शरीर के लिए बेहद जरूरी अंग है, लेकिन इससे जुड़ी कई बीमारियां शुरुआत में बिना किसी खास लक्षण के बढ़ सकती हैं। कई बार समस्या बढ़ने पर आंखों और त्वचा का रंग बदलना, पेट में दर्द या सूजन, भूख कम लगना और लगातार थकान जैसे संकेत दिखाई देते हैं। इसलिए ऐसे बदलावों को नजरअंदाज करने के बजाय समय पर जांच कराना जरूरी है।

1. फैटी लिवर

फैटी लिवर में लिवर की कोशिकाओं में जरूरत से ज्यादा वसा जमा होने लगती है। शुरुआती दौर में अक्सर इसके कोई स्पष्ट लक्षण नहीं होते। कुछ लोगों को थकान या पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से में असहजता महसूस हो सकती है। अगर समय रहते जीवनशैली और चिकित्सकीय सलाह पर ध्यान न दिया जाए तो कुछ मामलों में यह बीमारी आगे चलकर लिवर में सूजन और गंभीर क्षति का कारण बन सकती है।

2. हेपेटाइटिस

हेपेटाइटिस में लिवर में सूजन होती है। इसके कई कारण हो सकते हैं और वायरल हेपेटाइटिस इसके प्रमुख कारणों में शामिल है। इसके संभावित संकेतों में थकान, भूख कम लगना, मतली, पेट में परेशानी, गहरे रंग का पेशाब और आंखों या त्वचा का पीला पड़ना शामिल हैं। ध्यान देने वाली बात यह है कि कई लोगों में शुरुआती चरण में कोई लक्षण दिखाई नहीं देते। इसलिए जोखिम होने पर डॉक्टर की सलाह से जांच कराना महत्वपूर्ण है।

3. लिवर सिरोसिस

सिरोसिस में लंबे समय तक लिवर को नुकसान पहुंचने के बाद उसमें स्थायी दाग और कठोरता विकसित हो सकती है। शुरुआत में थकान, भूख कम लगना, वजन घटना और पेट में दर्द जैसे लक्षण हो सकते हैं। बीमारी बढ़ने पर पीलिया और पेट में पानी जमा होने जैसी समस्या दिखाई दे सकती है। कई मामलों में लिवर की बीमारी काफी आगे बढ़ने तक स्पष्ट संकेत नहीं देती। इसलिए लगातार कमजोरी, भूख में कमी, पेट में सूजन या आंखों का पीला होना जैसे बदलावों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

आंखें, त्वचा और पेट में दिखें ये संकेत तो रहें सतर्क

आंखों या त्वचा का पीला होना, पेशाब का गहरा रंग, पेट में लगातार दर्द या असामान्य सूजन, बिना वजह वजन घटना और अत्यधिक थकान लिवर की समस्या से जुड़े संकेत हो सकते हैं। हालांकि इन लक्षणों के कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं, इसलिए केवल लक्षणों के आधार पर बीमारी का निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।

ब्रेन ट्यूमर के 5 बड़े संकेत, शरीर में दिखें ये लक्षण तो तुरंत हो जाएं सावधान

हेल्थ डेस्क। ब्रेन ट्यूमर एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या हो सकती है, जिसमें मस्तिष्क की कोशिकाएं असामान्य तरीके से बढ़ने लगती हैं। हर ब्रेन ट्यूमर कैंसरयुक्त नहीं होता, लेकिन इसके कुछ लक्षणों को नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है। खास बात यह है कि इसके संकेत ट्यूमर की जगह, आकार और बढ़ने की गति के आधार पर अलग-अलग हो सकते हैं।

1. बार-बार या लगातार सिरदर्द

अगर सिरदर्द लगातार बना रहता है, समय के साथ बढ़ रहा है या सुबह उठने पर ज्यादा महसूस होता है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए। खासकर जब सिरदर्द के साथ उल्टी या नजर से जुड़ी परेशानी भी हो।

2. बार-बार उल्टी या जी मिचलाना

बिना किसी स्पष्ट कारण के लगातार जी मिचलाना या उल्टी होना भी मस्तिष्क में बढ़े दबाव से जुड़ा हो सकता है। हालांकि इसके कई दूसरे कारण भी हो सकते हैं, इसलिए केवल इस लक्षण से ब्रेन ट्यूमर का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।

3. नजर में बदलाव

धुंधला दिखाई देना, दो-दो चीजें नजर आना या देखने के क्षेत्र में बदलाव जैसे लक्षण भी ध्यान देने योग्य हैं। यदि आंखों से जुड़ी समस्या अचानक शुरू हुई है या लगातार बनी हुई है, तो डॉक्टर से जांच कराना जरूरी है।

4. कमजोरी या सुन्नपन

हाथ-पैर में कमजोरी, सुन्नपन या शरीर के एक हिस्से को चलाने में परेशानी न्यूरोलॉजिकल समस्या का संकेत हो सकती है। ऐसे लक्षण अचानक दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय मदद लेनी चाहिए।

5. याददाश्त और व्यवहार में बदलाव

बातों को याद रखने में परेशानी, सोचने-समझने में बदलाव, भ्रम, व्यक्तित्व में अचानक परिवर्तन या बोलने में दिक्कत जैसे लक्षण भी मस्तिष्क से जुड़ी समस्या की ओर इशारा कर सकते हैं।

केंद्र सरकार की बड़ी तैयारी, बिहारवासियों के लिए बड़ी खुशखबरी

न्यूज डेस्क। बिहार के गया जिले के लोगों के लिए बड़ी खबर है। मोक्षदायिनी फल्गु नदी के पुनर्जीवन की दिशा में केंद्र सरकार के स्तर पर कवायद तेज हो गई है। नदी की उड़ाही कराने और उसमें जलधारा बनाए रखने को लेकर एक विस्तृत योजना तैयार की जा रही है। जल्द ही इस दिशा में जमीन पर काम शुरू होने की उम्मीद जताई जा रही है।

केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने फल्गु नदी को लेकर चल रही पहल पर खुशी जताते हुए इसे गयाजी के विकास के लिए अहम कदम बताया है। उनके मुताबिक दिल्ली में केंद्रीय स्तर पर हुई बैठक में नदी के पुनर्जीवन के लिए तैयार किए जा रहे ब्लूप्रिंट पर चर्चा की गई।

पितृपक्ष से पहले बड़ी पहल

फल्गु नदी गयाजी की धार्मिक पहचान से गहराई से जुड़ी है। पितृपक्ष के दौरान देश के अलग-अलग हिस्सों से श्रद्धालु यहां पिंडदान और तर्पण के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में नदी में बेहतर जलधारा की व्यवस्था होने से श्रद्धालुओं को भी सुविधा मिल सकती है।

नदियों को जोड़ने पर भी जोर

फल्गु के पुनर्जीवन के साथ भविष्य में नदियों को आपस में जोड़ने की संभावनाओं पर भी काम किए जाने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य गयाजी के विकास को व्यापक रूप देना है। नदी में पर्याप्त पानी रहने से धार्मिक गतिविधियों के साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

पेयजल संकट में मिल सकती है राहत

फल्गु नदी में सालभर जलधारा बनाए रखने की योजना सफल होती है तो इसका फायदा स्थानीय लोगों को भी मिल सकता है। पेयजल व्यवस्था बेहतर होने के साथ नदी के आसपास के क्षेत्र में पर्यटन और अन्य गतिविधियों को गति मिलने की संभावना है। केंद्रीय स्तर पर हुई बैठक में नदी की उड़ाही और आगे की कार्ययोजना को लेकर चर्चा हो चुकी है। अब लोगों की नजर इस बात पर है कि फल्गु नदी के पुनर्जीवन की योजना कब धरातल पर उतरती है।

सावन के आखिरी सोमवार बनेंगे 4 शुभ योग, 5 राशियों की चमकेगी किस्मत, मिलेगा धन लाभ

राशिफल। 24 अगस्त 2026 को सावन का आखिरी सोमवार है। ज्योतिष के अनुसार इस दिन कई शुभ योगों का संयोग बन रहा है। पंचांग के मुताबिक सुबह 7:02 बजे तक प्रीति योग रहेगा, इसके बाद आयुष्मान योग शुरू होगा। इसके साथ ही बुधादित्य योग और हंस राजयोग भी प्रभावी रहेंगे। ऐसे में यह दिन कुछ राशियों के लिए बेहद शुभ माना जा रहा है।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए सावन का आखिरी सोमवार आर्थिक रूप से लाभकारी रह सकता है। अटके हुए काम पूरे होने के साथ धन प्राप्ति के नए अवसर मिल सकते हैं। नौकरीपेशा लोगों को भी कोई अच्छी खबर मिल सकती है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों को करियर और कारोबार में फायदा मिलने के योग हैं। नई योजना पर काम शुरू कर सकते हैं। व्यापार में लाभ और आमदनी बढ़ने के संकेत हैं। परिवार का भी सहयोग मिलेगा।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए यह शुभ संयोग तरक्की के रास्ते खोल सकता है। नौकरी में जिम्मेदारी बढ़ने के साथ पद और प्रतिष्ठा में वृद्धि हो सकती है। निवेश से भी लाभ मिलने की संभावना बन रही है।

तुला राशि

तुला राशि के जातकों के लिए आर्थिक स्थिति मजबूत होने के योग हैं। लंबे समय से अटका पैसा वापस मिल सकता है। कारोबार करने वालों को कोई बड़ा सौदा हाथ लग सकता है। घर-परिवार में भी सुख-शांति बनी रहेगी।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए सावन का अंतिम सोमवार भाग्य का साथ लेकर आ सकता है। कार्यक्षेत्र में सफलता मिलेगी और आय के नए स्रोत बन सकते हैं। धार्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी और मानसिक शांति का अनुभव होगा।