पढ़ाई को लेकर भारतीयों की सोच
भारत में पढ़ाई सिर्फ एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक जुनून बन चुकी है। UPSC, JEE, NEET, एसएससी और बैंकिंग जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाएं इस बात का प्रमाण हैं कि यहां के छात्र न केवल लंबे समय तक पढ़ाई करते हैं, बल्कि उसे गहराई से समझने की कोशिश भी करते हैं।
कुछ छात्र जहां हर दिन 10 से 12 घंटे तक पढ़ाई करते हैं, वहीं कुछ 3 से 4 घंटे की पढ़ाई में भी शानदार सफलता हासिल कर लेते हैं। इससे यह साफ होता है कि सफलता सिर्फ घंटों की संख्या से नहीं, बल्कि समझने की दक्षता से भी जुड़ी होती है।
चीन और अमेरिका की स्थिति
शिक्षा के मामले में चीन और अमेरिका का हमेशा से ही एक मजबूत रिकॉर्ड रहा है। यहां की प्रतिस्पर्धी प्रणाली छात्रों को अनुशासन में रखती है। लेकिन NOP वर्ल्ड कल्चर स्कोर इंडेक्स की रिपोर्ट के अनुसार चीन के छात्र 8 घंटे प्रति सप्ताह पढ़ाई करते हैं, वहीं, अमेरिका की 5.42 घंटे प्रति सप्ताह
कौन से देश पढ़ाई में सबसे आगे हैं?
1. भारत: औसतन 10.42 घंटे प्रति सप्ताह
NOP इंडेक्स के अनुसार, भारतीय छात्र हर सप्ताह सबसे ज्यादा समय पढ़ाई को देते हैं। शिक्षा को लेकर यहां गंभीरता इतनी अधिक है कि यह देश दुनिया में शीर्ष पर है।
2. थाईलैंड: 9.24 घंटे प्रति सप्ताह
पर्यटन के लिए मशहूर इस देश के युवा भी पढ़ाई को लेकर पीछे नहीं हैं। थाई छात्रों में भी पढ़ाई को लेकर जागरूकता बढ़ रही है।
3. चीन: लगभग 8 घंटे प्रति सप्ताह
शिक्षा के मामले में चीन का हमेशा से ही एक मजबूत रिकॉर्ड रहा है। यहां की प्रतिस्पर्धी प्रणाली छात्रों को अनुशासन में रखती है।
4. फिलिपींस: 7.36 घंटे प्रति सप्ताह
बता दें की फिलिपींस के छात्र औसतन साढ़े सात घंटे सप्ताहिक पढ़ाई करते हैं, जो इसे शीर्ष पांच देशों में शामिल करता है।
5. मिस्र: 7.3 घंटे प्रति सप्ताह
मध्य-पूर्वी देशों में मिस्र एक ऐसा उदाहरण है, जहां शिक्षा को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। यहां भी छात्र खूब पढ़ाई कर रहे हैं।
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