छोटे ऑनलाइन विक्रेताओं को राहत
प्रस्ताव में छोटे ई-कॉमर्स विक्रेताओं को उन राज्यों में ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के गोदाम को अपना पंजीकृत कारोबारी स्थल बताने की सुविधा देने की बात है, जहां उनका खुद का कार्यालय नहीं है। इससे छोटे कारोबारियों को अलग-अलग राज्यों में कार्यालय खोलने की जरूरत कम हो सकती है और वे बड़े बाजार तक आसानी से पहुंच सकेंगे।
खरीदारों के ITC पर भी जोर
परिषद वैध बिल रखने वाले वास्तविक खरीदारों के इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) को सुरक्षित रखने के प्रस्ताव पर भी चर्चा कर सकती है। यदि सप्लाई चेन में किसी विक्रेता की ओर से टैक्स भुगतान में चूक होती है, तो कार्रवाई खरीदार के बजाय संबंधित चूक करने वाले विक्रेता पर करने का प्रस्ताव है।
छोटे टैक्स विवादों में कमी की तैयारी
करदाताओं और विभाग के बीच मुकदमों को घटाने के लिए कम राशि वाली टैक्स मांगों पर नोटिस जारी करने की व्यवस्था में बदलाव का प्रस्ताव भी है। साथ ही, बड़े मामलों में औपचारिक कार्रवाई से पहले कारोबारी को अपना पक्ष रखने का अवसर देने पर जोर दिया जा सकता है।
गिरफ्तारी और अभियोजन के नियमों में बदलाव
जीएसटी के तहत गिरफ्तारी और अभियोजन से जुड़े नियमों में भी बदलाव पर विचार संभव है। प्रस्तावों में गिरफ्तारी के लिए न्यायिक मंजूरी को जरूरी करने और आपराधिक कार्रवाई की सीमा बढ़ाने जैसे कदम शामिल बताए जा रहे हैं। सामान्य वर्गीकरण, मूल्यांकन या ITC से जुड़े विवादों को आपराधिक मामलों से अलग रखने पर भी चर्चा हो सकती है।
इन सुधारों का व्यापक उद्देश्य जीएसटी व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी और कारोबारी अनुकूल बनाना है, ताकि अनुपालन का बोझ घटे और अनावश्यक विवादों में कमी आए।

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