इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य ऐसा औद्योगिक क्षेत्र तैयार करना है, जहां अलग-अलग तरह की उत्पादन इकाइयों को आसानी से जगह मिल सके। यहां मशीनरी, इंजीनियरिंग, ऑटोमोबाइल पार्ट्स, इलेक्ट्रिकल सामान, पैकेजिंग और निर्माण क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों के आने की संभावना है।
रोजगार के साथ बढ़ेगा स्थानीय कारोबार
नई औद्योगिक इकाइयां स्थापित होने पर सिर्फ फैक्ट्रियों में ही नौकरियां नहीं बनेंगी। अनुमान है कि प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष तौर पर 10 हजार से अधिक रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। परिवहन, होटल, सुरक्षा, खानपान, मरम्मत और दूसरी सेवाओं में भी स्थानीय लोगों के लिए काम बढ़ सकता है।
निजी कंपनियों की भी होगी भागीदारी
इस जमीन के विकास में सरकारी व्यवस्था के साथ निजी क्षेत्र को भी जोड़े जाने की तैयारी है। पीपीपी मॉडल के तहत होटल, मैरिज गार्डन और दूसरी व्यावसायिक सुविधाएं विकसित करने की संभावनाएं देखी जा रही हैं। इससे क्षेत्र में कारोबार और निवेश दोनों को बढ़ावा मिल सकता है।
गोल्फ कोर्स बनेगा खास आकर्षण
प्रोजेक्ट में मनोरंजन और आधुनिक सुविधाओं को भी जगह देने की योजना है। इसी क्रम में गोल्फ कोर्स विकसित करने का प्रस्ताव चर्चा में है। होटल और अन्य सुविधाओं के साथ यह क्षेत्र निवेशकों तथा बड़े कारोबारी समूहों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकता है।

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