पहली खुशखबरी: खेती के लिए मिलेगा अनुदान
योजना में किसानों को आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत औषधीय पौधों की खेती के लिए 36,000 रुपये प्रति हेक्टेयर तक का अनुदान दिया जाएगा। इसके लिए कुल 36 लाख रुपये की राशि निर्धारित की गई है। इससे किसानों को पारंपरिक फसलों के साथ कमाई के नए विकल्प मिल सकते हैं।
दूसरी खुशखबरी: क्लस्टर में होगी खेती
सरकार चयनित क्षेत्रों में औषधीय फसलों की खेती को क्लस्टर के रूप में आगे बढ़ाएगी। एलोवेरा, अश्वगंधा और ब्राह्मी के लिए प्रत्येक राजस्व ग्राम या क्लस्टर में 5 हेक्टेयर, जबकि शतावरी के लिए 4 हेक्टेयर क्षेत्र चिह्नित किया जाएगा।
किसानों को मिलेगा तकनीकी सहयोग
कृषि विभाग की ओर से किसानों को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि खेती की तकनीक, उत्पादन और विपणन से जुड़ी जानकारी भी उपलब्ध कराने की योजना है। इससे किसानों को फसल तैयार करने के साथ उसे बाजार तक पहुंचाने में भी मदद मिल सकती है।
सरकार का उद्देश्य औषधीय पौधों की खेती को किसानों के लिए अतिरिक्त आय के विकल्प के रूप में विकसित करना है। चयनित क्षेत्रों में इसके विस्तार की दिशा में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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