दुनिया की नजर भारत पर! 8% GDP ग्रोथ की ओर बढ़ रही इकोनॉमी

नई दिल्ली। भारत की अर्थव्यवस्था इस समय मजबूत रफ्तार के साथ आगे बढ़ रही है। वैश्विक स्तर पर युद्ध, महंगाई, ऊर्जा की कीमतों में उतार-चढ़ाव और व्यापारिक तनाव जैसी चुनौतियों के बावजूद देश में घरेलू मांग और निवेश का माहौल बेहतर बना हुआ है। RBI के पूर्व गवर्नर और प्रधानमंत्री कार्यालय में वरिष्ठ जिम्मेदारी संभाल रहे शशिकांत दास के मुताबिक भारत 8 फीसदी GDP ग्रोथ के काफी करीब पहुंच चुका है।

पहली तिमाही में 7.8% की ग्रोथ

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की रियल GDP ग्रोथ 7.8 फीसदी दर्ज की गई। इसमें घरेलू खपत और निवेश की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कोविड के बाद भी भारतीय अर्थव्यवस्था ने लगातार मजबूत प्रदर्शन किया है, जिससे वैश्विक चुनौतियों के बीच भारत की स्थिति कई दूसरी अर्थव्यवस्थाओं की तुलना में बेहतर दिखाई देती है।

मजबूत हुई इकोनॉमी

शशिकांत दास के अनुसार पिछले करीब एक दशक में किए गए आर्थिक और वित्तीय सुधारों ने भारत की बुनियाद मजबूत की है। बेहतर टैक्स सिस्टम, वित्तीय क्षेत्र में सुधार, राजकोषीय अनुशासन और बाहरी क्षेत्र के बेहतर प्रबंधन जैसे कदमों से अर्थव्यवस्था को वैश्विक झटकों का सामना करने में मदद मिली है।

दुनिया में युद्ध और व्यापारिक तनाव के कारण अनिश्चितता बढ़ रही है। ऐसे माहौल में भारत के लिए अपनी घरेलू अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाए रखना काफी अहम है।

अब टिकाऊ ग्रोथ पर जोर

भारत के सामने अगली चुनौती सिर्फ 8 फीसदी के करीब GDP ग्रोथ हासिल करना नहीं, बल्कि इसे लंबे समय तक बनाए रखना है। इसके लिए AI, मानव पूंजी, लॉन्ग टर्म निवेश, ऊर्जा सुरक्षा और रणनीतिक आत्मनिर्भरता जैसे क्षेत्रों पर ध्यान बढ़ाने की जरूरत है।

'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए लगातार सुधार और मजबूत आर्थिक नीतियां जरूरी होंगी। तेज ग्रोथ के साथ टिकाऊ विकास ही भारत को वैश्विक अर्थव्यवस्था में और मजबूत स्थान दिला सकता है।

0 comments:

Post a Comment