केंद्र सरकार की नई स्कीम, पेंशन के साथ मिलेगा ₹30 लाख का हेल्थ कवर!

नई दिल्ली। रिटायरमेंट की तैयारी करने वालों के लिए पेंशन के साथ मेडिकल खर्च की चिंता भी बड़ी होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए NPS Swasthya को लेकर नए नियम सामने आए हैं। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने इस मॉडल के संचालन से जुड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। खास बात यह है कि इसमें रिटायरमेंट के लिए जमा होने वाली रकम के साथ हेल्थ इंश्योरेंस की सुविधा भी जोड़ी गई है।

एक ही योजना में बचत और स्वास्थ्य सुरक्षा

NPS Swasthya को दो स्वतंत्र हिस्सों में समझा जा सकता है। एक भाग में आपकी रिटायरमेंट सेविंग रहेगी, जबकि दूसरा हिस्सा मेडिकल इंश्योरेंस से संबंधित होगा। दोनों की राशि और संचालन अलग रखा जाएगा। इस योजना में पात्र NPS ग्राहक अपने परिवार के लिए भी स्वास्थ्य सुरक्षा ले सकते हैं। मानक फैमिली फ्लोटर कवर में पति-पत्नी और दो बच्चों को शामिल किया जा सकता है। माता-पिता इस सामान्य कवर का हिस्सा नहीं होंगे।

खाता खोलने के लिए कितनी रकम जरूरी?

योजना शुरू करते समय कुछ शुरुआती भुगतान करने होंगे। इसमें संबंधित साल का बीमा प्रीमियम, ₹200 का वार्षिक मेंटेनेंस शुल्क और NPS Swasthya खाते में कम से कम ₹1,000 का योगदान शामिल है। खाता शुरू होने के बाद आगे की जमा राशि काफी कम रखी गई है। ग्राहक न्यूनतम ₹10 से भी योगदान जारी रख सकता है। निवेश को NPS से जुड़े निर्धारित नियमों के अनुसार ही मैनेज किया जाएगा।

जरूरत के हिसाब से चुन सकेंगे कवर

हेल्थ पॉलिसी में अलग-अलग स्तर के विकल्प रखे गए हैं। डिडक्टिबल जितना अधिक होगा, उपलब्ध बीमा कवर भी उसी के अनुसार बढ़ेगा। विकल्पों में ₹1 लाख से लेकर ₹30 लाख तक का कवर शामिल है। सबसे बड़े विकल्प में ₹3 लाख का डिडक्टिबल रखने पर परिवार के लिए ₹30 लाख तक का फ्लोटर कवर उपलब्ध होगा। डिडक्टिबल का मतलब वह शुरुआती चिकित्सा खर्च है, जिसे बीमा कंपनी की जिम्मेदारी शुरू होने से पहले ग्राहक को खुद वहन करना पड़ता है।

अस्पताल के खर्च में NPS से मदद

इस योजना की एक अहम सुविधा मेडिकल जरूरत से जुड़ी निकासी है। खाताधारक अपने कुल जमा योगदान के 25 फीसदी तक रकम इलाज या अस्पताल से संबंधित खर्च के लिए निकाल सकता है। इसके लिए कोई तय वेटिंग पीरियड नहीं रखा गया है और निकासी की संख्या पर भी सीमा नहीं बताई गई है। रकम सीधे ग्राहक के हाथ में देने के बजाय संबंधित अस्पताल या हेल्थकेयर संस्थान को भेजी जाएगी।

प्रीमियम जमा नहीं हुआ तो क्या होगा?

बीमा के नवीनीकरण के समय खाते में पर्याप्त पैसा नहीं होने पर ग्राहक को पहले से सूचना दी जाएगी। पेंशन फंड की ओर से 90, 60 और 30 दिन पहले अलर्ट भेजने की व्यवस्था है। अगर निर्धारित ग्रेस पीरियड के भीतर प्रीमियम जमा नहीं किया गया तो हेल्थ कवर समाप्त हो सकता है। ऐसी स्थिति में NPS Swasthya खाता सामान्य ऑल सिटिजन मॉडल में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

18 से 70 साल तक प्रवेश

NPS Swasthya में 18 से 70 वर्ष की उम्र के बीच प्रवेश लिया जा सकता है। पॉलिसी को अधिकतम 85 वर्ष की उम्र तक रिन्यू कराया जा सकता है। इसके अलावा पेंशन फंड सालाना कॉर्पस का अधिकतम 0.08% तक शुल्क ले सकता है। इस तरह NPS Swasthya का मॉडल रिटायरमेंट सेविंग के साथ मेडिकल खर्च के लिए अलग सुरक्षा तैयार करने पर केंद्रित है।

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