दो चरणों में मिलती है रकम
योजना में पहली किस्त के तौर पर 1 लाख रुपये तक की सहायता दी जाती है। इसके लिए कौशल सत्यापन और बेसिक ट्रेनिंग पूरी करना जरूरी है। पात्रता पूरी करने के बाद लाभार्थी को दूसरे चरण में 2 लाख रुपये तक अतिरिक्त ऋण मिल सकता है। पहले चरण के लोन की अवधि 18 महीने और दूसरे चरण की अवधि 30 महीने तक हो सकती है।
कौन ले सकता है लाभ?
यह योजना हाथों और औजारों से पारंपरिक काम करने वाले कारीगरों व शिल्पकारों के लिए है। आवेदन के समय उम्र कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए। साथ ही निर्धारित शर्तों के अनुसार आवेदक ने हाल के वर्षों में किसी समान सरकारी क्रेडिट योजना का लाभ नहीं लिया होना चाहिए।
ऐसे होता है रजिस्ट्रेशन
विश्वकर्मा योजना में पंजीकरण के लिए कारीगर कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के जरिए आवेदन कर सकते हैं। प्रक्रिया में आधार आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन किया जाता है। पात्र लाभार्थियों को डिजिटल प्रमाणपत्र और पहचान पत्र भी दिया जाता है।
योजना का उद्देश्य पारंपरिक हुनर से जुड़े लोगों को सस्ता ऋण और जरूरी सहायता देकर उनके स्वरोजगार को मजबूत करना है।

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