बिना सहमति के 25 SIM किए गए थे एक्टिव
यह मामला छत्तीसगढ़ में सामने आया, जहां एक एजेंट ने नागरिकों के पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल करके उनकी जानकारी के बिना 25 मोबाइल कनेक्शन सक्रिय कर दिए। जानकारी मिलने के बाद DoT और टेलीकॉम कंपनियों ने कार्रवाई करते हुए संबंधित एजेंट को ब्लैकलिस्ट कर दिया। इसके बाद इन नंबरों की Digital Intelligence Platform (DIP) के माध्यम से जांच कराई गई। जिन कनेक्शनों का दोबारा सत्यापन नहीं हो सका, उन्हें बंद कर दिया गया।
IMEI से छेड़छाड़ भी कानूनन अपराध
दूरसंचार विभाग ने स्पष्ट किया है कि फर्जी तरीके से SIM जारी करना, दूरसंचार पहचान का गलत इस्तेमाल करना और IMEI नंबर में अनधिकृत बदलाव करना भी कानून के तहत गंभीर उल्लंघन है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर निर्धारित सजा और आर्थिक दंड का प्रावधान है।
नागरिकों को भी सावधान रहने की सलाह
DoT ने लोगों से अपने पहचान दस्तावेजों और मोबाइल कनेक्शन की जानकारी को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। विभाग का कहना है कि दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग को रोकना साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए जरूरी है। साथ ही इससे मोबाइल नेटवर्क की सुरक्षा और विश्वसनीयता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।

0 comments:
Post a Comment