रेलवे कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, पेंशन पर आया बड़ा अपडेट

नई दिल्ली। रेलवे कर्मचारियों की पेंशन व्यवस्था से जुड़े नए नियमों में दिव्यांगता पेंशन और परिवार पेंशन को लेकर कई महत्वपूर्ण प्रावधान स्पष्ट किए गए हैं। खास तौर पर ड्यूटी के दौरान कर्मचारी की मौत होने पर उसके परिवार को मिलने वाली पेंशन का प्रावधान अलग-अलग परिस्थितियों और कैटेगरी के आधार पर तय किया गया है।

ड्यूटी के दौरान मौत पर 60 से 100% तक परिवार पेंशन

नए प्रावधानों के मुताबिक ड्यूटी से जुड़ी मौत के मामलों में कैटेगरी के अनुसार परिवार को कर्मचारी के वेतन का 60 प्रतिशत से लेकर 100 प्रतिशत तक पेंशन मिल सकती है। कैटेगरी बी में यह राशि वेतन की 60 प्रतिशत और कैटेगरी सी व डी में 100 प्रतिशत तक हो सकती है।

दिव्यांगता पेंशन कम से कम ₹18,000

दिव्यांगता पेंशन की न्यूनतम राशि ₹18,000 प्रतिमाह निर्धारित की गई है। इसमें सेवा के आधार पर मिलने वाली पेंशन और दिव्यांगता से संबंधित राशि शामिल होगी। इसके लिए न्यूनतम अर्हकारी सेवा पूरी करने की शर्त नहीं रखी गई है।

10 साल से कम सेवा वाले कर्मचारी भी सेवा आधारित पेंशन का लाभ पा सकते हैं, हालांकि ऐसे मामलों में सेवा उपदान का प्रावधान नहीं होगा। कैटेगरी डी में 100 प्रतिशत दिव्यांगता होने पर दिव्यांगता राशि कर्मचारी के वेतन के बराबर हो सकती है। लगातार दूसरे व्यक्ति की सहायता की जरूरत होने पर सहायक रखने का भत्ता भी जीवनभर दिया जा सकता है।

परिवार पेंशन में पहले जीवनसाथी का हक

परिवार पेंशन के लिए सबसे पहले जीवनसाथी पात्र होगा। उसके बाद नियमों के अनुसार आश्रित बच्चों, माता-पिता और आश्रित भाई-बहनों को पात्रता मिल सकती है।

आवेदन मिलने के बाद कार्यालय प्रमुख को दो महीने के भीतर मामला लेखा अधिकारी को भेजना होगा। इसके बाद लेखा अधिकारी को भी दो महीने के अंदर पेंशन भुगतान आदेश जारी करना होगा। अंतिम निर्णय में देरी होने पर अस्थायी परिवार पेंशन और उपदान देने का प्रावधान है।

सात साल के भीतर मौत पर विशेष प्रावधान

यदि दिव्यांगता पेंशन प्राप्त कर रहे कर्मचारी की उसी चोट या बीमारी के कारण सात साल के भीतर मृत्यु हो जाती है, तो विशेष परिवार पेंशन का प्रावधान लागू हो सकता है। ड्यूटी से जुड़ी परिस्थितियों की सूची उदाहरणात्मक है, इसलिए अन्य मामलों में संबंधित परिस्थितियों को देखकर निर्णय लिया जाएगा।

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