अमेरिका के कड़े रुख पर रूस की चेतावनी! बढ़ा तनाव, जानें पूरा मामला

न्यूज डेस्क। अमेरिका और रूस के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 18 सितंबर 2026 को रूस और ईरान से जुड़े नए प्रतिबंध कानून पर हस्ताक्षर कर इसे लागू कर दिया। कानून का मकसद रूस पर आर्थिक दबाव बढ़ाना है। इसमें रूसी ऊर्जा क्षेत्र और प्रतिबंधों से बचने के लिए इस्तेमाल होने वाले जहाजों के खिलाफ कार्रवाई के प्रावधान भी शामिल हैं।

रूस ने शांति वार्ता को लेकर जताई चिंता

नए अमेरिकी कदम पर क्रेमलिन ने आपत्ति जताई है। प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव के अनुसार, अतिरिक्त अमेरिकी प्रतिबंध यूक्रेन में शांतिपूर्ण समाधान खोजने की कोशिशों को और मुश्किल बना सकते हैं। रूस का कहना है कि आर्थिक दबाव बढ़ने से पहले से जटिल कूटनीतिक प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।

रूस के तेल खरीदारों पर भी असर

नए कानून में अमेरिकी राष्ट्रपति को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत तक अतिरिक्त टैरिफ लगाने का अधिकार दिया गया है। हालांकि, यह शुल्क अपने आप लागू नहीं होता, बल्कि अमेरिकी प्रशासन को इसे लागू करने का अधिकार देता है। कानून में रूस से आने वाले कुछ सामान पर ऊंचे टैरिफ का प्रावधान भी रखा गया है।

मॉस्को की आगे की रणनीति पर नजर

रूसी अधिकारियों ने कानून को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पूर्व राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव ने भी इसे रूस के खिलाफ कदम बताते हुए जवाब देने की बात कही है। ऐसे में आने वाले दिनों में अमेरिका-रूस संबंधों और यूक्रेन में चल रही कूटनीतिक कोशिशों पर इस कानून के असर को लेकर नजर बनी रहेगी।

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