भारत में इस देश से बरस रहे पैसे, अमेरिका-चीन भी हैंरान!

नई दिल्ली। साल 2025 में  भारत ने विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) के मामले में विशेष ध्यान खींचा है। PIB के हालिया आंकड़ों के अनुसार, वित्त वर्ष 2024-25 में भारत में एफडीआई प्रवाह 81.04 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जो पिछले वर्ष के 71.28 बिलियन डॉलर से लगभग 14% अधिक है। अमेरिका, चीन जैसे बड़े देश भले ही वैश्विक अर्थव्यवस्था में अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन भारत में सबसे अधिक निवेश करने वाले देश उनमें शामिल नहीं हैं।

कौन हैं भारत के सबसे बड़े निवेशक?

भारत में लगातार सबसे बड़ा एफडीआई स्रोत सिंगापुर बना हुआ है। सातवें वर्ष भी सिंगापुर ने भारत में सबसे अधिक निवेश किया। मॉरीशस और अमेरिका क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर हैं। साल 2025-26 की पहली तिमाही में अमेरिका ने 5.61 बिलियन डॉलर का निवेश किया, जो पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि से लगभग तीन गुना अधिक है। वहीं, मॉरीशस 2.08 बिलियन डॉलर और सिंगापुर 4.59 बिलियन डॉलर के निवेश के साथ शीर्ष निवेशक बने रहे।

कौन से क्षेत्र आकर्षित कर रहे निवेश?

वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही के आंकड़े बताते हैं कि कंप्यूटर सॉफ्टवेयर और हार्डवेयर, सेवाएं, और ऑटोमोबाइल क्षेत्र सबसे अधिक एफडीआई आकर्षित कर रहे हैं। इन क्षेत्रों में विदेशी निवेश का बड़ा हिस्सा भारत की तकनीकी और सेवा क्षमताओं में भरोसा दिखाता है।

राज्यवार एफडीआई का बंटवारा

महाराष्ट्र इस मामले में सबसे आगे रहा, जिसने कुल एफडीआई का 39% हिस्सा आकर्षित किया। इसके बाद कर्नाटक (13%) और दिल्ली (12%) का स्थान रहा। सिंगापुर ने कुल FDI का लगभग 30% हिस्सा दिया, मॉरीशस 17% और अमेरिका 11% के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।

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