अधिकारी और कर्मचारी ध्यान दें! यूपी में लागू हुआ नया आदेश

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने अपने अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। शासन ने “मिशन कर्मयोगी भारत” के तहत 63 प्रमुख विभागों के 17 लाख से अधिक कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की विशेष ट्रेनिंग अनिवार्य कर दी है। यह आदेश तकनीकी दक्षता को अब किसी विकल्प के बजाय जरूरी मानता है।

कर्मचारियों और अधिकारियों को कौन से कोर्स करना होगा?

सरकार ने निर्देश दिया है कि सभी कर्मचारियों और अधिकारियों को मिशन कर्मयोगी भारत पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा। इसके तहत कुल तीन प्रकार के कोर्स निर्धारित किए गए हैं। इनमें AI का परिचय वाला कोर्स हर हाल में पूरा करना आवश्यक है। यह कोर्स शासन और प्रशासन में डिजिटल कार्य प्रणाली को मजबूत करने और कामकाज को आसान बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया है।

पाठ्यक्रम तैयार करने के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन

ट्रेनिंग को प्रभावी और व्यवस्थित रूप से लागू करने के लिए कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन का गठन किया गया है। यह आयोग विशेषज्ञों की टीम के साथ मिलकर ऐसे पाठ्यक्रम बनाएगा जो कर्मचारियों और अधिकारियों को डिजिटल गवर्नेंस के उपकरणों और प्रक्रियाओं से परिचित कराएगा। इससे विभागों में फाइलों के निस्तारण, जनता की शिकायतों का समाधान और डाटा विश्लेषण में तेजी आएगी।

प्रशासनिक सुधार और डिजिटल गवर्नेंस

वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि AI की ट्रेनिंग आने वाले समय में शासन और प्रशासन के कामकाज के बीच सेतु का काम करेगी। डिजिटल प्रशासन की मदद से फाइलों की लंबित स्थिति, जन शिकायतों की प्रगति और विभागीय प्रदर्शन आसानी से ट्रैक किया जा सकेगा। इस कदम से स्मार्ट वर्क के माध्यम से सरकारी कार्यालयों में कागजी प्रक्रियाओं को कम किया जा सकेगा और डिजिटल गवर्नेंस मजबूत होगा।

लापरवाही पर होगी सख्त कार्रवाई

आदेश में यह स्पष्ट किया गया है कि जो अधिकारी और कर्मचारी निर्धारित समय में AI के परिचय कोर्स को पूरा नहीं करेंगे, उनके खिलाफ कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। यह सुनिश्चित करेगा कि सभी कर्मचारियों और अधिकारियों की ट्रेनिंग समय पर पूरी हो और प्रशासनिक सुधार में कोई बाधा न आए।

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