किताबों के साथ डिजिटल सुविधाएं
बहराइच के तेजवापुर ब्लॉक के खसहा मोहम्मदपुर में ग्राम पंचायत सचिवालय में बनी डिजिटल लाइब्रेरी इसका उदाहरण है। यहां कंप्यूटर, प्रिंटर, हाई-स्पीड इंटरनेट, वाई-फाई, स्मार्ट टीवी और सीसीटीवी जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों के साथ नेशनल बुक ट्रस्ट की पुस्तकें भी रखी गई हैं।
76 से बढ़कर 57,600 गांवों तक पहुंच
मुख्यमंत्री के अनुसार 2017 से पहले ई-लाइब्रेरी की सुविधा करीब 76 स्थानों तक सीमित थी। अब डिजिटल लाइब्रेरी का नेटवर्क 57,600 ग्राम पंचायतों तक पहुंच चुका है। इससे ग्रामीण छात्रों को प्रतियोगी परीक्षाओं और ई-लर्निंग के लिए स्थानीय स्तर पर बेहतर संसाधन मिल रहे हैं।
60 लाख युवाओं को स्मार्ट डिवाइस
डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में करीब 60 लाख युवाओं को स्मार्टफोन और टैबलेट उपलब्ध कराए गए हैं। इसके अलावा 32,000 से अधिक विद्यालयों में स्मार्ट क्लासरूम और 15,000 से ज्यादा स्कूलों में आईसीटी लैब के जरिए पढ़ाई को तकनीक से जोड़ा गया है।
गांव में ही मिल रहे पढ़ाई के संसाधन
इस पहल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि छात्रों को किताबों, इंटरनेट और डिजिटल कंटेंट के लिए हर बार शहर का रुख नहीं करना पड़ रहा। ग्राम पंचायत सचिवालय अब केवल सरकारी कामकाज की जगह नहीं, बल्कि पढ़ाई, तकनीक और ज्ञान के केंद्र के रूप में भी विकसित हो रहे हैं। इससे ग्रामीण बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर माहौल मिलने की उम्मीद है।

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