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CM सम्राट का ऐलान, बिहारवासियों के लिए 3 बड़ी खुशखबरी, उठाएं लाभ!

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने राज्य के किसानों और आम परिवारों को लेकर सरकार की ओर से दी जा रही सुविधाओं की जानकारी दी। इसमें कृषि कार्य के लिए रियायती दर पर बिजली और परिवारों को हर महीने मुफ्त बिजली देने की व्यवस्था प्रमुख है। इसके साथ ही बिहार में तैयार होने वाले उत्पादों को सरकारी खरीद में प्राथमिकता देने की बात भी कही गई है।

किसानों को 55 पैसे प्रति यूनिट की दर से बिजली

मुख्यमंत्री ने बताया कि किसानों को कृषि कार्य के लिए सिर्फ 55 पैसे प्रति यूनिट की रियायती दर पर बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। कृषि क्षेत्र में बिजली की सुविधा को और बेहतर करने के लिए कृषि फीडरों को सोलराइज करने की दिशा में भी काम किया जा रहा है। इसका उद्देश्य कृषि फीडरों को सौर ऊर्जा से जोड़कर बिजली की उपलब्धता को मजबूत करना है।

हर परिवार को हर महीने 125 यूनिट मुफ्त बिजली

राज्य के परिवारों के लिए भी बिजली से जुड़ी बड़ी सुविधा बताई गई है। मुख्यमंत्री के अनुसार प्रत्येक परिवार को प्रतिमाह 125 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है। इससे तय सीमा तक बिजली इस्तेमाल करने वाले परिवारों को राहत मिलने की व्यवस्था है।

बिहार में बने सामान को मिलेगी प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि बिहार में निर्मित उत्पादों को सरकारी खरीद में प्राथमिकता दी जाएगी। इससे राज्य में तैयार होने वाले सामान को सरकारी स्तर पर खरीद का अवसर मिलेगा और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की कोशिश होगी। सरकार की इन घोषणाओं में एक ओर किसानों के लिए रियायती बिजली की व्यवस्था है, तो दूसरी ओर परिवारों को मुफ्त बिजली और स्थानीय उत्पादों को सरकारी खरीद में प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया है।

बिहार में पंचायत चुनाव को लेकर बड़ी खबर! पहले होगा परिसीमन, फिर चुनाव

पटना। बिहार में अगले पंचायत चुनाव को लेकर तस्वीर अब कुछ हद तक साफ हो गई है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सोमवार को कहा कि पंचायतों के परिसीमन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही अगला पंचायत चुनाव कराया जाएगा। उन्होंने यह बात पटना में आयोजित 'ग्राम संसद-बिहार चैप्टर' के 'मुखिया संवाद' कार्यक्रम में कही।

पहले पूरा होगा परिसीमन

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य निर्वाचन आयोग ने पंचायतों के परिसीमन की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसका उद्देश्य पंचायत क्षेत्रों की सीमाओं का स्पष्ट निर्धारण करना है। परिसीमन पूरा होने के बाद ही चुनाव की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि अगले वर्ष नगर निकायों के परिसीमन की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी, ताकि पंचायत और नगर निकाय क्षेत्रों को स्पष्ट रूप से निर्धारित किया जा सके।

गांवों के विकास में पंचायतों की भूमिका

कार्यक्रम में ग्रामीण विकास और पंचायतों की भूमिका को लेकर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने पंचायतों को गांवों के विकास की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी काफी अहम है। उन्होंने गांवों को आत्मनिर्भर और विकसित बनाने पर जोर दिया।

पंचायतों को मिलेगा तकनीकी सहयोग

सम्राट चौधरी ने पंचायत स्तर पर विकास कार्यों को बेहतर तरीके से लागू करने के लिए पंचायती राज विभाग में इंजीनियरिंग सेल विकसित करने की बात कही। इसके जरिए मुखिया और पंचायत प्रतिनिधियों को विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में तकनीकी सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

पटना में हुए इस कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर की। इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों से जुड़े विकास कार्यों और पंचायत व्यवस्था को मजबूत करने पर विचार-विमर्श हुआ।

यूपी में इन 14 जिलों के डीएम बदले, 34 IAS का ट्रांसफर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल हुआ है। सोमवार, 21 सितंबर को जारी सूची के मुताबिक 34 IAS अधिकारियों का तबादला किया गया है। इनमें 14 जिलों के जिलाधिकारी भी शामिल हैं। पिछले 24 घंटे में यह तबादलों की दूसरी सूची है। इससे पहले 10 IAS अधिकारियों का स्थानांतरण किया गया था।

इन 14 जिलों में बदले गए डीएम

नई सूची के अनुसार अनुनय झा को मुरादाबाद, राहुल पाण्डेय को हरदोई, एम. अरुन्मोली को एटा, संजय चौहान को कुशीनगर और महेंद्र सिंह तंवर को कानपुर नगर का डीएम बनाया गया है। वहीं अनुज मलिक को संतकबीरनगर, आलोक कुमार को पीलीभीत, ज्ञानेंद्र सिंह को बलिया और शशांक चौधरी को अमेठी की जिम्मेदारी मिली है। इसके अलावा दिव्यांशु पटेल को बागपत, प्रभास कुमार को महोबा, उमेश प्रताप सिंह को बिजनौर, सत्य प्रकाश पटेल को हाथरस और अशोक कुमार को हमीरपुर का जिलाधिकारी नियुक्त किया गया है।

कई अधिकारियों को नई जिम्मेदारी

तबादले के तहत कई IAS अधिकारियों को विकास प्राधिकरण, नगर निगम और विभिन्न विभागों में नई जिम्मेदारियां भी दी गई हैं। हिमांशु कौशिक को नगर आयुक्त मुरादाबाद बनाया गया है। विजय कुमार सिंह को मुख्य विकास अधिकारी मिर्जापुर और संतोष बहादुर सिंह को मुख्य विकास अधिकारी मैनपुरी की जिम्मेदारी मिली है। विशाल कुमार को गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण का मुख्य कार्यपालक अधिकारी बनाया गया है। विजय कुमार को उपाध्यक्ष आगरा विकास प्राधिकरण के साथ संभागीय खाद्य नियंत्रक आगरा की जिम्मेदारी दी गई है।

कई जिलाधिकारियों की भी बदली जिम्मेदारी

जसजीत कौर को उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रॉनिक्स कॉरपोरेशन का प्रबंध निदेशक बनाया गया है, जबकि जितेंद्र प्रताप सिंह को उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी परिषद का निदेशक नियुक्त किया गया है। ग़ज़ल भारद्वाज को इन्वेस्ट यूपी में अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी की जिम्मेदारी मिली है।

वहीं नेहा बंधु, अस्मिता लाल, अभिषेक गोयल, मंगला प्रसाद सिंह, निधि श्रीवास्तव, अरविंद सिंह और राजेंद्र पैसिया समेत कई अधिकारियों को भी नई तैनाती दी गई है। राजेंद्र पैसिया को विशेष सचिव कारागार प्रशासन एवं सुधार बनाया गया है।

भारत का ‘लेजर हथियार’ प्लान तैयार! दुश्मन को हवा में मिटाने की तैयारी

नई दिल्ली। भारत अपनी एंटी-ड्रोन क्षमता को और मजबूत करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) अगले छह महीने में 30 किलोवाट क्षमता वाले लेजर हथियार के लिए इंडस्ट्री पार्टनर तलाशने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है। इसके लिए एक्सप्रेशन ऑफ इंटरेस्ट (EOI) जारी किया जाएगा। लक्ष्य इस सिस्टम को शुरुआती उत्पादन मॉडल यानी FOPM तक ले जाना है।

5 किलोमीटर तक लक्ष्य साधने की क्षमता

यह ट्रक पर लगाया जाने वाला डायरेक्टेड एनर्जी वेपन खासतौर पर ड्रोन और मानवरहित विमानों से निपटने के लिए तैयार किया गया है। इसकी क्षमता करीब 5 किलोमीटर तक लक्ष्य को निशाना बनाने की बताई गई है। सिस्टम एक साथ कई ड्रोन वाले स्वॉर्म से मुकाबला करने के अलावा फिक्स्ड-विंग UAV और निगरानी सेंसर को भी निशाना बना सकता है। लेजर ऊर्जा से लक्ष्य के इलेक्ट्रॉनिक और संवेदनशील हिस्सों को निष्क्रिय किया जा सकता है।

2 और 10 किलोवाट सिस्टम पर भी काम

DRDO अलग-अलग क्षमता वाले लेजर हथियारों पर भी काम कर रहा है। 2 किलोवाट सिस्टम का उत्पादन शुरू होने की जानकारी दी गई है। वहीं 10 किलोवाट सिस्टम को खरीद प्रक्रिया में AoN मिल चुका है और इसकी करीब 1.5 से 2 किलोमीटर तक लक्ष्य भेदने की क्षमता बताई गई है।

ड्रोन चुनौती के बीच बढ़ी अहमियत

ऑपरेशन सिंदूर के दौरान ड्रोन के इस्तेमाल ने एंटी-ड्रोन सिस्टम की जरूरत को और महत्वपूर्ण बना दिया। लेजर हथियारों की खासियत यह है कि लक्ष्य पर ऊर्जा सीधे पहुंचाई जाती है, इसलिए हर ड्रोन के लिए अलग इंटरसेप्टर की जरूरत नहीं पड़ती। हालांकि, इसकी प्रभावशीलता मौसम और लक्ष्य की परिस्थितियों पर भी निर्भर करती है।

लेजर हथियार में रडार और सेंसर पहले खतरे की पहचान करते हैं, फिर सिस्टम उसका विश्लेषण कर उचित कार्रवाई करता है। इस तरह 30 किलोवाट सिस्टम की दिशा में आगे बढ़ना भारत की स्वदेशी एयर डिफेंस तकनीक के लिए एक अहम अगला चरण माना जा रहा है।

अल्जाइमर के 5 बड़े संकेत! समय रहते पहचान लें ये लक्षण, न करें नजरअंदाज

हेल्थ डेस्क। अल्जाइमर एक ऐसी बीमारी है, जो धीरे-धीरे याददाश्त और सोचने-समझने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है। शुरुआत में इसके लक्षण सामान्य भूलने की आदत जैसे लग सकते हैं, इसलिए इन्हें पहचानना जरूरी है। अगर किसी व्यक्ति में लगातार ऐसे बदलाव दिखाई दें और रोजमर्रा के काम प्रभावित होने लगें, तो विशेषज्ञ से सलाह लेना उचित है।

1. हाल की बातें भूलना

अल्जाइमर की शुरुआती निशानियों में हाल में हुई घटनाओं या बातचीत को बार-बार भूलना शामिल हो सकता है। व्यक्ति एक ही सवाल कई बार पूछ सकता है या जरूरी जानकारी याद रखने में परेशानी महसूस कर सकता है।

2. रोजमर्रा के कामों में परेशानी

पहले आसानी से किए जाने वाले कामों में अचानक दिक्कत आने लगे, जैसे बिल भरना, खाना बनाना या किसी सामान्य प्रक्रिया को भूल जाना, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

3. समय और जगह को लेकर भ्रम

व्यक्ति को तारीख, दिन या स्थान समझने में परेशानी हो सकती है। परिचित जगह पर रास्ता भूलना या यह समझने में दिक्कत होना कि वह कहां है, भी एक संकेत हो सकता है।

4. सही शब्द खोजने में दिक्कत

बातचीत के दौरान सामान्य शब्द याद न आना, बार-बार बात भूल जाना या अपनी बात स्पष्ट तरीके से रखने में परेशानी होना भी ध्यान देने योग्य बदलाव है।

5. व्यवहार और व्यक्तित्व में बदलाव

बिना किसी स्पष्ट कारण के व्यक्ति के व्यवहार, मूड या सामाजिक गतिविधियों में बदलाव नजर आ सकता है। पहले पसंद आने वाले कामों में रुचि कम होना भी एक संकेत हो सकता है।

ध्यान रखें कि इनमें से किसी एक लक्षण का होना अपने आप में अल्जाइमर की पुष्टि नहीं करता। उम्र बढ़ने के साथ होने वाली सामान्य भूलने की समस्या और बीमारी के लक्षणों में अंतर हो सकता है। लगातार या बढ़ते हुए बदलाव दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।

केंद्र सरकार की नौकरी का मौका! 12वीं पास के लिए बड़ी खुशखबरी

नई दिल्ली। केंद्र सरकार की नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। इंडो-तिब्बतन बॉर्डर पुलिस फोर्स (ITBP) ने हेड कांस्टेबल (मोटर मैकेनिक) के 21 पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती के लिए योग्य पुरुष उम्मीदवार ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। नेपाल और भूटान के पात्र नागरिक भी आवेदन कर सकते हैं।

12वीं पास के लिए मौका

इस भर्ती में आवेदन करने के लिए उम्मीदवार का 10+2 पास होना जरूरी है। इसके साथ मोटर मैकेनिक से संबंधित निर्धारित योग्यता और प्रैक्टिकल अनुभव या ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा होना चाहिए।

उम्र और सैलरी

उम्मीदवारों की उम्र 18 से 25 वर्ष के बीच होनी चाहिए। चयनित अभ्यर्थियों को पे लेवल-4 के तहत ₹25,500 से ₹81,100 तक वेतन मिलेगा। नौकरी की तैनाती भारत में कहीं भी या विदेश में भी हो सकती है।

इस तारीख से आवेदन

ITBP की इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 28 सितंबर 2026 से शुरू होगी। इच्छुक उम्मीदवार 27 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। कुल 21 हेड कांस्टेबल (मोटर मैकेनिक) पदों पर नियुक्ति की जाएगी।

भर्ती की मुख्य जानकारी

पद: हेड कांस्टेबल (मोटर मैकेनिक)

कुल पद: 21

योग्यता: 10+2 के साथ मोटर मैकेनिक योग्यता/निर्धारित अनुभव या ऑटोमोबाइल इंजीनियरिंग डिप्लोमा

आयु सीमा: 18 से 25 वर्ष

वेतन: ₹25,500-₹81,100

आवेदन शुरू: 28 सितंबर 2026

अंतिम तारीख: 27 अक्टूबर 2026

23 से 29 सितंबर तक बनेंगे शुभ योग! 4 राशियों के लिए खुलेगा तरक्की का रास्ता

राशिफल। सितंबर का आखिरी सप्ताह कुछ राशि के जातकों के लिए खास माना जा रहा है। 23 से 29 सितंबर के बीच बनने वाले ग्रहों के शुभ संयोग का असर करियर, कारोबार और आर्थिक मामलों पर देखने को मिल सकता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस दौरान कुछ लोगों को रुके हुए कामों में गति और आगे बढ़ने के नए अवसर मिल सकते हैं। आइए जानते हैं वे 4 राशियां कौन-सी हैं।

मेष राशि

इस सप्ताह मेष राशि वालों को मेहनत का बेहतर परिणाम मिलने की उम्मीद है। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिल सकती है और अधिकारी आपके काम पर ध्यान दे सकते हैं। कारोबार करने वालों के लिए नए संपर्क फायदेमंद साबित हो सकते हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह समय आर्थिक मामलों में सकारात्मक रह सकता है। आय बढ़ाने के नए रास्ते सामने आ सकते हैं। नौकरी की तलाश कर रहे लोगों को अच्छी खबर मिल सकती है। किसी पुराने काम के पूरा होने से राहत मिलने की संभावना है।

तुला राशि

तुला राशि वालों के लिए सप्ताह करियर और व्यापार के लिहाज से महत्वपूर्ण हो सकता है। कोई बड़ी योजना आगे बढ़ सकती है। निवेश से जुड़े फैसलों में जल्दबाजी से बचते हुए परिस्थितियों को समझना बेहतर रहेगा। परिवार का सहयोग भी मिल सकता है।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों को इस दौरान भाग्य का साथ मिलने की संभावना है। अटके हुए काम आगे बढ़ सकते हैं और नई जिम्मेदारियां मिलने के योग बन सकते हैं। नौकरी और कारोबार में प्रगति के अवसर सामने आ सकते हैं। यात्रा भी लाभदायक रह सकती है।

बिहार के शिक्षकों के लिए बड़ी खबर! नए निर्देश जारी, अब इन नियमों का करना होगा पालन

पटना: बिहार में TET और STET के जरिए नियुक्त शिक्षकों से जुड़ा अहम अपडेट सामने आया है। शिक्षा विभाग ने 2015 तक नियुक्त शिक्षकों के सत्यापित प्रमाणपत्रों का रिकॉर्ड फिर से उपलब्ध कराने को कहा है। यह प्रक्रिया निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की जांच से जुड़ी हुई है।

नियोजन इकाइयों से मांगा गया रिकॉर्ड

जिला स्तर पर सभी संबंधित नियोजन इकाइयों को शिक्षकों की सूची के साथ उनके वेरिफाइड शैक्षणिक और प्रशैक्षणिक प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। इसमें ब्लॉकवार रिकॉर्ड तैयार करने को कहा गया है। दूसरे जिले में स्थानांतरित हो चुके शिक्षकों का विवरण भी इसमें शामिल रहेगा।

BPSC से नियुक्त शिक्षकों को भी

TET के आधार पर BPSC के माध्यम से नियुक्त और बाद में दूसरे जिलों में स्थानांतरित हुए शिक्षकों के दस्तावेज भी जुटाए जाएंगे। संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को तय समय के भीतर रिकॉर्ड उपलब्ध कराने को कहा गया है।

7569 शिक्षकों को करना होगा ब्रिज कोर्स

दूसरी ओर, प्राथमिक विद्यालयों में B.Ed के आधार पर नियुक्त 7,569 शिक्षकों के लिए छह महीने का ब्रिज कोर्स जरूरी है। इसके लिए 8,290 शिक्षकों ने आवेदन किया था, जिनमें 7,845 आवेदन फीस के साथ जमा हुए हैं।

NIOS के माध्यम से होने वाले इस कोर्स को निर्धारित अवधि में पूरा करना होगा। कोर्स शुरू होने के बाद एक साल के भीतर इसे पूरा नहीं करने पर नियुक्ति पर असर पड़ सकता है। इसलिए संबंधित शिक्षकों को विभागीय निर्देशों के अनुसार समय पर प्रक्रिया पूरी करने की सलाह दी गई है।

बिहार के गांवों में टैक्स को लेकर बड़ा अपडेट! इन चीजों पर लगेगा कर

पटना: बिहार की ग्राम पंचायतों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सरकार ने स्थानीय स्तर पर राजस्व बढ़ाने पर जोर दिया है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि गरीब परिवारों पर कोई नया कर नहीं लगाया जाएगा, लेकिन गांवों में चल रही व्यावसायिक गतिविधियों से पंचायतों को राजस्व जुटाना चाहिए।

इन गतिविधियों से वसूली पर जोर

मुख्यमंत्री के मुताबिक ईंट-भट्ठे, निजी स्कूल, मोबाइल टावर और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां पंचायतों के लिए आय का स्रोत बन सकती हैं। इससे पंचायतों की अपनी कमाई बढ़ाने में मदद मिलेगी।

टैक्स से गांवों में सुधरेंगी सुविधाएं

इससे मिलने वाले राजस्व का इस्तेमाल पेयजल, कचरा प्रबंधन और दूसरी बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने में किया जा सकता है। यानी पंचायतों के पास स्थानीय विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराने पर जोर है।

पंचायतों को मिलेगा बड़ा फंड

मुख्यमंत्री ने बताया कि अगले पांच वर्षों में 16वें वित्त आयोग के तहत बिहार की पंचायतों को करीब 52 हजार करोड़ रुपये मिलने की बात है। इसके अलावा विभिन्न योजनाओं से करीब 47 हजार करोड़ रुपये उपलब्ध होने की जानकारी दी गई। इस तरह पंचायतों के माध्यम से विकास कार्यों पर एक लाख करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए जाने की बात कही गई है।

हालांकि, अलग-अलग गतिविधियों पर कर की वास्तविक दर, वसूली की प्रक्रिया और लागू होने की तारीख संबंधित नियमों और प्रशासनिक प्रावधानों से तय होगी।

केंद्र सरकार का फैसला, केंद्रीय कर्मचारियों के लिए 2 बड़ी खुशखबरी!

नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए CGHS से जुड़े नियमों में अहम बदलाव किया है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से जारी नए आदेश के बाद अब CGHS की सुविधा लेने के लिए कर्मचारियों पर लागू भौगोलिक सीमा की शर्त हटा दी गई है। यह बदलाव 17 सितंबर 2026 से प्रभावी माना गया है।

अब दूरी की बाध्यता खत्म

पहले CGHS का लाभ लेने के लिए कर्मचारी का निवास या तैनाती CGHS वेलनेस सेंटर की निर्धारित दूरी के दायरे में होना जरूरी था। नए नियम के तहत यह भौगोलिक शर्त समाप्त कर दी गई है। यानी पात्र केंद्रीय सरकारी कर्मचारी, जो CGHS कवर वाले क्षेत्र से बाहर रहते या काम करते हैं, वे भी निर्धारित पात्रता और योगदान पूरा करके CGHS का विकल्प चुन सकते हैं।

एक बार चुना तो बदल नहीं सकेंगे विकल्प

नए नियम में कर्मचारियों को CGHS का लाभ लेने के लिए वन-टाइम ऑप्शन दिया गया है। कर्मचारी को निर्धारित प्रक्रिया के तहत विकल्प चुनना होगा। एक बार CGHS चुनने के बाद इस विकल्प को बाद में बदलने की अनुमति नहीं होगी। इसके साथ कर्मचारी को यह घोषणा भी देनी होगी कि वह खुद या अपने परिवार के लिए CGHS और Central Services (Medical Attendance) Rules, 1944 (CS(MA)) दोनों के तहत एक साथ चिकित्सा लाभ का दावा नहीं करेगा।

CGHS क्षेत्र में रहने वालों के लिए अलग नियम

जो कर्मचारी पहले से CGHS की सुविधा वाले क्षेत्र में रहते या तैनात हैं, उनके लिए CGHS के तहत रहना अनिवार्य रहेगा। ऐसे कर्मचारी CS(MA) नियमों के तहत विकल्प चुनकर CGHS से बाहर नहीं जा सकेंगे।

गलत जानकारी देने पर हो सकती है कार्रवाई

सरकार ने कर्मचारियों को जानकारी सही तरीके से देने की हिदायत भी दी है। आवेदन में गलत या भ्रामक जानकारी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। गलत तरीके से लिया गया लाभ होने पर उसकी वसूली भी की जा सकती है।

आज मंगल का चलेगा जादू! 5 राशियों की दूर होंगी परेशानियां, बनेंगे बिगड़े काम

राशिफल। आज का दिन ज्योतिष के लिहाज से कुछ राशियों के लिए खास माना जा रहा है। मंगल को साहस, ऊर्जा, पराक्रम, भूमि और आत्मविश्वास का कारक ग्रह माना जाता है। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार मंगल की अनुकूल स्थिति व्यक्ति को काम में तेजी और चुनौतियों का सामना करने का हौसला दे सकती है। आज इसका सकारात्मक प्रभाव 5 राशियों पर देखने को मिल सकता है।

मेष राशि

मेष राशि के जातकों के लिए दिन उत्साह और आत्मविश्वास बढ़ाने वाला रह सकता है। लंबे समय से अटके कामों में गति आने के संकेत हैं। नौकरीपेशा लोगों को जिम्मेदारी मिल सकती है, जबकि कारोबार से जुड़े लोगों को नए अवसर मिल सकते हैं।

मिथुन राशि

मिथुन राशि वालों के लिए आज का दिन करियर के लिहाज से अच्छा रह सकता है। कार्यक्षेत्र में आपकी मेहनत पर ध्यान दिया जा सकता है। किसी पुराने संपर्क से लाभ मिलने की संभावना है। आर्थिक मामलों में भी स्थिति पहले से बेहतर हो सकती है।

सिंह राशि

सिंह राशि के जातकों को आज मंगल की ऊर्जा का लाभ मिल सकता है। आत्मविश्वास बढ़ेगा और महत्वपूर्ण फैसले लेने में आसानी हो सकती है। नौकरी और कारोबार में आगे बढ़ने के नए रास्ते खुल सकते हैं। रुका हुआ कोई जरूरी काम पूरा होने की उम्मीद है।

वृश्चिक राशि

वृश्चिक राशि के स्वामी मंगल ही माने जाते हैं, इसलिए आज का दिन इस राशि के लिए विशेष रह सकता है। मेहनत का सकारात्मक परिणाम मिल सकता है। संपत्ति या निवेश से जुड़े मामलों में आगे बढ़ने का अवसर मिल सकता है।

धनु राशि

धनु राशि वालों के लिए आज का दिन उपलब्धियों से भरा रह सकता है। करियर में बदलाव या नई जिम्मेदारी का अवसर मिल सकता है। आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए किए गए प्रयास सफल हो सकते हैं। परिवार का सहयोग भी मिलने की संभावना है।

केंद्र सरकार की नई स्कीम, पेंशन के साथ मिलेगा ₹30 लाख का हेल्थ कवर!

नई दिल्ली। रिटायरमेंट की तैयारी करने वालों के लिए पेंशन के साथ मेडिकल खर्च की चिंता भी बड़ी होती है। इसी को ध्यान में रखते हुए NPS Swasthya को लेकर नए नियम सामने आए हैं। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट अथॉरिटी (PFRDA) ने इस मॉडल के संचालन से जुड़े दिशा-निर्देश जारी किए हैं। खास बात यह है कि इसमें रिटायरमेंट के लिए जमा होने वाली रकम के साथ हेल्थ इंश्योरेंस की सुविधा भी जोड़ी गई है।

एक ही योजना में बचत और स्वास्थ्य सुरक्षा

NPS Swasthya को दो स्वतंत्र हिस्सों में समझा जा सकता है। एक भाग में आपकी रिटायरमेंट सेविंग रहेगी, जबकि दूसरा हिस्सा मेडिकल इंश्योरेंस से संबंधित होगा। दोनों की राशि और संचालन अलग रखा जाएगा। इस योजना में पात्र NPS ग्राहक अपने परिवार के लिए भी स्वास्थ्य सुरक्षा ले सकते हैं। मानक फैमिली फ्लोटर कवर में पति-पत्नी और दो बच्चों को शामिल किया जा सकता है। माता-पिता इस सामान्य कवर का हिस्सा नहीं होंगे।

खाता खोलने के लिए कितनी रकम जरूरी?

योजना शुरू करते समय कुछ शुरुआती भुगतान करने होंगे। इसमें संबंधित साल का बीमा प्रीमियम, ₹200 का वार्षिक मेंटेनेंस शुल्क और NPS Swasthya खाते में कम से कम ₹1,000 का योगदान शामिल है। खाता शुरू होने के बाद आगे की जमा राशि काफी कम रखी गई है। ग्राहक न्यूनतम ₹10 से भी योगदान जारी रख सकता है। निवेश को NPS से जुड़े निर्धारित नियमों के अनुसार ही मैनेज किया जाएगा।

जरूरत के हिसाब से चुन सकेंगे कवर

हेल्थ पॉलिसी में अलग-अलग स्तर के विकल्प रखे गए हैं। डिडक्टिबल जितना अधिक होगा, उपलब्ध बीमा कवर भी उसी के अनुसार बढ़ेगा। विकल्पों में ₹1 लाख से लेकर ₹30 लाख तक का कवर शामिल है। सबसे बड़े विकल्प में ₹3 लाख का डिडक्टिबल रखने पर परिवार के लिए ₹30 लाख तक का फ्लोटर कवर उपलब्ध होगा। डिडक्टिबल का मतलब वह शुरुआती चिकित्सा खर्च है, जिसे बीमा कंपनी की जिम्मेदारी शुरू होने से पहले ग्राहक को खुद वहन करना पड़ता है।

अस्पताल के खर्च में NPS से मदद

इस योजना की एक अहम सुविधा मेडिकल जरूरत से जुड़ी निकासी है। खाताधारक अपने कुल जमा योगदान के 25 फीसदी तक रकम इलाज या अस्पताल से संबंधित खर्च के लिए निकाल सकता है। इसके लिए कोई तय वेटिंग पीरियड नहीं रखा गया है और निकासी की संख्या पर भी सीमा नहीं बताई गई है। रकम सीधे ग्राहक के हाथ में देने के बजाय संबंधित अस्पताल या हेल्थकेयर संस्थान को भेजी जाएगी।

प्रीमियम जमा नहीं हुआ तो क्या होगा?

बीमा के नवीनीकरण के समय खाते में पर्याप्त पैसा नहीं होने पर ग्राहक को पहले से सूचना दी जाएगी। पेंशन फंड की ओर से 90, 60 और 30 दिन पहले अलर्ट भेजने की व्यवस्था है। अगर निर्धारित ग्रेस पीरियड के भीतर प्रीमियम जमा नहीं किया गया तो हेल्थ कवर समाप्त हो सकता है। ऐसी स्थिति में NPS Swasthya खाता सामान्य ऑल सिटिजन मॉडल में ट्रांसफर कर दिया जाएगा।

18 से 70 साल तक प्रवेश

NPS Swasthya में 18 से 70 वर्ष की उम्र के बीच प्रवेश लिया जा सकता है। पॉलिसी को अधिकतम 85 वर्ष की उम्र तक रिन्यू कराया जा सकता है। इसके अलावा पेंशन फंड सालाना कॉर्पस का अधिकतम 0.08% तक शुल्क ले सकता है। इस तरह NPS Swasthya का मॉडल रिटायरमेंट सेविंग के साथ मेडिकल खर्च के लिए अलग सुरक्षा तैयार करने पर केंद्रित है।

यूपी में जमीन की रजिस्ट्री कराने जा रहे हैं? पहले चेक कर लें ये 5 जरूरी चीजें

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में जमीन या मकान खरीदना बड़ा आर्थिक फैसला होता है। ऐसे में सिर्फ कीमत और लोकेशन देखकर सौदा करना आगे चलकर परेशानी खड़ी कर सकता है। जमीन के कागजात, मालिकाना हक, सरकारी रिकॉर्ड और रजिस्ट्री से जुड़ी औपचारिकताओं की पहले जांच करना बेहद जरूरी है। यूपी के स्टाम्प एवं रजिस्ट्रेशन विभाग के IGRSUP पोर्टल पर संपत्ति खोज, भारमुक्त प्रमाणपत्र, रजिस्ट्री विवरण और स्टाम्प-निबंधन शुल्क की जानकारी जैसी कई ऑनलाइन सुविधाएं उपलब्ध हैं।

1. जमीन के मालिकाना हक की पड़ताल करें

सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि जिस व्यक्ति से आप जमीन खरीद रहे हैं, वही उसका वास्तविक मालिक है। पुराने बैनामे, खतौनी, खसरा और उपलब्ध राजस्व रिकॉर्ड को आपस में मिलाकर देखना चाहिए। IGRSUP पर संपत्ति और रिकॉर्ड से जुड़ी ऑनलाइन खोज की सुविधा भी दी गई है। सिर्फ विक्रेता की बात पर भरोसा करने के बजाय यह भी पता करें कि संपत्ति पर कोई पुराना दावा, कर्ज या कानूनी अड़चन तो नहीं है।

2. जमीन पर कोई पुराना कर्ज तो नहीं, यह जरूर देखें

प्रॉपर्टी खरीदने से पहले भारमुक्त प्रमाणपत्र की जांच करना महत्वपूर्ण है। इससे संपत्ति पर दर्ज किसी भार या पूर्व दावे की जानकारी हासिल करने में मदद मिल सकती है। यूपी के रजिस्ट्रेशन विभाग की वेबसाइट पर भारमुक्त प्रमाणपत्र के लिए ऑनलाइन सुविधा उपलब्ध है। इसके साथ पुराने दस्तावेजों की कड़ी भी देखना समझदारी है। इससे यह पता लगाने में मदद मिलती है कि संपत्ति मौजूदा मालिक तक किस प्रक्रिया से पहुंची।

3. संयुक्त जमीन है तो सभी हिस्सेदारों की स्थिति साफ करें

अगर जमीन कई लोगों के नाम दर्ज है, तो केवल एक हिस्सेदार से सौदा करने में जल्दबाजी न करें। पहले यह स्पष्ट करें कि सभी सह-मालिकों का हिस्सा कितना है और बिक्री के लिए उनकी आवश्यक सहमति मौजूद है या नहीं। पारिवारिक संपत्ति के मामले में रिश्ते से जुड़े दस्तावेज भी महत्वपूर्ण हो सकते हैं। इसलिए केवल पहचान पत्र देखकर रिश्तेदारी या उत्तराधिकार का निष्कर्ष निकालना ठीक नहीं है।

4. खसरा, खाता और जमीन की वास्तविक सीमा मिलाएं

रजिस्ट्री के कागज में लिखी जमीन और मौके पर मौजूद जमीन एक ही होनी चाहिए। इसके लिए खसरा नंबर, खाता संख्या, रकबा और चारों तरफ की सीमाओं का रिकॉर्ड से मिलान करें। खासकर कृषि भूमि के मामले में यूपी रजिस्ट्रेशन विभाग आवश्यक दस्तावेजों में खसरा-खतौनी और संबंधित नक्शे का उल्लेख करता है।

5. रजिस्ट्री से पहले ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी कर लें

यूपी में संपत्ति पंजीकरण के लिए IGRSUP पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की सुविधा है। आवेदन के दौरान संबंधित जिला, तहसील और उप-निबंधक कार्यालय का चयन किया जाता है। विभाग के अनुसार रजिस्ट्री के लिए ऑनलाइन अपॉइंटमेंट भी लिया जा सकता है और निर्धारित तारीख पर संबंधित कार्यालय में दस्तावेज प्रस्तुत करने होते हैं।

रजिस्ट्री से पहले स्टाम्प शुल्क और निबंधन शुल्क की गणना भी पोर्टल पर उपलब्ध कैलकुलेटर से की जा सकती है। विभाग ने संपत्ति खरीदने से पहले खरीदार को विक्रेता की पहचान और संपत्ति के स्वामित्व की अच्छी तरह जांच करने की सलाह दी है।

भारत के लिए बड़ी खुशखबरी! UNSC की स्थायी सीट पर 4 देशों का समर्थन

नई दिल्ली। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में स्थायी सदस्यता को लेकर भारत की कोशिशों को नई कूटनीतिक मजबूती मिली है। हंगरी, पोलैंड, स्लोवाकिया और चेक गणराज्य ने भारत की स्थायी सीट की मांग का समर्थन किया है। चारों देश वीसग्राद ग्रुप (V4) का हिस्सा हैं और न्यूयॉर्क में हुई पहली V4-भारत बैठक के दौरान उन्होंने भारत के पक्ष में अपना रुख सामने रखा।

भारत लंबे समय से उठा रहा है सुधार का मुद्दा

भारत का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की मौजूदा संरचना आज की वैश्विक वास्तविकताओं को पूरी तरह प्रतिबिंबित नहीं करती। भारत सहित G4 समूह के देश ब्राजील, जर्मनी, जापान और भारत सुरक्षा परिषद के विस्तार और अधिक प्रतिनिधित्व की मांग करते रहे हैं। भारत ने संयुक्त राष्ट्र में भी मौजूदा ढांचे को अधिक प्रतिनिधि बनाने की जरूरत पर जोर दिया है।

UNSC में अभी कितने सदस्य हैं?

सुरक्षा परिषद में कुल 15 सदस्य होते हैं। इनमें अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस और ब्रिटेन पांच स्थायी सदस्य हैं, जबकि 10 देश अस्थायी सदस्य के रूप में चुने जाते हैं। स्थायी पांचों देशों के पास वीटो का अधिकार है। भारत अब तक आठ बार अस्थायी सदस्य के रूप में सुरक्षा परिषद में रह चुका है। उसका सबसे हालिया कार्यकाल 2021-22 में था।

चीन की भूमिका क्यों अहम है?

भारत की स्थायी सदस्यता के मामले में सबसे बड़ी जटिलताओं में से एक मौजूदा स्थायी सदस्यों की सहमति है। सुरक्षा परिषद में सुधार के लिए संयुक्त राष्ट्र चार्टर में बदलाव की प्रक्रिया होती है, इसलिए केवल कई देशों का समर्थन मिलना पर्याप्त नहीं है। मौजूदा स्थायी सदस्यों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहती है।

चीन भारत की तरह जापान की स्थायी सदस्यता का भी समर्थन नहीं करता और G4 के प्रस्ताव को लेकर उसका रुख अलग रहा है। हालांकि, चीन और रूस ने हाल में BRICS घोषणा में भारत और ब्राजील की संयुक्त राष्ट्र में बड़ी भूमिका का समर्थन दोहराया है।

भारत के समर्थन में बढ़ता दायरा

भारत की दावेदारी को G4 साझेदारों के अलावा कई देशों का समर्थन मिलता रहा है। अब V4 के चार देशों का सामूहिक समर्थन इस मुद्दे को लेकर भारत के कूटनीतिक प्रयासों में एक नया घटनाक्रम है। हालांकि, स्थायी सदस्यता हासिल करने की प्रक्रिया लंबी और जटिल है और इसके लिए व्यापक अंतरराष्ट्रीय सहमति जरूरी होगी।

खुशखबरी का सुपर ऐलान! यूपी में 1 नई भर्ती शुरू, सैलरी भी शानदार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए काम की खबर है। UPSSSC ने पशुपालन विभाग में वेटरिनरी फार्मासिस्ट के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करने का ऐलान किया है। इस भर्ती के जरिए कुल 1,308 पद भरे जाएंगे। आवेदन ऑनलाइन माध्यम से लिए जाएंगे।

1,308 पदों पर होगी भर्ती

यह भर्ती उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की Veterinary Pharmacist Main Examination (PET-2025)/18 के तहत आयोजित की जा रही है। इसके अंतर्गत पशुपालन निदेशालय में वेटरिनरी फार्मासिस्ट के 1,308 पद निर्धारित किए गए हैं।

PET-2025 वाले अभ्यर्थी

इस भर्ती में हर उम्मीदवार आवेदन नहीं कर सकता। आवेदन के लिए PET-2025 में शामिल होना और वैध स्कोर कार्ड होना जरूरी है। आयोग द्वारा निर्धारित पात्रता के अनुसार संबंधित उम्मीदवार का सामान्यीकृत/निरपेक्ष स्कोर वैध और गैर-नकारात्मक होना चाहिए।

14 सितंबर से शुरू हुआ आवेदन

ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 14 सितंबर 2026 से शुरू होगी और इच्छुक उम्मीदवार 5 अक्टूबर 2026 तक आवेदन कर सकेंगे। आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। उम्मीदवारों को आवेदन करने से पहले भर्ती की विस्तृत शर्तें और अपनी पात्रता जरूर जांच लेनी चाहिए। आवेदन के लिए आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsssc.gov.in का इस्तेमाल करना होगा।

पशुपालन विभाग में मिलेगा मौका

इस भर्ती का संचालन UPSSSC कर रहा है, जबकि संबंधित विभाग उत्तर प्रदेश का पशुपालन निदेशालय है। वेटरिनरी फार्मासिस्ट के पद पर चयन पाने वाले अभ्यर्थियों को पशु चिकित्सा से जुड़े विभागीय कार्यों में जिम्मेदारी निभानी होगी।

बिहार में बनेगा नया ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट, इन जिलों के लिए बड़ी खुशखबरी!

पटना। बिहार के कैमूर और रोहतास जिले के लोगों के लिए एयर कनेक्टिविटी को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। कैमूर के रामपुर प्रखंड में नए एयरपोर्ट के लिए करीब 160 एकड़ जमीन चिन्हित की गई है। जिला प्रशासन की ओर से जमीन से संबंधित प्रस्ताव और नक्शा नागरिक विमानन विभाग को भेज दिया गया है। अब आगे की प्रक्रिया में यह जांच की जाएगी कि चुनी गई जमीन एयरपोर्ट निर्माण के लिए तकनीकी रूप से उपयुक्त है या नहीं।

तीन जगहों पर चिन्हित हुई जमीन

प्रस्तावित एयरपोर्ट के लिए रामपुर प्रखंड के सबार, पाली और रामपुर मौजा में जमीन चिह्नित की गई है। तीनों क्षेत्रों को मिलाकर करीब 160 एकड़ जमीन उपलब्ध बताई गई है। खास बात यह है कि यह स्थान बनारस-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे के आसपास है। इससे भविष्य में सड़क के जरिए एयरपोर्ट तक पहुंच आसान होने की उम्मीद है।

अब जमीन की होगी तकनीकी जांच

जमीन का प्रस्ताव भेजे जाने के बाद अब इसकी विस्तृत जांच का चरण शुरू होगा। नागरिक विमानन विभाग ने कैमूर और रोहतास के जिलाधिकारियों से जरूरी जानकारियां मांगी हैं। इसके बाद भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण यानी AAI की टीम स्थल का निरीक्षण कर सकती है। जांच में यह देखा जाएगा कि प्रस्तावित स्थान विमान संचालन और एयरपोर्ट निर्माण के लिहाज से कितना उपयुक्त है।

मांगी गई जमीन से जुड़ी कई जानकारियां

विभाग ने जमीन की सही स्थिति समझने के लिए कई तरह के दस्तावेज और तकनीकी विवरण मांगे हैं। इसमें जमीन की लोकेशन और खसरा नंबर वाला नक्शा, लंबाई-चौड़ाई का विवरण, सर्वे ऑफ इंडिया का नक्शा और पिछले 10 वर्षों का मौसम संबंधी रिकॉर्ड शामिल है। इसके अलावा हवा की दिशा और गति तथा जमीन की ऊंचाई-निचाई की जानकारी भी जुटाई जाएगी। इससे एयरपोर्ट के लिए रनवे और अन्य जरूरी ढांचे की संभावनाओं का आकलन किया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने की थी यहां एयरपोर्ट की घोषणा

कैमूर-रोहतास क्षेत्र में एयरपोर्ट बनाने की घोषणा मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुंडेश्वरी धाम में आयोजित सहयोग यात्रा के दौरान की थी। इसके बाद प्रशासन ने उपयुक्त जमीन तलाशने की प्रक्रिया शुरू की। अब रामपुर प्रखंड में जमीन चिन्हित होने के बाद प्रस्ताव को आगे बढ़ाया गया है।

खुशखबरी का डबल ऐलान! बिहार में 2 नई भर्ती शुरू, तुरंत करें आवेदन

पटना। बिहार में  नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक साथ दो मौके सामने आए हैं। एक भर्ती बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग (BPSSC) की ओर से कंपनी कमांडर के पदों के लिए है, जबकि दूसरी भर्ती केंद्रीय विद्यालय गया और बोधगया में शिक्षकों के पदों पर होगी। दोनों भर्तियों के लिए आवेदन प्रक्रिया और चयन का तरीका अलग है।

1 .BPSSC में कंपनी कमांडर के 65 पद

बिहार पुलिस अवर सेवा आयोग ने कंपनी कमांडर के 65 पदों पर भर्ती के लिए अधिसूचना जारी की है। इस भर्ती के लिए ऑनलाइन आवेदन 10 सितंबर 2026 से 10 अक्टूबर 2026 तक किए जा सकते हैं।

इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आवेदन की प्रक्रिया पूरी करने के लिए BPSSC की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को पद की शैक्षणिक योग्यता, आयु सीमा और अन्य निर्धारित शर्तों की जानकारी भर्ती विज्ञापन में जरूर देखनी चाहिए।

2 .केंद्रीय विद्यालयों में शिक्षकों को मौका

दूसरी ओर, केंद्रीय विद्यालय गया और बोधगया में शिक्षकों की भर्ती के लिए वॉक-इन प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए वॉक-इन की तारीख 25 और 26 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है।

इस भर्ती में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को संबंधित केंद्रीय विद्यालय की ओर से जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित स्थान पर पहुंचना होगा। अलग-अलग शिक्षक पदों के लिए योग्यता और अन्य शर्तें विद्यालय की भर्ती सूचना में दी गई हैं।

आवेदन से पहले ये जरूर देखें

BPSSC की भर्ती में आवेदन ऑनलाइन होगा, जबकि केंद्रीय विद्यालय की शिक्षक भर्ती में वॉक-इन प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इसलिए उम्मीदवार अंतिम तारीख का इंतजार करने के बजाय पहले से जरूरी दस्तावेज तैयार रखें और संबंधित भर्ती की पात्रता जांच लें।

बिहार के लोगों के लिए खुशखबरी! 12 जिलों से गुजरेगा 6-लेन कॉरिडोर, सफर होगा आसान

पटना: बिहार समेत पूर्वी भारत में सड़क कनेक्टिविटी को नई रफ्तार देने वाली रक्सौल-हल्दिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे परियोजना पर काम आगे बढ़ रहा है। करीब 6-लेन वाला यह एक्सप्रेस-वे बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल को जोड़ते हुए भारत-नेपाल व्यापार के लिए भी अहम कड़ी बन सकता है।

बिहार के 12 जिलों को मिलेगा फायदा

प्रस्तावित रूट बिहार के करीब 12 जिलों से होकर गुजरेगा। इनमें पूर्वी चंपारण, शिवहर, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, समस्तीपुर, बेगूसराय, खगड़िया, लखीसराय, मुंगेर, जमुई और बांका शामिल हैं। बिहार में इसका सबसे लंबा हिस्सा बनने की योजना है।

रक्सौल से हल्दिया तक सीधा संपर्क

करीब 650 से 719 किलोमीटर लंबी प्रस्तावित परियोजना भारत-नेपाल सीमा के रक्सौल से शुरू होकर पश्चिम बंगाल के हल्दिया पोर्ट तक पहुंचेगी। नियंत्रित प्रवेश-निकास वाली इस सड़क को करीब 120 किमी प्रति घंटे की गति के अनुकूल तैयार करने की योजना है। इससे माल ढुलाई और लंबी दूरी के सफर में समय बचाने में मदद मिल सकती है।

व्यापार और रोजगार को बढ़ावा

रक्सौल क्षेत्र पहले से नेपाल के साथ व्यापार के लिए महत्वपूर्ण है। एक्सप्रेस-वे बनने से मालवाहक वाहनों की आवाजाही आसान होने के साथ लॉजिस्टिक्स गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके आसपास वेयरहाउसिंग और औद्योगिक गतिविधियां विकसित होने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बन सकते हैं।

2028 तक पूरा करने का लक्ष्य

परियोजना की अनुमानित लागत करीब 39 हजार से 54 हजार करोड़ रुपये बताई गई है। भूमि संबंधी प्रक्रियाओं और अन्य तैयारियों को आगे बढ़ाया जा रहा है। परियोजना को 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके तैयार होने पर बिहार से झारखंड और पश्चिम बंगाल की कनेक्टिविटी भी मजबूत होने की उम्मीद है।

यूपी में किसानों को खुशखबरी, फ्री मिलेगा सरसों और मसूर का बीज

न्यूज डेस्क: रबी सीजन की तैयारी कर रहे किसानों के लिए राहत की खबर है। कृषि विभाग की ओर से किसानों को सरसों और मसूर के बीज किट मुफ्त उपलब्ध कराए जाएंगे। योजना का लाभ लेने के लिए पात्र किसान ऑनलाइन बुकिंग करा सकते हैं। इसके अलावा राजकीय कृषि बीज भंडार पर भी बुकिंग की सुविधा दी गई है।

इतने बीज किट होंगे वितरित

कृषि विभाग के मुताबिक सीतापुर जिले में मसूर के 1,500 और सरसों के 12,000 बीज किट निशुल्क बांटे जाने हैं। अगर निर्धारित संख्या से ज्यादा किसानों के आवेदन आते हैं तो लाभार्थियों का चयन ई-लॉटरी के जरिए किया जाएगा।

इन बीजों पर मिलेगा 50% अनुदान

मुफ्त बीज के अलावा सामान्य श्रेणी में भी बीज उपलब्ध कराया गया है। इसमें मसूर के 1,300 किट, सरसों के 82 क्विंटल और गेहूं के 20 हजार क्विंटल बीज शामिल हैं। इन बीजों को किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान के साथ उपलब्ध कराया जाएगा।

फार्मर आईडी जरूरी

योजना का लाभ लेने के लिए किसान के पास किसान पहचान पत्र यानी फार्मर आईडी होना जरूरी है। बिना फार्मर आईडी वाले किसान इस योजना के लिए पात्र नहीं होंगे। इच्छुक किसान कृषि विभाग के पोर्टल agriculture.up.gov.in पर जाकर ऑनलाइन बुकिंग कर सकते हैं। समय रहते आवेदन करने से किसान रबी फसल की बुवाई के लिए बीज की व्यवस्था कर सकेंगे।

बिहार में बनेगा 4-लेन बाईपास, इस जिले के लिए बड़ी खुशखबरी

अरवल: बिहार के अरवल जिले में सड़क कनेक्टिविटी को बेहतर करने की दिशा में एक अहम परियोजना सामने आई है। NH-139 के नौबतपुर-हरिहरगंज मार्ग पर करीब 12.3 किलोमीटर लंबा फोरलेन बाईपास बनाने की तैयारी है। इसके तैयार होने के बाद शहर और व्यस्त इलाकों से गुजरने वाले वाहनों को वैकल्पिक रास्ता मिल सकेगा।

269 करोड़ से तैयार होगा बाईपास

प्रस्तावित बाईपास के निर्माण पर करीब 269.53 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। फिलहाल परियोजना टेंडर प्रक्रिया में है। यानी अभी निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ है। टेंडर पूरा होने और एजेंसी के चयन के बाद सड़क निर्माण का रास्ता साफ होगा।

730 दिन में पूरा करने का लक्ष्य

परियोजना के तहत NH-139 के किलोमीटर 54.200 से 66.500 के बीच सड़क बनाई जाएगी। निर्माण पूरा करने के लिए करीब 730 दिन यानी दो साल की अवधि तय की गई है।

अक्टूबर में खुलेगा टेंडर

ठेकेदारों के लिए टेंडर जमा करने की अंतिम तारीख 15 अक्टूबर 2026 निर्धारित है, जबकि तकनीकी प्रक्रिया के तहत टेंडर 23 अक्टूबर को खोला जाएगा। इससे पहले 24 सितंबर को प्री-बिड बैठक आयोजित होगी।

ट्रैफिक दबाव घटने की उम्मीद

फोरलेन बाईपास बनने के बाद वाहनों को शहर के व्यस्त हिस्सों से बचकर निकलने का रास्ता मिल सकता है। इससे मुख्य मार्ग पर ट्रैफिक का दबाव कम करने और अरवल क्षेत्र में आवागमन को आसान बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।

यूपी में बनेगी 17.2 KM लंबी डबल लेन सड़क, इन इलाकों के लिए खुशखबरी

सुलतानपुर: उत्तर प्रदेश के बिजेथुआ महावीरन धाम जाने वाले श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों के लिए राहत की खबर है। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से मुड़िला बाजार और सूरापुर होते हुए बिजेथुआ महावीरन तक करीब 17.2 किलोमीटर सड़क को डबल लेन में विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना पर लगभग 69 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

सफर होगा आसान, जाम से मिलेगी राहत

मौजूदा सड़क कई जगह संकरी और खराब होने के कारण एक्सप्रेसवे से बिजेथुआ धाम पहुंचने में काफी समय लग जाता है। डबल लेन बनने के बाद वाहनों की आवाजाही बेहतर होने की उम्मीद है। इससे स्थानीय लोगों के साथ बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं को भी सफर में सुविधा मिलेगी।

अयोध्या और काशी से कनेक्टिविटी मजबूत

नई सड़क से अयोध्या और बिजेथुआ धाम के बीच सीधा संपर्क बेहतर होगा। वहीं बिजेथुआ से काशी विश्वनाथ तक पहले से डबल लेन सड़क उपलब्ध है। ऐसे में अयोध्या, बिजेथुआ और काशी के बीच आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को वैकल्पिक और सुगम मार्ग मिल सकेगा।

पर्यटन और स्थानीय कारोबार को भी फायदा

बेहतर सड़क संपर्क से धाम तक पहुंच आसान होने के साथ आसपास के बाजारों और स्थानीय कारोबार को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि सड़क चौड़ी होने से रोजमर्रा के आवागमन में काफी सहूलियत होगी।

26 सितंबर को लक्ष्मी नारायण योग! 4 राशियों के खुलेंगे तरक्की और धन के रास्ते

राशिफल। 26 सितंबर 2026 को ग्रहों की स्थिति में खास बदलाव होने जा रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार इस दिन बुध तुला राशि में प्रवेश करेंगे, जहां पहले से शुक्र विराजमान रहेंगे। बुध और शुक्र की यह युति लक्ष्मी नारायण योग बनाएगी। ज्योतिष में इस योग को धन, व्यापार, बुद्धि और आर्थिक प्रगति से जोड़कर देखा जाता है।

इन 4 राशियों को मिल सकता है लाभ

मेष राशि: 

इस योग के प्रभाव से कामकाज में नए अवसर मिलने की संभावना है। व्यापार करने वालों को लाभ के सौदे मिल सकते हैं और आर्थिक स्थिति मजबूत हो सकती है।

मिथुन राशि: 

नौकरी और कारोबार से जुड़े लोगों के लिए समय सकारात्मक रह सकता है। रुके हुए काम आगे बढ़ने और आय के नए रास्ते बनने के संकेत मिल सकते हैं।

तुला राशि: 

चूंकि बुध का प्रवेश तुला में होगा और शुक्र पहले से यहां मौजूद हैं, इसलिए इस राशि के जातकों के लिए यह योग विशेष महत्व रख सकता है। करियर में नई जिम्मेदारी या व्यापार में विस्तार के अवसर मिल सकते हैं।

कुंभ राशि: 

आर्थिक मामलों में सुधार के साथ नए संपर्कों से फायदा मिलने की संभावना है। निवेश या कारोबार से जुड़े फैसलों में लाभ के अवसर बन सकते हैं।

यूपी में फिर बिगड़ेगा मौसम, इन जिलों में आंधी बारिश का अलर्ट

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मौसम करवट लेने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश के साथ गरज-चमक और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल सकता है।

पूर्वी यूपी में ज्यादा असर

पूर्वी उत्तर प्रदेश में 24 से 27 सितंबर के बीच भारी बारिश की चेतावनी जारी की गई है। इस दौरान गरज-चमक और तेज हवाओं की गतिविधियां भी हो सकती हैं। वाराणसी, आजमगढ़, गोरखपुर समेत आसपास के जिलों में मौसम बदलने के आसार हैं।

पश्चिमी यूपी भी रहेगा प्रभावित

पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 25 से 27 सितंबर के दौरान भारी बारिश और गरज-चमक की संभावना है। सहारनपुर, बिजनौर, मेरठ और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को मौसम के बदलते मिजाज पर नजर रखने की सलाह है।

आंधी और बिजली को लेकर सतर्क रहें

बारिश के साथ आकाशीय बिजली और तेज हवाओं की स्थिति बन सकती है। ऐसे मौसम में लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर ढांचों के पास जाने से बचना चाहिए। बिजली चमकने के दौरान सुरक्षित जगह पर रहना ज्यादा उचित रहेगा।

मौसम विभाग के अनुसार, मानसून की वापसी की गतिविधियों के बीच यूपी में अगले कुछ दिनों में मौसम का मिजाज तेजी से बदल सकता है। इसलिए यात्रा या बाहर निकलने से पहले स्थानीय मौसम अपडेट जरूर देख लें।

बड़ी खुशखबरी! यूपी में चपरासी, स्टोनों के पदों पर भर्ती, करें आवेदन

मैनपुरी: उत्तर प्रदेश में नौकरी की तलाश कर रहे रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए काम की खबर है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), मैनपुरी ने वर्ष 2026 के लिए विभिन्न पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के जरिए पेशकार, स्टेनोग्राफर और चपरासी के कुल 3 पद भरे जाएंगे।

रिटायर्ड कर्मचारियों को मौका

इस भर्ती की खास बात यह है कि इसमें जिला न्यायालय या कलेक्ट्रेट से सेवानिवृत्त कर्मचारी आवेदन कर सकते हैं। यानी संबंधित विभाग से रिटायर हो चुके योग्य उम्मीदवारों के लिए दोबारा सेवा का अवसर उपलब्ध कराया गया है।

ऑफलाइन करना होगा आवेदन

DLSA मैनपुरी की इस भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन नहीं है। इच्छुक उम्मीदवारों को निर्धारित प्रारूप में ऑफलाइन आवेदन जमा करना होगा। आवेदन करने से पहले पद के अनुसार पात्रता और जरूरी दस्तावेजों की जानकारी नोटिफिकेशन में जरूर देख लें।

22 सितंबर तक जमा करें फॉर्म

भर्ती में शामिल होने के इच्छुक उम्मीदवारों के लिए आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 22 सितंबर 2026 निर्धारित की गई है। अंतिम तिथि के बाद प्राप्त आवेदनों पर विचार नहीं किया जाएगा।

भर्ती की जरूरी जानकारी

विभाग: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, मैनपुरी

पद: पेशकार, स्टेनोग्राफर और चपरासी

कुल पद: 3

आवेदन प्रक्रिया: ऑफलाइन

अंतिम तारीख: 22 सितंबर 2026

नौकरी का प्रकार: फुल टाइम

केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, SIM कार्ड को लेकर सख्त निर्देश

नई दिल्ली। मोबाइल सिम कार्ड के गलत इस्तेमाल को लेकर केंद्र सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने लोगों को चेतावनी दी है कि किसी व्यक्ति के पहचान दस्तावेज का उसकी जानकारी या अनुमति के बिना इस्तेमाल कर मोबाइल कनेक्शन जारी करना गंभीर अपराध है। Telecommunications Act, 2023 के तहत नियम तोड़ने पर तीन साल तक की जेल और 50 लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

बिना सहमति के 25 SIM किए गए थे एक्टिव

यह मामला छत्तीसगढ़ में सामने आया, जहां एक एजेंट ने नागरिकों के पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल करके उनकी जानकारी के बिना 25 मोबाइल कनेक्शन सक्रिय कर दिए। जानकारी मिलने के बाद DoT और टेलीकॉम कंपनियों ने कार्रवाई करते हुए संबंधित एजेंट को ब्लैकलिस्ट कर दिया। इसके बाद इन नंबरों की Digital Intelligence Platform (DIP) के माध्यम से जांच कराई गई। जिन कनेक्शनों का दोबारा सत्यापन नहीं हो सका, उन्हें बंद कर दिया गया।

IMEI से छेड़छाड़ भी कानूनन अपराध

दूरसंचार विभाग ने स्पष्ट किया है कि फर्जी तरीके से SIM जारी करना, दूरसंचार पहचान का गलत इस्तेमाल करना और IMEI नंबर में अनधिकृत बदलाव करना भी कानून के तहत गंभीर उल्लंघन है। ऐसे मामलों में दोषी पाए जाने पर निर्धारित सजा और आर्थिक दंड का प्रावधान है।

नागरिकों को भी सावधान रहने की सलाह

DoT ने लोगों से अपने पहचान दस्तावेजों और मोबाइल कनेक्शन की जानकारी को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। विभाग का कहना है कि दूरसंचार संसाधनों के दुरुपयोग को रोकना साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए जरूरी है। साथ ही इससे मोबाइल नेटवर्क की सुरक्षा और विश्वसनीयता बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।

बार-बार चढ़ती है नस? शरीर में हो सकती है इन 5 चीजों की कमी

हेल्थ डेस्क। रात में सोते समय या अचानक पैर की मांसपेशियों में तेज खिंचाव और दर्द होना आम समस्या है। इसे आम बोलचाल में नस चढ़ना कहा जाता है। कई बार शरीर में पानी या कुछ जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स और पोषक तत्वों की कमी भी मांसपेशियों में ऐंठन से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, इसके पीछे ज्यादा व्यायाम, लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहना या कुछ स्वास्थ्य समस्याएं भी हो सकती हैं।

1. पोटैशियम

पोटैशियम शरीर में मांसपेशियों और नसों के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी है। इसकी कमी होने पर कुछ लोगों में मांसपेशियों में कमजोरी या ऐंठन की शिकायत हो सकती है।

2. मैग्नीशियम

मैग्नीशियम मांसपेशियों के सामान्य कार्य में भूमिका निभाता है। इसकी कमी को मांसपेशियों में खिंचाव और ऐंठन से जोड़ा जाता है, खासकर जब शरीर में इसकी कमी अधिक हो।

3. कैल्शियम

कैल्शियम केवल हड्डियों के लिए ही नहीं, बल्कि मांसपेशियों के संकुचन के लिए भी जरूरी है। शरीर में कैल्शियम का स्तर बहुत कम होने पर मांसपेशियों में ऐंठन हो सकती है।

4. विटामिन डी

विटामिन डी शरीर में कैल्शियम के इस्तेमाल में मदद करता है। इसकी कमी से मांसपेशियों की कमजोरी और कुछ मामलों में दर्द या ऐंठन जैसी शिकायतें हो सकती हैं।

5. पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स

अधिक पसीना निकलने, गर्मी या पर्याप्त पानी नहीं पीने की स्थिति में शरीर में तरल और इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन बिगड़ सकता है। इससे मांसपेशियों में ऐंठन की समस्या बढ़ सकती है।

25 सितंबर को रवि योग का असर! इन 4 राशियों के अटके काम हो सकते हैं पूरे

राशिफल। 25 सितंबर 2026 को रवि योग का शुभ संयोग बनने जा रहा है। ज्योतिषीय गणना के अनुसार यह योग सुबह 6:11 बजे से 11:22 बजे तक रहेगा। ज्योतिष में रवि योग को शुभ कार्यों और नई शुरुआत के लिए अनुकूल माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान किए गए प्रयासों में सफलता की संभावना बढ़ सकती है। आइए जानते हैं किन 4 राशियों के लिए यह समय लाभकारी माना जा रहा है।

मेष राशि

मेष राशि वालों के लिए रवि योग कामकाज से जुड़े मामलों में सकारात्मक रह सकता है। लंबे समय से अटका कोई काम आगे बढ़ने की उम्मीद है। नौकरीपेशा लोगों को नई जिम्मेदारी मिल सकती है।

मिथुन राशि

मिथुन राशि के जातकों के लिए यह योग आर्थिक मामलों में शुभ माना जा रहा है। रुका हुआ पैसा मिलने या आय के नए अवसर बनने के संकेत मिल सकते हैं। किसी महत्वपूर्ण काम में परिवार का सहयोग भी मिल सकता है।

सिंह राशि

सिंह राशि वालों के लिए रवि योग आत्मविश्वास बढ़ाने वाला हो सकता है। कार्यक्षेत्र में आपके प्रयासों की सराहना हो सकती है। नई योजना पर काम शुरू करने के लिए भी समय अनुकूल माना जा रहा है।

धनु राशि

धनु राशि के जातकों को करियर और कारोबार में आगे बढ़ने के अवसर मिल सकते हैं। अटके हुए कार्यों को पूरा करने में सफलता मिलने की संभावना है। यात्रा या किसी नए संपर्क से भविष्य में फायदा हो सकता है।