केंद्र सरकार के बड़े फैसले, ट्रांसपोर्ट से SME तक दो प्रस्तावों पर लगी मुहर

नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने मंगलवार को परिवहन व्यवस्था और छोटे-मध्यम कारोबारियों से जुड़े दो महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इन फैसलों की जानकारी दी। सरकार के मुताबिक, दोनों पहल देश में कारोबार बढ़ाने, बुनियादी ढांचे को बेहतर करने और भविष्य के रोजगार अवसर तैयार करने में मदद कर सकती हैं।

SME के लिए 10 हजार करोड़ रुपये का ग्रोथ फंड

कैबिनेट ने SME Growth Fund (SGF) बनाने को हरी झंडी दी है। इसके तहत छोटे और मध्यम उद्यमों में इक्विटी के जरिए पूंजी पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। इस योजना के लिए 10,000 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है।

इस फंड का खास जोर मैन्युफैक्चरिंग से जुड़े उद्यमों पर रहेगा। जिन कंपनियों में आगे तेजी से विस्तार करने की क्षमता है, उन्हें पूंजी उपलब्ध कराकर उत्पादन बढ़ाने, नई तकनीक अपनाने और बड़े बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिलेगी।

सरकार को उम्मीद है कि इससे घरेलू सप्लाई चेन मजबूत होगी और निर्यात के लिए भारतीय कंपनियों की क्षमता बढ़ेगी। इसके साथ ही अलग-अलग क्षेत्रों में नए रोजगार पैदा होने की संभावना भी है। इस पहल को 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य से जोड़कर देखा जा रहा है।

ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स के लिए ITLA

दूसरा बड़ा फैसला Integrated Transport and Logistics Authority (ITLA) के गठन को लेकर है। यह संस्था देश की अलग-अलग परिवहन व्यवस्थाओं को एक साथ जोड़कर दीर्घकालीन योजना बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

ITLA के दायरे में सड़क, रेलवे, बंदरगाह, शिपिंग, हवाई यातायात, अंतर्देशीय जलमार्ग, तटीय परिवहन और शहरी मोबिलिटी जैसे क्षेत्र शामिल होंगे। अथॉरिटी परियोजनाओं का आकलन और निगरानी करने के साथ नीति निर्माण में सहायता तथा डेटा के विश्लेषण का काम भी करेगी।

इसके अलावा लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में स्किल डेवलपमेंट, ट्रेनिंग और क्षमता निर्माण को बढ़ावा देने की जिम्मेदारी भी प्रस्तावित है। एकीकृत योजना से अलग-अलग परिवहन माध्यमों के बीच बेहतर तालमेल बनाने और लॉजिस्टिक्स व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने का लक्ष्य है।

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