कक्षा 6 से 12 तक छात्राओं को मिलेंगे मुफ्त नैपकिन
प्रस्तावित नीति के तहत सरकारी और सहायता प्राप्त स्कूलों में कक्षा 6 से 12 तक पढ़ने वाली छात्राओं को मुफ्त सैनिटरी नैपकिन उपलब्ध कराने की व्यवस्था होगी। स्कूल न जाने वाली या पढ़ाई बीच में छोड़ चुकी किशोरियों को भी योजना के दायरे में लाने की तैयारी है। वंचित वर्ग की किशोरियों को विशेष प्राथमिकता देने की बात कही गई है।
पढ़ाई के साथ मिलेगी जरूरी जानकारी
सरकार माहवारी से जुड़े स्वास्थ्य एवं स्वच्छता विषयों को स्कूलों की नियमित गतिविधियों से जोड़ने की तैयारी कर रही है। जागरूकता सत्रों के जरिए छात्राओं को सुरक्षित माहवारी प्रबंधन, व्यक्तिगत स्वच्छता और किशोरावस्था से जुड़े जरूरी विषयों की जानकारी दी जाएगी। मिथकों और झिझक को कम करने के लिए डिजिटल और सोशल मीडिया का भी सहारा लिया जाएगा।
योजनाओं को एक नीति में लाने की तैयारी
माहवारी स्वास्थ्य से जुड़ी सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए राज्य स्तरीय समिति की बैठक में विभिन्न विभागों के बीच समन्वय पर चर्चा हुई। सरकार का प्रयास है कि अलग-अलग विभागों की मौजूदा योजनाओं और पहलों को एक साझा नीति के तहत व्यवस्थित किया जाए, ताकि किशोरियों तक सुविधाएं प्रभावी तरीके से पहुंच सकें।
प्रस्तावित नीति लागू होने के बाद इसका फोकस केवल मुफ्त नैपकिन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि स्वास्थ्य, स्वच्छता और जागरूकता को भी इसके महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा।

0 comments:
Post a Comment