रिंग रोड के तैयार होने के बाद गोंडा शहर से होकर गुजरने वाले बाहरी वाहनों को वैकल्पिक रास्ता मिल जाएगा। इससे बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती, सिद्धार्थनगर, अयोध्या, बाराबंकी और लखनऊ की ओर आने-जाने वाले वाहनों का दबाव शहर की सड़कों पर कम होने की उम्मीद है। इसका सीधा फायदा स्थानीय लोगों को जाम से राहत के रूप में मिल सकता है।
16 अरब रुपये से ज्यादा की लागत
इस पश्चिमी रिंग रोड के निर्माण पर करीब 16 अरब 46 करोड़ 98 लाख रुपये खर्च होने हैं। परियोजना के लिए शासन की मंजूरी मिलने के बाद शुरुआती काम के लिए करीब 3.70 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं। सड़क के साथ यहां तीन रेलवे ओवरब्रिज, दो बड़े पुल और पांच छोटे पुल बनाने की भी योजना है।
इन रास्तों से जुड़ेगा रिंग रोड
प्रस्तावित रिंग रोड अयोध्या मार्ग पर पराग डेयरी के पास से शुरू होकर कटहाघाट की तरफ जाएगा। इसके बाद यह लखनऊ मार्ग और बहराइच रोड से जुड़ते हुए रुद्रपुर विसेन के रास्ते दत्तनगर के पास बलरामपुर मार्ग से कनेक्ट होगा। इससे शहर के आसपास के प्रमुख मार्गों के बीच संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है।
जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ी
भूमि चिह्नांकन के बाद कुछ जमीन मालिकों ने अपनी आपत्तियां भी दर्ज कराई हैं। प्रशासन की ओर से संबंधित जमीनों का विवरण जुटाया जा रहा है। इसके बाद खातेदारों को नियमानुसार नोटिस जारी किए जाएंगे। अधिकारियों के मुताबिक, रिंग रोड का एलाइमेंट तय हो चुका है, इसलिए इसमें बदलाव आसान नहीं होगा। परियोजना पूरी होने के बाद गोंडा शहर की ट्रैफिक व्यवस्था को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

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