बिहार के लोगों के लिए खुशखबरी! 12 जिलों से गुजरेगा 6-लेन कॉरिडोर, सफर होगा आसान

पटना: बिहार समेत पूर्वी भारत में सड़क कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने वाली रक्सौल-हल्दिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना पर काम आगे बढ़ रहा है। करीब 6-लेन वाला यह एक्सप्रेस-वे बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल को जोड़ते हुए भारत-नेपाल व्यापार के लिए भी अहम कड़ी बन सकता है।

बिहार के 12 जिलों को मिलेगा फायदा

प्रस्तावित रूट बिहार के करीब 12 जिलों से होकर गुजरेगा। इनमें पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, लखीसराय, मुंगेर, जमुई और बांका शामिल हैं। बिहार में इसका सबसे लंबा हिस्सा बनने की योजना है।

रक्सौल से हल्दिया तक सीधा संपर्क

करीब 650 से 719 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित परियोजना भारत-नेपाल सीमा के रक्सौल से शुरू होकर पश्चिम बंगाल के हल्दिया पोर्ट तक पहुंचेगी। नियंत्रित प्रवेश-निकास वाली इस सड़क को करीब 120 किमी प्रति घंटे की गति के अनुकूल तैयार करने की योजना है। इससे माल ढुलाई और लंबी दूरी के सफर में समय बचाने में मदद मिल सकती है।

व्यापार और रोजगार को बढ़ावा

रक्सौल क्षेत्र पहले से नेपाल के साथ व्यापार के लिए महत्वपूर्ण है। एक्सप्रेस-वे बनने से मालवाहक वाहनों की आवाजाही आसान होने के साथ लॉजिस्टिक्स गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके आसपास वेयरहाउसिंग और औद्योगिक गतिविधियां विकसित होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बन सकते हैं।

2028 तक पूरा करने का लक्ष्य

परियोजना की अनुमानित लागत करीब 39 हजार से 54 हजार करोड़ रुपये बताई गई है। भूमि संबंधी प्रक्रियाओं और अन्य तैयारियों को आगे बढ़ाया जा रहा है। परियोजना को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तैयार होने पर बिहार से झारखंड और पश्चिम बंगाल की कनेक्टिविटी भी मजबूत होने की उम्मीद है।

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