नई खरीफ फसल की आवक से घटे दाम
प्याज के भाव में गिरावट की बड़ी वजह दक्षिण भारतीय राज्यों से नई फसल की आवक को माना जा रहा है। कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से खरीफ सीजन का नया प्याज मंडियों में पहुंचना शुरू हो गया है। इससे बाजार में उपलब्धता बढ़ी और खरीदारों के पास विकल्प बढ़ने से नासिक के प्याज की मांग पर दबाव आया। लासलगांव APMC से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक नई फसल की आवक बढ़ने का असर थोक कीमतों पर साफ दिखाई दे रहा है।
मिस्र से आयात ने भी बढ़ाई सप्लाई
घरेलू बाजार में प्याज की उपलब्धता बनाए रखने के लिए मिस्र से भी प्याज मंगाया गया है। आयातित प्याज के बाजार में आने से सप्लाई बढ़ी है और इसका असर थोक कीमतों पर पड़ा है। यानी घरेलू नई फसल के साथ आयातित प्याज भी कीमतों को नियंत्रित करने में भूमिका निभा रहा है।
खुदरा बाजार में अभी राहत नहीं
मंडी में भाव गिरने के बावजूद आम ग्राहकों को इसका फायदा फिलहाल पूरी तरह नहीं मिल रहा है। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई जैसे बड़े शहरों में प्याज का खुदरा भाव अभी भी औसतन ₹65 प्रति किलो के आसपास बताया जा रहा है।
सरकार ने कुछ इलाकों में सस्ती दरों पर प्याज उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की है। नवरात्र से पहले कोलकाता और आसपास के क्षेत्रों में कांदा एक्सप्रेस के जरिए प्याज भेजा गया है, जिसे NAFED और NCCF की ओर से मोबाइल वैन और बिक्री केंद्रों के माध्यम से रियायती कीमत पर उपलब्ध कराया जा रहा है। अब देखना होगा कि मंडियों में आई गिरावट का असर खुदरा बाजार तक कब पहुंचता है।

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