यूपी में इस योजना से गंभीर बीमारी का मुफ्त इलाज

लखनऊ | उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाई जा रही ‘गंभीर बीमारी सहायता योजना’ अब उन निर्माण श्रमिकों के लिए राहत बनकर सामने आ रही है, जो आयुष्मान भारत योजना की पात्रता के दायरे में नहीं आते। इस योजना के तहत रजिस्टर्ड निर्माण श्रमिकों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए आर्थिक सहायता दी जाती है — वो भी कैशलेस इलाज के बराबर लाभ के साथ।

आयुष्मान योजना के बाहर वालों के लिए वरदान

देशभर में आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत गरीब और पात्र परिवारों को ₹5 लाख तक का हेल्थ कवर मिलता है। हालांकि इसके लिए BPL, अंत्योदय कार्ड या SECC डेटा में नाम होना जरूरी है। लेकिन ऐसे बहुत से श्रमिक हैं जो इन शर्तों को पूरा नहीं कर पाते, और गंभीर बीमारी की स्थिति में इलाज करा पाना उनके लिए असंभव हो जाता है।

यही वह खाली जगह है जिसे उत्तर प्रदेश सरकार की गंभीर बीमारी सहायता योजना भर रही है। खास बात यह है कि इस योजना का लाभ लेने के लिए BPL कार्ड या अंत्योदय श्रेणी में होना जरूरी नहीं है — बस श्रम विभाग के अंतर्गत रजिस्टर्ड निर्माण श्रमिक होना चाहिए।

कौन ले सकता है योजना का लाभ?

आवेदनकर्ता यूपी में रजिस्टर्ड निर्माण श्रमिक होना चाहिए

श्रमिक के पति/पत्नी, माता-पिता, अविवाहित बेटियां, और 21 वर्ष से कम आयु के बेटे को योजना का लाभ मिलेगा

जो लोग पहले से आयुष्मान भारत योजना या मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना का लाभ ले रहे हैं, वे इस योजना के लिए पात्र नहीं हैं

मिलेंगे ये फायदे — बिना खर्च के इलाज की सुविधा

इस योजना के तहत इलाज का पूरा खर्च सरकार उठाएगी। इलाज पर कोई अधिकतम सीमा नहीं — जितना खर्च, उतनी मदद। सरकारी और प्राइवेट दोनों अस्पतालों में इलाज संभव है। 

सरकार का मकसद – श्रमिकों को मुश्किल वक्त में देना सहारा

उत्तर प्रदेश बिल्डिंग एंड अदर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड (UPBOCWWB) की इस योजना का उद्देश्य श्रमिकों और उनके परिवार को गंभीर बीमारी की स्थिति में सहारा देना है। इलाज के लिए उन्हें दर-दर भटकना न पड़े, इसलिए यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए संजीवनी साबित हो रही है।

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