बिहार में पंचायतों का बदलेगा नक्शा! 7,500 आबादी पर एक पंचायत बनाने की तैयारी

पटना। बिहार में पंचायतों के स्वरूप में बदलाव की तैयारी शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा है कि अगला पंचायत चुनाव परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही कराया जाएगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतों की सीमाओं के पुनर्गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। आयोग की वेबसाइट पर 2026 के पंचायत परिसीमन से संबंधित नोटिफिकेशन भी उपलब्ध हैं।

मुख्यमंत्री ने सोमवार को पटना में आयोजित ‘ग्राम संसद-बिहार चैप्टर-V, मुखिया संवाद’ कार्यक्रम में पंचायत प्रतिनिधियों से गांवों के विकास के लिए व्यावहारिक सुझाव देने की अपील की।

7,500 की आबादी पर पंचायत बनाने की तैयारी

सीएम सम्राट चौधरी ने बताया कि सरकार करीब 7,500 आबादी को आधार बनाकर पंचायतों के गठन की दिशा में काम कर रही है। इसके साथ ही अगले साल शहरी स्थानीय निकायों का भी परिसीमन कराया जाएगा। इसका उद्देश्य पंचायत और नगर निकायों की सीमाओं को स्पष्ट करना है।

मुख्यमंत्री ने पंचायतों को स्थानीय स्तर पर लोकतांत्रिक व्यवस्था की अहम कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि लोगों की समस्याओं के समाधान और गांवों में विकास कार्यों को गति देने में पंचायत प्रतिनिधियों की भूमिका महत्वपूर्ण है।

पंचायत राज विभाग में बनेगा इंजीनियरिंग सेल

पंचायतों में विकास योजनाओं को तकनीकी सहयोग देने के लिए पंचायत राज विभाग में इंजीनियरिंग सेल बनाने की भी बात कही गई है। इसके जरिए पंचायत प्रतिनिधियों को विकास कार्यों से जुड़ी तकनीकी मदद उपलब्ध कराने की योजना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि गांवों का विकास बिहार की प्रगति की बुनियाद है। राज्य को 2037 तक समृद्ध और सशक्त बनाने के लक्ष्य में पंचायत प्रतिनिधियों की भागीदारी अहम रहेगी।

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