NPS का परिचय
NPS जनवरी 2004 में सरकारी कर्मचारियों के लिए शुरू हुआ था और 2009 में इसे सभी वर्गों के लिए खोल दिया गया। यह एक लंबी अवधि का निवेश विकल्प है, जो न सिर्फ टैक्स बचत का अवसर देता है, बल्कि रिटायरमेंट के बाद नियमित आय सुनिश्चित करने में भी मदद करता है।
नए मॉडल और उनकी खासियत
1 .सिस्टमैटिक विड्रॉल प्लान (SWP) + एन्युटी मॉडल
इस मॉडल में निवेशक नियमित योगदान करते हैं और रिटायरमेंट के बाद SWP के माध्यम से प्रारंभिक मासिक पेंशन प्राप्त करते हैं। योगदान 18 साल की उम्र से शुरू होकर कम से कम 20 साल तक होना चाहिए। रिटायरमेंट पर शुरू में 4.5% मासिक पेंशन दी जाती है, जो अगले 10 साल में 0.25% वार्षिक वृद्धि के साथ बढ़ती है। 90 साल की उम्र से पहले निवेशक की मृत्यु होने पर जीवनसाथी या बच्चे उनके काल्पनिक 90वें जन्मदिन तक लाभ प्राप्त करेंगे।
2 .महंगाई-अनुकूल पेंशन मॉडल
यह योजना उन लोगों के लिए है जो चाहते हैं कि उनकी पेंशन महंगाई के अनुसार बढ़ती रहे। रिटायरमेंट के पहले साल की पेंशन तय होती है और इसके बाद प्रत्येक वर्ष उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI-IW) के आधार पर बढ़ाई जाती है। न्यूनतम 20 साल योगदान आवश्यक है। फंड का निवेश सरकारी सिक्योरिटीज और उच्च रेटिंग वाले बांडों में होता है, जबकि अधिक रिटर्न के लिए 25% तक इक्विटी में निवेश किया जा सकता है।
3 .(तीसरा मॉडल – विवरण अभी PFRDA पर कंसल्टेशन के तहत है)
यह मॉडल फिलहाल चर्चा और सुझावों के लिए खुला है। इसका मकसद लोगों को रिटायरमेंट के लिए बचत और निवेश में और अधिक विकल्प प्रदान करना है।
सरकार का उद्देश्य
इन नए विकल्पों का मुख्य लक्ष्य NPS को ज्यादा व्यक्तिगत और लचीला बनाना है। अब निवेशक अपनी जोखिम क्षमता और भविष्य की जरूरतों के अनुसार विकल्प चुन सकते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, यह पहल रिटायरमेंट के समय वित्तीय सुरक्षा और स्थिर आय सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण साबित होगी।

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