नक्शे की वैधता बढ़ाने का प्रस्ताव
नए प्रारूप में स्वीकृत भवन नक्शे की वैधता अवधि को ज्यादा व्यावहारिक बनाने की बात कही गई है। इसका फायदा यह होगा कि निर्माण में देरी होने पर बार-बार नक्शे के नवीनीकरण की जरूरत कम हो सकती है।
कागजी कार्रवाई और कई शर्तें होंगी कम
नक्शा पास कराने के दौरान आने वाली ऐसी शर्तों को हटाने या सरल करने का प्रस्ताव है, जिनकी वजह से प्रक्रिया लंबी होती है। एनओसी से जुड़ी जटिलताओं को भी जरूरत के मुताबिक कम करने पर जोर दिया जा रहा है। इससे भवन निर्माण की अनुमति लेने की प्रक्रिया अधिक स्पष्ट हो सकती है।
डिजिटल और समयबद्ध होगा अप्रूवल सिस्टम
नए भवन उपविधि में स्वीकृति व्यवस्था को डिजिटल बनाने के साथ उसे समयबद्ध करने पर भी फोकस है। ऑटोमेटेड प्रक्रिया से आवेदन और मंजूरी के काम में पारदर्शिता बढ़ाने तथा अनावश्यक देरी घटाने की कोशिश की जाएगी।
मंत्री समूह की बैठक में इसपर हुआ मंथन
बिहार भवन उपविधि-2026 के प्रारूप को लेकर मंत्री समूह की बैठक में निर्माण से संबंधित नियमों पर चर्चा हुई। सरकार का उद्देश्य इज ऑफ लिविंग और इज ऑफ डूइंग बिजनेस को बेहतर करना है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी भवन निर्माण से जुड़ी प्रक्रियाओं को ज्यादा सरल और प्रभावी बनाने के निर्देश दिए हैं।
नए नियमों को अंतिम रूप देने से पहले संबंधित हितधारकों के व्यावहारिक सुझावों को भी ध्यान में रखा जा रहा है। प्रस्तावित बदलाव लागू होने के बाद घर या व्यावसायिक भवन का नक्शा पास कराने की प्रक्रिया लोगों के लिए पहले से कम जटिल हो सकती है।

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