आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए राहत की खबर है। आयुष्मान भारत योजना के तहत पात्र आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ता खुद अपना आयुष्मान कार्ड बना सकती हैं। इस योजना के तहत पात्र लाभार्थियों को सालाना 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा मिलती है।
अगर किसी आशा या आंगनबाड़ी कार्यकर्ता का नाम संबंधित सरकारी डेटाबेस में पात्र लाभार्थी के तौर पर दर्ज है, तो वह आयुष्मान कार्ड बनवाने की प्रक्रिया पूरी कर सकती है। खास बात यह है कि इन कार्यकर्ताओं के लिए पात्रता जांच संबंधित विभाग के रिकॉर्ड के आधार पर की जाती है।
कैसे चेक करें पात्रता?
आशा या आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपनी पात्रता आधिकारिक आयुष्मान पोर्टल या नजदीकी CSC केंद्र के माध्यम से जांच सकती हैं। महिला एवं बाल विकास विभाग या स्वास्थ्य विभाग के रिकॉर्ड में पंजीकरण होना जरूरी है। पात्रता की पुष्टि सरकारी डेटाबेस से होने के बाद कार्ड बनाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।
किन दस्तावेजों की होगी जरूरत?
आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड, आधार से जुड़ा सक्रिय मोबाइल नंबर और कर्मचारी कोड या विभागीय पहचान पत्र जैसे दस्तावेज जरूरी हो सकते हैं। आवेदन के दौरान इन दस्तावेजों की जानकारी का सत्यापन किया जाता है।
मोबाइल से भी बना सकती हैं कार्ड
पात्र कार्यकर्ता मोबाइल के जरिए आयुष्मान ऐप या संबंधित आधिकारिक ऑनलाइन माध्यम से प्रक्रिया पूरी कर सकती हैं। आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर आने वाले OTP के जरिए लॉगिन और ई-केवाईसी की प्रक्रिया पूरी करनी होगी। सत्यापन सफल होने के बाद आयुष्मान कार्ड जनरेट किया जा सकता है।
CSC केंद्र से भी मिलेगा विकल्प
अगर ऑनलाइन प्रक्रिया में परेशानी हो रही है तो नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या जन सेवा केंद्र पर जाकर भी कार्ड बनवाया जा सकता है। यहां आधार कार्ड और आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर साथ ले जाना बेहतर रहेगा। आयुष्मान कार्ड बनने के बाद पात्र कार्यकर्ता योजना के तहत मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकती हैं।

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