सरकार की ओर से यह संशोधन महंगाई के असर को ध्यान में रखते हुए किया गया है। वेरिएबल महंगाई भत्ता मजदूरी का वह हिस्सा है, जिसे कीमतों में बढ़ोतरी के असर को कम करने के लिए समय-समय पर संशोधित किया जाता है।
CPI में बढ़ोतरी के आधार पर फैसला
वेरिएबल DA में संशोधन औसत उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आधार पर किया गया है। 30 जून 2026 तक सूचकांक में बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके आधार पर केंद्रीय क्षेत्र के श्रमिकों के लिए नई न्यूनतम मजदूरी दरें तय की गई हैं। इसका मतलब है कि पात्र श्रमिकों को अब उनके काम और क्षेत्र के अनुसार पहले से अधिक न्यूनतम दैनिक मजदूरी मिलेगी।
निर्माण श्रमिकों को कितना मिलेगा?
निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए भी नई दरें लागू होंगी। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, अनस्किल्ड श्रमिकों की न्यूनतम दैनिक मजदूरी ₹840 और कुशल श्रमिकों की मजदूरी ₹1,111 प्रतिदिन हो गई है। इससे निर्माण क्षेत्र में काम करने वाले हजारों श्रमिकों की दैनिक कमाई पर सीधा असर पड़ेगा।
कृषि मजदूरों के लिए भी बढ़ी दर
कृषि क्षेत्र में मजदूरी काम के कौशल और निर्धारित क्षेत्र के आधार पर अलग-अलग है। एरिया A में अनस्किल्ड कृषि श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी ₹537 प्रतिदिन और स्किल्ड श्रमिकों के लिए ₹705 प्रतिदिन निर्धारित की गई है। वहीं, एरिया B में अनस्किल्ड श्रमिकों के लिए यह दर ₹491 प्रतिदिन और एरिया C में ₹486 प्रतिदिन बताई गई है।
महंगाई से राहत देने की कोशिश
VDA में बदलाव का उद्देश्य बढ़ती महंगाई के बीच श्रमिकों की वास्तविक आय को कुछ हद तक बनाए रखना है। हालांकि, वास्तविक मजदूरी श्रमिक के काम की श्रेणी, क्षेत्र और लागू नियमों पर निर्भर करेगी। यह संशोधन खास तौर पर केंद्रीय क्षेत्र के दायरे में आने वाले श्रमिकों के लिए महत्वपूर्ण है।

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