इस नियम का मकसद वीजा की तय अवधि खत्म होने के बाद अमेरिका में रुकने यानी ओवरस्टे के मामलों को कम करना है। संबंधित देशों के आवेदकों को इंटरव्यू के दौरान बताया जाएगा कि उन्हें कितनी राशि का बॉन्ड जमा करना है। निर्धारित शर्तों के तहत समय पर अमेरिका छोड़ने पर यह रकम वापस मिल सकती है।
ऑनलाइन जमा होगा बॉन्ड
बॉन्ड की प्रक्रिया के लिए अमेरिकी सरकार का निर्धारित फॉर्म और आधिकारिक ऑनलाइन भुगतान व्यवस्था इस्तेमाल करनी होगी। आवेदकों को किसी बाहरी वेबसाइट या अनधिकृत व्यक्ति के जरिए भुगतान करने से बचने की सलाह दी गई है। बॉन्ड तभी जमा करना होगा, जब कांसुलर अधिकारी इसकी आधिकारिक जानकारी दें।
भारत को मिली राहत
इस फैसले का भारतीय यात्रियों पर सीधा असर नहीं पड़ेगा, क्योंकि भारत 50 देशों की सूची में नहीं है। यानी भारतीय नागरिकों को बी-1 या बी-2 वीजा के लिए इस अतिरिक्त बॉन्ड की राशि जमा नहीं करनी होगी। हालांकि सामान्य वीजा नियम और अन्य पात्रता शर्तें पहले की तरह लागू रहेंगी।
इस सूची में भारत के पड़ोसी देशों नेपाल, बांग्लादेश और भूटान के नाम शामिल हैं। ऐसे देशों के यात्रियों को अमेरिका जाने से पहले अतिरिक्त वित्तीय शर्त पूरी करनी होगी। नए नियम का मुख्य उद्देश्य वीजा शर्तों के पालन को सुनिश्चित करना और ओवरस्टे पर रोक लगाना है।
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