करीब 32 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना के पूरा होने के बाद शहर के इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन आसान होने की उम्मीद है। परियोजना को पहले ही स्वीकृति मिल चुकी थी और इसके लिए भूमि पूजन भी किया गया था, लेकिन निर्माण शुरू होने से पहले वन विभाग की आपत्ति सामने आ गई।
वन भूमि के कारण रुका था काम
सड़क के प्रस्तावित हिस्से में संरक्षित वन पटरी की जमीन आने के कारण वन विभाग ने निर्माण पर रोक लगाई थी। नियमों के अनुसार वन भूमि के इस्तेमाल के बदले दूसरी जमीन उपलब्ध कराना जरूरी था। इसके बाद प्रशासन ने मोहम्मदी तहसील के शंकरपुर राजा गांव में 1.845 हेक्टेयर भूमि वन विभाग को देने की प्रक्रिया शुरू की।
47.50 लाख रुपये जमा करने होंगे
फोरलेन का काम शुरू करने से पहले पीडब्ल्यूडी को वन विभाग के खाते में 47.50 लाख रुपये जमा करने होंगे। इसमें वन भूमि के बदले उपलब्ध कराई गई जमीन और पौधारोपण से जुड़ी राशि शामिल है। डीएफओ तापस मिहिर के अनुसार पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को धनराशि जमा करने के लिए पत्र भेजा गया है। रकम जमा होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत सड़क चौड़ीकरण का काम आगे बढ़ाया जा सकेगा।

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