क्यों महत्वपूर्ण है यह भर्ती?
एफएसडीए में औषधि निरीक्षकों की भूमिका बेहद अहम मानी जाती है। इनका मुख्य कार्य दवाओं की गुणवत्ता की जांच करना, नमूने एकत्र करना और नकली या निम्न गुणवत्ता वाली औषधियों के खिलाफ कार्रवाई करना होता है। प्रदेश में लंबे समय से इन पदों पर रिक्तियां बनी हुई थीं, जिससे जांच और निगरानी जैसे जरूरी कार्य प्रभावित हो रहे थे।
वर्तमान स्थिति और चुनौतियां
एफएसडीए में कुल 109 औषधि निरीक्षक पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से 32 से अधिक पद पिछले दो वर्षों से खाली पड़े हैं। कई जिलों में तो एक भी निरीक्षक तैनात नहीं है, जिससे वहां नकली दवाओं की जांच अभियान में परेशानी आ रही है। उदाहरण के तौर पर मुरादाबाद, कासगंज, चंदौली, झांसी, गोरखपुर और चित्रकूट जैसे जिलों में निरीक्षकों का पूरी तरह अभाव है। कुछ बड़े जिलों में भी स्थिति संतोषजनक नहीं है। लखनऊ जैसे जिलों में जहां दो पद स्वीकृत हैं, वहां भी एक निरीक्षक ही काम देख रहा है। इससे न केवल कार्यभार बढ़ रहा है बल्कि निगरानी की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है।
विभागीय प्रयास और भविष्य की योजना
एफएसडीए ने इस गंभीर स्थिति को सुधारने के लिए पहल की है। विभागीय आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने जानकारी दी है कि 27 पदों के लिए अधियाचन आयोग को भेज दिया गया है और इन पर जल्द से जल्द नियुक्ति कराने का प्रयास जारी है। इसके अलावा शेष रिक्त पदों को भरने की दिशा में भी कार्रवाई की जा रही है। भविष्य में दवाओं की जांच व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए औषधि निरीक्षक पदों की संख्या बढ़ाने की भी समीक्षा की जाएगी। इसके साथ ही अन्य संवर्गों में भी रिक्त पदों को भरने के लिए नियोजन प्रक्रिया प्रारंभ की जाएगी।

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