DAC की यह बैठक 33,000 करोड़ रुपये से अधिक के रक्षा सौदों को मंजूरी देने के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। खास बात यह है कि ये सभी प्रस्ताव 'आत्मनिर्भर भारत' अभियान के तहत स्वदेशी रक्षा उद्योग को मजबूती देने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं।
सेना को मिलेगा पिनाका रॉकेट सिस्टम
भारतीय सेना को जल्द ही देश में विकसित किया गया पिनाका मल्टी-बैरल रॉकेट लॉन्चर (MBRL) मिलने जा रहा है। यह प्रणाली एक साथ कई रॉकेट दागने में सक्षम है और इसकी रेंज करीब 90 किलोमीटर तक है। बैठक में 1000 से अधिक पिनाका रॉकेट्स की खरीद को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। यह सिस्टम युद्ध के मैदान में तेजी से प्रतिक्रिया देने की क्षमता में इजाफा करेगा।
वायुसेना और नौसेना को MR-SAM मिसाइलें
देश की वायु और समुद्री सीमाओं की सुरक्षा को और सशक्त बनाने के लिए मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (MR-SAM) की खरीद भी एजेंडे में शामिल है। Bharat Dynamics द्वारा निर्मित यह मिसाइल प्रणाली करीब 100 किलोमीटर की दूरी तक दुश्मन के विमानों और मिसाइलों को निशाना बना सकती है। अनुमान है कि दोनों सेनाओं को 300 से अधिक मिसाइलें दी जाएंगी।
सेना को मिलेंगे अत्याधुनिक एयर डिफेंस वाहन
थल सेना के लिए विशेष कमांड और कंट्रोल एयर डिफेंस वाहन भी प्रस्तावित हैं, जो युद्ध के दौरान तेज निर्णय लेने और संचालन को सटीक बनाने में सहायक होंगे। ये वाहन हाल ही में पाकिस्तान के साथ हुई मुठभेड़ों के दौरान कारगर साबित हुए थे, जिससे उनकी मांग और अधिक बढ़ गई है।
नौसेना के लिए लैंडिंग प्लेटफॉर्म डॉक (LPD)
इस बार की बैठक का सबसे बड़ा और रणनीतिक सौदा चार लैंडिंग प्लेटफॉर्म डॉक (LPD) जहाज़ों का है। हर LPD का वजन 20,000 टन से अधिक होगा, जो उन्हें लगभग एक छोटे एयरक्राफ्ट कैरियर के बराबर बनाता है। इन जहाज़ों की अनुमानित लागत 33,000 करोड़ रुपये है। LPD जहाज़ों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि वे समुद्र और ज़मीन दोनों पर अभियान चलाने में सक्षम होते हैं।
क्यों है 23 नवंबर की बैठक अहम?
पहले यह बैठक 23 अक्टूबर को निर्धारित थी, लेकिन उसी दिन नेवल कमांडर्स कॉन्फ्रेंस होने के कारण इसे स्थगित कर दिया गया। अब यह बैठक 23 नवंबर को आयोजित की जाएगी। माना जा रहा है कि इसमें लिए गए फैसलों से भारत की रक्षा तैयारियों को रणनीतिक बढ़त मिलेगी।

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