21 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित
इस परियोजना के लिए मुरादाबाद सदर और बिलारी तहसील के 21 गांवों की जमीन चिन्हित की गई है। इनमें सदर तहसील के चार और बिलारी के 17 गांव शामिल बताए गए हैं। धारा 3-ए के तहत अधिसूचना जारी होने के बाद संबंधित जमीन मालिकों से आपत्तियां मांगी जाएंगी। प्रक्रिया पूरी होने के बाद मुआवजा वितरण की कार्रवाई आगे बढ़ेगी।
हाईवे पर सीधे प्रवेश की सुविधा नहीं
प्रस्तावित सड़क को पूरी तरह एक्सेस कंट्रोल रखने की योजना है। इसका मतलब है कि वाहन मनमाने तरीके से गांव, मकान या दुकानों के सामने से हाईवे पर प्रवेश नहीं कर सकेंगे। चढ़ने और उतरने के लिए निर्धारित इंटरचेंज का इस्तेमाल करना होगा। सुरक्षा व्यवस्था के तहत दोपहिया और तिपहिया वाहनों के प्रवेश पर भी रोक रहेगी।
मुरादाबाद से अलीगढ़ तक बेहतर कनेक्टिविटी
यह हाईवे मुरादाबाद क्षेत्र से शुरू होकर कुंदरकी और संभल के सिरसी इलाके से होते हुए बुलंदशहर की दिशा में जाएगा और आगे अलीगढ़ रिंग रोड से जोड़े जाने की योजना है। परियोजना पूरी होने के बाद दोनों शहरों के बीच आवागमन को तेज और सुगम बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
चिन्हित गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री पर लगी रोक
चिन्हित गांवों में परियोजना से जुड़ी जमीन की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाई गई है। भूमि अधिग्रहण की अगली प्रक्रिया अधिसूचना, आपत्तियों के निस्तारण और मुआवजे के निर्धारण के बाद आगे बढ़ेगी।

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