तीन जगहों पर चिन्हित हुई जमीन
प्रस्तावित एयरपोर्ट के लिए रामपुर प्रखंड के सबार, पाली और रामपुर मौजा में जमीन चिह्नित की गई है। तीनों क्षेत्रों को मिलाकर करीब 160 एकड़ जमीन उपलब्ध बताई गई है। खास बात यह है कि यह स्थान बनारस-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे के आसपास है। इससे भविष्य में सड़क के जरिए एयरपोर्ट तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।
अब जमीन की होगी तकनीकी जांच
जमीन का प्रस्ताव भेजे जाने के बाद अब इसकी विस्तृत जांच का चरण शुरू होगा। नागरिक विमानन विभाग ने कैमूर और रोहतास के जिलाधिकारियों से जरूरी जानकारियां मांगी हैं। इसके बाद भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण यानी AAI की टीम स्थल का निरीक्षण कर सकती है। जांच में यह देखा जाएगा कि प्रस्तावित स्थान विमान संचालन और एयरपोर्ट निर्माण के लिहाज से कितना उपयुक्त है।
मांगी गई जमीन से जुड़ी कई जानकारियां
विभाग ने जमीन की सही स्थिति समझने के लिए कई तरह के दस्तावेज और तकनीकी विवरण मांगे हैं। इसमें जमीन की लोकेशन और खसरा नंबर वाला नक्शा, लंबाई-चौड़ाई का विवरण, सर्वे ऑफ इंडिया का नक्शा और पिछले 10 वर्षों का मौसम संबंधी रिकॉर्ड शामिल है। इसके अलावा हवा की दिशा और गति तथा जमीन की ऊंचाई-निचाई की जानकारी भी जुटाई जाएगी। इससे एयरपोर्ट के लिए रनवे और अन्य जरूरी ढांचे की संभावनाओं का आकलन किया जा सकेगा।
मुख्यमंत्री ने की थी यहां एयरपोर्ट की घोषणा
कैमूर-रोहतास क्षेत्र में एयरपोर्ट बनाने की घोषणा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुंडेश्वरी धाम में आयोजित सहयोग यात्रा के दौरान की थी। इसके बाद प्रशासन ने उपयुक्त जमीन तलाशने की प्रक्रिया शुरू की। अब रामपुर प्रखंड में जमीन चिन्हित होने के बाद प्रस्ताव को आगे बढ़ाया गया है।

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