भारत का एटम बम जखीरा हुआ और बड़ा! नई रिपोर्ट से पाकिस्तान की बढ़ी टेंशन

नई दिल्ली। भारत की परमाणु क्षमता को लेकर एक नई रिपोर्ट में अहम जानकारी सामने आई है। बुलेटिन ऑफ द एटॉमिक साइंटिस्ट्स (BAS) के आकलन के मुताबिक भारत के पास करीब 190 परमाणु हथियार हो सकते हैं। रिपोर्ट में भारत की जमीन, हवा और समुद्र से परमाणु हमला करने की क्षमता यानी न्यूक्लियर ट्रायड का भी जिक्र किया गया है।

अग्नि सीरीज बनी रणनीतिक ताकत

भारत की परमाणु क्षमता में अग्नि सीरीज की मिसाइलों की अहम भूमिका बताई गई है। रिपोर्ट में पृथ्वी-II के साथ अग्नि-I, अग्नि-II, अग्नि-III, अग्नि-IV और अग्नि-V जैसे परमाणु सक्षम सिस्टम का उल्लेख किया गया है। इनमें अग्नि-V सबसे लंबी दूरी वाली मिसाइलों में शामिल है, जिसकी रेंज 6,000 किलोमीटर से कम बताई गई है।

MIRV तकनीक से बढ़ी क्षमता

रिपोर्ट में अग्नि-V से जुड़े MIRV तकनीक के प्रदर्शन का भी उल्लेख है। इस तकनीक के जरिए एक मिसाइल से अलग-अलग लक्ष्यों की ओर कई री-एंट्री व्हीकल भेजे जा सकते हैं। हालांकि, अग्नि-V में वास्तविक रूप से कितने हथियार तैनात किए जा सकते हैं, इसकी पूरी जानकारी सार्वजनिक नहीं है।

समुद्र में भी मजबूत हुआ परमाणु ट्रायड

भारत की परमाणु रणनीति का समुद्री हिस्सा भी लगातार मजबूत हो रहा है। परमाणु ऊर्जा से चलने वाली बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बियों की मौजूदगी भारत को समुद्र से जवाबी कार्रवाई की क्षमता देती है। INS अरिहंत और INS अरिघात के साथ तीसरी पनडुब्बी के शामिल होने का भी रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है।

हवा से परमाणु क्षमता भी हुई बहुत मजबूत

भारत की एयर-बेस्ड न्यूक्लियर क्षमता में Mirage 2000 और Jaguar विमानों की भूमिका बताई गई है। भविष्य में इस भूमिका में राफेल जैसे आधुनिक लड़ाकू विमानों की क्षमता बढ़ने की संभावना पर भी चर्चा होती रही है। हालांकि, भारत की परमाणु नीति ‘नो फर्स्ट यूज’ के सिद्धांत पर आधारित है। ऐसे में परमाणु हथियारों और डिलीवरी सिस्टम का उद्देश्य मुख्य रूप से विश्वसनीय प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखना माना जाता है।

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