रोजाना हो रहा करीब 1000 दस्तावेजों का निबंधन
विभाग के मुताबिक फिलहाल राज्य में प्रतिदिन औसतन करीब 1000 दस्तावेज पेपरलेस माध्यम से निबंधित किए जा रहे हैं। आने वाले दिनों में इसकी रफ्तार और बढ़ने की उम्मीद है और दैनिक आंकड़ा 1500 के पार पहुंचने की बात कही गई है।
आपको बता दें की यह सुविधा जुलाई में शुरू की गई थी। शुरुआत में इसका इस्तेमाल सीमित रहा, लेकिन अगस्त में पेपरलेस निबंधन की संख्या बढ़कर 6700 से ज्यादा हो गई। इस दौरान सरकार को 85 करोड़ रुपये से अधिक राजस्व मिला।
एक ही डिजिटल सिस्टम से पूरी प्रक्रिया
दरअसल, बिहार में पेपरलेस निबंधन की पूरी व्यवस्था ई-निबंधन सॉफ्टवेयर पर आधारित है। इसमें दस्तावेज तैयार करने से लेकर शुल्क की गणना, ई-चालान, ई-स्टांप और आधार आधारित ई-साइन जैसी सुविधाएं डिजिटल रूप से उपलब्ध हैं।
इस व्यवस्था से कागजी प्रक्रिया कम होने के साथ लोगों का समय भी बच रहा है। आवेदक घर से या नजदीकी सुविधा केंद्र के जरिए निबंधन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। विभाग के आंकड़े बताते हैं कि नई व्यवस्था धीरे-धीरे लोगों के बीच अपनी जगह बना रही है।
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