केंद्र सरकार का तोहफा, 9वीं-10वीं के छात्रों के लिए खुशखबरी, मिलेगा बड़ा फायदा

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की ओर से आर्थिक रूप से कमजोर और पात्र विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखने के लिए प्री-मैट्रिक स्कॉलरशिप योजना चलाई जा रही है। इस योजना के तहत पात्र छात्रों को कक्षा 9वीं और 10वीं की पढ़ाई के दौरान आर्थिक सहायता दी जाती है। योजना का उद्देश्य ऐसे बच्चों को शिक्षा से जोड़ना है, जिनके परिवार कठिन और जोखिम वाले कामों से जुड़े हैं।

किन छात्रों को मिल सकता है लाभ?

यह योजना मुख्य रूप से अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के पात्र विद्यार्थियों के लिए है। इसके अलावा निर्धारित श्रेणियों में आने वाले ऐसे परिवारों के बच्चों को भी लाभ दिया जाता है, जिनके माता-पिता कचरा बीनने, सफाई या अन्य जोखिमपूर्ण कामों में लगे हैं।

पात्रता के लिए परिवार की वार्षिक आय ₹2.50 लाख तक निर्धारित है। विद्यार्थी का पिछली कक्षा में कम से कम 50 प्रतिशत अंक प्राप्त करना भी जरूरी है। इसके अलावा छात्र का संबंधित कक्षा में नियमित रूप से अध्ययनरत होना आवश्यक है।

पढ़ाई के साथ हॉस्टल की सुविधा

योजना का मकसद केवल आर्थिक सहायता देना नहीं है, बल्कि जरूरतमंद बच्चों को पढ़ाई जारी रखने के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध कराना भी है। पात्र विद्यार्थियों को निर्धारित नियमों के तहत छात्रावास की सुविधा भी मिल सकती है। इससे ऐसे बच्चों को पढ़ाई और रहने से जुड़े खर्च में मदद मिलती है।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज

आवेदन करते समय विद्यार्थी को आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और शैक्षणिक अंकतालिका जैसे दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है। दस्तावेजों और पात्रता की जानकारी आवेदन से पहले अच्छी तरह जांच लेना जरूरी है।

योजना से संबंधित जानकारी और आवेदन प्रक्रिया के लिए सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है। इसके अलावा राज्यों की ओर से भी विद्यार्थियों के लिए अलग-अलग छात्रवृत्ति योजनाएं संचालित की जाती हैं, इसलिए छात्र अपने राज्य की योजनाओं की जानकारी भी जरूर लें।

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