1. न्यूनतम पेंशन बढ़ने की उम्मीद
वर्तमान में न्यूनतम बेसिक पेंशन 9,000 रुपये प्रति माह बताई गई है। इसे बढ़ाकर 20,500 से 45,000 रुपये तक करने की मांग/प्रस्ताव सामने आया है। कुछ पेंशनर्स संगठनों ने न्यूनतम पेंशन को अंतिम वेतन के 67 फीसदी तक करने की मांग भी रखी है।
2. फिटमेंट फैक्टर से पेंशन में बदलाव
पेंशन संशोधन में फिटमेंट फैक्टर अहम भूमिका निभा सकता है। इसके 2.28 से 3.83 के बीच रहने की उम्मीद जताई जा रही है। यदि ऊंचे फिटमेंट फैक्टर जैसी मांग स्वीकार होती है, तो मौजूदा बेसिक पेंशन में बड़ा बदलाव हो सकता है। उदाहरण के तौर पर 20,000 रुपये की पेंशन पर 3.83 का गुणक लगाने से राशि 76,600 रुपये बनती है, लेकिन यह केवल उदाहरण है, अंतिम सरकारी निर्णय नहीं।
3. फैमिली पेंशन में सुधार की मांग
पारिवारिक पेंशन को लेकर भी बदलाव की मांग है। इसे कर्मचारी के अंतिम वेतन के 50 फीसदी तक करने का प्रस्ताव बताया गया है। ऐसा होने पर कर्मचारी की मृत्यु के बाद आश्रित परिवार को मिलने वाली आर्थिक सहायता बढ़ सकती है।
4. DR में नया समायोजन
नए वेतन आयोग के लागू होने पर महंगाई राहत यानी DR को नए सिरे से समायोजित किए जाने की संभावना बताई जा रही है। इसके तहत मूल पेंशन में बदलाव के बाद महंगाई के आधार पर DR का निर्धारण किया जा सकता है।
5. मेडिकल भत्ते में बढ़ोतरी
पेंशनर्स की चिकित्सा जरूरतों को देखते हुए Fixed Medical Allowance (FMA) बढ़ाने की मांग भी सामने आई है। यदि इसमें वृद्धि होती है तो बुजुर्ग पेंशनभोगियों को स्वास्थ्य संबंधी खर्चों में अतिरिक्त आर्थिक मदद मिल सकती है।
दरअसल, 8वें वेतन आयोग से पेंशनर्स को कई स्तरों पर राहत मिलने की उम्मीदें हैं, लेकिन पेंशन, फिटमेंट फैक्टर और भत्तों की अंतिम राशि सरकार तथा आयोग की आधिकारिक सिफारिशों के बाद ही स्पष्ट होगी।

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