मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी गांवों में बन रहे डिजिटल पुस्तकालयों से आए बदलाव का उल्लेख करते हुए कहा है कि अब शहर की दूरी ग्रामीण बच्चों की पढ़ाई के रास्ते में रुकावट नहीं बन सकती। उनके मुताबिक, गांव तक अध्ययन सामग्री और डिजिटल संसाधन पहुंचने से युवाओं को अपने सपनों को पूरा करने के लिए बेहतर माहौल मिल रहा है।
11,350 ग्राम पंचायतों में दूसरे चरण की तैयारी
डिजिटल पुस्तकालयों के विस्तार को लेकर सरकार अब अगले चरण की ओर बढ़ रही है। पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर मंगलवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर दूसरे चरण में शामिल 11,350 ग्राम पंचायतों में डिजिटल पुस्तकालयों की स्थापना से जुड़े कार्यों की समीक्षा करेंगे। इससे पहले पहले चरण में भी 11,350 ग्राम पंचायतों को डिजिटल पुस्तकालयों से जोड़ने का काम शुरू किया गया था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इनमें से 2,000 से अधिक पुस्तकालयों की स्थापना हो चुकी है।
सरकार के कदम से ग्रामीण युवाओं के लिए अवसर
डिजिटल पुस्तकालय केवल किताबें पढ़ने की जगह नहीं होंगे, बल्कि ग्रामीण युवाओं को तकनीक आधारित अध्ययन से जोड़ने का माध्यम भी बन सकते हैं। कंप्यूटर और डिजिटल संसाधनों की उपलब्धता से विद्यार्थी ऑनलाइन अध्ययन सामग्री, परीक्षा से जुड़ी जानकारी और अन्य शैक्षणिक संसाधनों तक पहुंच बना सकेंगे।
सरकार की यह पहल खास तौर पर उन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी हो सकती है, जिनके गांव में अब तक पढ़ाई के आधुनिक संसाधन सीमित थे। गांव में ही बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं मिलने से ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं और उच्च शिक्षा की तैयारी के लिए नए अवसर मिलने की उम्मीद है।

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