बिहार सरकार का बड़ा फैसला, किसानों के लिए खुशखबरी, 24 जिलों में लागू

पटना: बिहार में किसानों को तिलहन की खेती से ज्यादा कमाई दिलाने के लिए नई पहल शुरू की गई है। अब किसान सरसों, तिल, मूंगफली जैसी फसलों को केवल कच्चे रूप में बेचने के बजाय उनसे तेल तैयार कर बाजार में बेच सकेंगे। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के तहत कोल्ड प्रेस तेल मिल और पैकेजिंग इकाइयों को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसे राज्य के 24 जिलों में योजना लागू की गई है।

10 एचपी की तेल मिल पर मिलेगा अनुदान

योजना के तहत 10 एचपी या उससे अधिक क्षमता की कोल्ड प्रेस तेल मिल लगाने वाले लाभुकों को आर्थिक सहायता दी जाएगी। सामान्य वर्ग के लिए इकाई की लागत का 40 प्रतिशत या अधिकतम 2 लाख रुपये तक अनुदान का प्रावधान है। वहीं एससी-एसटी वर्ग के लाभुकों को 50 प्रतिशत या अधिकतम 2.50 लाख रुपये तक सहायता मिल सकती है।

पैकेजिंग यूनिट के लिए भी मदद

तेल तैयार करने के बाद उसकी पैकेजिंग के लिए भी सरकार सहायता देगी। सामान्य वर्ग के लाभुक को अधिकतम 1.20 लाख रुपये और एससी-एसटी वर्ग को 1.50 लाख रुपये तक अनुदान दिया जाएगा। इससे किसान अपने तैयार तेल को पैक करके स्थानीय बाजार में अपने ब्रांड के नाम से बेच सकेंगे।

तैयार उत्पाद से बढ़ेगी कमाई

योजना का मुख्य उद्देश्य किसानों को तिलहन की खेती के साथ उसके प्रसंस्करण से जोड़ना है। किसान यदि अपनी उपज से तेल निकालकर उसकी फिल्टरिंग और पैकेजिंग भी करें, तो उन्हें केवल कच्ची फसल बेचने की तुलना में बेहतर मूल्य मिलने की संभावना है। 

स्थानीय स्तर पर छोटी तेल मिलें स्थापित होने से किसानों को अपनी उपज बेचने के लिए अतिरिक्त विकल्प भी मिलेंगे। इच्छुक किसान कृषि विभाग की योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। सरकार का लक्ष्य तिलहन उत्पादन के साथ किसानों को प्रसंस्करण और पैकेजिंग से जोड़कर उनकी आय के नए स्रोत तैयार करना है।

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