बाकी पार्टियों का प्रदर्शन
वोट प्रतिशत के मामले में दूसरे स्थान पर सीआरपीएफ को 13.84 फीसदी मत मिले हैं। वहीं एलडीपीआर को 8.9 फीसदी, न्यू पीपल को 7.94 फीसदी और ए जस्ट रशिया को 4.95 फीसदी वोट हासिल हुए हैं। यह चुनाव फरवरी 2022 में यूक्रेन के साथ शुरू हुए संघर्ष के बाद रूस में हुआ पहला संसदीय चुनाव है। पुतिन ने चुनाव के दौरान यूक्रेन में तैनात रूसी सैनिकों के समर्थन को भी मुद्दे से जोड़ा था।
क्या है स्टेट ड्यूमा?
रूस की संसद के निचले सदन को स्टेट ड्यूमा कहा जाता है, जिसकी तुलना भारत की लोकसभा से की जा सकती है। इसमें कुल 450 सीटें हैं। 225 सीटें पार्टी के वोट प्रतिशत के आधार पर और बाकी 225 सीटें अलग-अलग क्षेत्रों से सीधे चुनाव के जरिए तय होती हैं। यही सदन कानून बनाने और मौजूदा कानूनों में बदलाव की प्रक्रिया में अहम भूमिका निभाता है।
पुतिन पार्टी के सदस्य नहीं
एक दिलचस्प तथ्य यह है कि व्लादिमीर पुतिन खुद यूनाइटेड रशिया के औपचारिक सदस्य नहीं हैं। हालांकि वह 2008 से 2012 तक पार्टी के अध्यक्ष रहे थे। इसके बाद उन्होंने पद छोड़ दिया और दिमित्री मेदवेदेव ने पार्टी की कमान संभाली।
ड्रोन हमलों के बीच मतदान
रूस में चुनाव यूक्रेन के ड्रोन हमलों के बीच भी हुआ। मतदान के अंतिम दिन मॉस्को और आसपास के इलाकों में 1,600 से अधिक ड्रोन भेजे जाने का दावा किया गया। मॉस्को के मेयर सर्गेई सोबयानिन के अनुसार राजधानी को निशाना बनाकर करीब 450 ड्रोन भेजे गए थे।

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