वर्ल्ड बैंक की ताजा इंडिया डेवलपमेंट अपडेट के मुताबिक, अनुमान बढ़ाने की मुख्य वजह पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था का उम्मीद से बेहतर प्रदर्शन है। वैश्विक व्यापार और भू-राजनीतिक चुनौतियों के बीच भी भारत की आर्थिक गतिविधियों ने मजबूती दिखाई है।
निवेश और खपत से मिली रफ्तार
भारत की अर्थव्यवस्था ने वित्त वर्ष 2025-26 में भी बेहतर प्रदर्शन किया। इस दौरान विकास दर 7.8 प्रतिशत रही, जबकि एक साल पहले यह 7.2 प्रतिशत थी। मजबूत निवेश और घरेलू मांग ने ग्रोथ को सहारा दिया।
शुरुआती दौर में ग्रामीण क्षेत्रों की खपत मजबूत रही। खेती के बेहतर प्रदर्शन, ग्रामीण आय को समर्थन, खाद्य सब्सिडी और अपेक्षाकृत कम महंगाई से ग्रामीण मांग को फायदा मिला। बाद में टैक्स में राहत और जीएसटी से जुड़े बदलावों के चलते शहरी खपत में भी तेजी देखने को मिली।
तेल की कीमत और अल नीनो चुनौती
हालांकि, आगे की राह पूरी तरह आसान नहीं है। वर्ल्ड बैंक ने महंगी ऊर्जा को भारत समेत दक्षिण एशिया के लिए एक प्रमुख जोखिम बताया है। लंबे समय तक तेल की कीमतें ऊंची रहने पर महंगाई और घरेलू मांग पर दबाव पड़ सकता है। मजबूत अल नीनो की स्थिति भी कृषि और ग्रामीण मांग को प्रभावित कर सकती है।
AI पर जोर देने की सलाह
वर्ल्ड बैंक ने भारत सहित दक्षिण एशियाई देशों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल बढ़ाने की सलाह दी है। रिपोर्ट के अनुसार भारत में करीब 23 प्रतिशत कंपनियां AI का उपयोग कर रही हैं, जबकि अमेरिका में यह आंकड़ा 43 प्रतिशत है। बैंक का मानना है कि AI को बड़े स्तर पर अपनाने से आने वाले वर्षों में उत्पादकता और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा मिल सकता है।

0 comments:
Post a Comment